- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- नर्मदांचल का लोकोत्सव: नर्मदा जयंती महोत्सव आज, सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे जलमंच से मां नर्मदा का पूज...
नर्मदांचल का लोकोत्सव: नर्मदा जयंती महोत्सव आज, सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे जलमंच से मां नर्मदा का पूजन-अभिषेक
Narmadapuram, MP
By दैनिक जागरण
On
मां नर्मदा देश की एकमात्र ऐसी नदी है, जो पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है। इसे मध्य प्रदेश की लाइफलाइन भी कहा जाता है। प्रदेश में इसे 'जीवंत नदी' का दर्जा प्राप्त है।
नर्मदांचल का लोकोत्सव मां नर्मदा जयंती महोत्सव आज मंगलवार को बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। शाम को जलमंच से मां नर्मदा का अभिषेक और पूजन होगा, जिसमें प्रदेश के मुखिया सीएम डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे।
जानकारी के अनुसार, दोपहर सेठानी घाट पर मां नर्मदा का जन्मोत्सव मनाया जाएगा और मुख्य कार्यक्रम शाम 5:30 बजे से होगा। इस कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव, राज्यसभा सांसद माया नारोलिया, सांसद दर्शन सिंह चौधरी, विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा सहित करीब 1 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल होंगे। इस दौरान मां नर्मदा की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी और जलमंच से मां नर्मदा का अभिषेक किया जाएगा। श्रद्धालु नर्मदा के पुण्य सलिल में लाखों दीप प्रवाहित कर नर्मदा का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाएंगे।
नर्मदा जयंती को लेकर विश्व प्रसिद्ध सेठानी घाट को नर्मदा जयंती के अवसर पर रंग-बिरंगी रोशनी से मनमोहक रूप से सजाया गया है। आचार्य पंडित सोमेश परसाई ने कहा कि मां नर्मदा वस्तुतः जीवन की धारा हैं। यह मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात की जीवनदायिनी नदी है। नर्मदा है तो कल है। जो साधना का फल लेना चाहता है, वह नर्मदा किनारे आ जाए, और जो मरणासन्न स्थिति में हो, वह गंगा किनारे आ जाए। मां नर्मदा प्रलयकाल के बाद भी बनी रहती हैं। नर्मदा गंगा से भी पुरानी नदी मानी जाती हैं। मां नर्मदा की पद-प्रदक्षिणा करने मात्र से भवसागर से पार हुआ जा सकता है। मां नर्मदा से जो भी माँगा जाए, वह प्राप्त होता है। स्कंद पुराण में उल्लेख आता है कि जब भगवान शिव तपस्या कर रहे थे, तब उनकी तपस्या से जो जल की बूंदें गिरीं, उनसे मां नर्मदा प्रकट हुईं। यही कारण है कि मां नर्मदा का महत्व अत्यधिक है, क्योंकि वे स्वयं भगवान शिव से प्रकट हुई हैं। एक अन्य विशेषता यह भी है कि अन्य देव नदियां हिमालय से निकलती हैं, किंतु मां नर्मदा वृक्षों से उत्पन्न जलधारा से प्रवाहित होती हैं।
Edited By: दैनिक जागरण
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
www.dainikjagranmpcg.com
04 Feb 2025 By दैनिक जागरण
नर्मदांचल का लोकोत्सव: नर्मदा जयंती महोत्सव आज, सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे जलमंच से मां नर्मदा का पूजन-अभिषेक
Narmadapuram, MP
नर्मदांचल का लोकोत्सव मां नर्मदा जयंती महोत्सव आज मंगलवार को बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। शाम को जलमंच से मां नर्मदा का अभिषेक और पूजन होगा, जिसमें प्रदेश के मुखिया सीएम डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे।
जानकारी के अनुसार, दोपहर सेठानी घाट पर मां नर्मदा का जन्मोत्सव मनाया जाएगा और मुख्य कार्यक्रम शाम 5:30 बजे से होगा। इस कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव, राज्यसभा सांसद माया नारोलिया, सांसद दर्शन सिंह चौधरी, विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा सहित करीब 1 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल होंगे। इस दौरान मां नर्मदा की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी और जलमंच से मां नर्मदा का अभिषेक किया जाएगा। श्रद्धालु नर्मदा के पुण्य सलिल में लाखों दीप प्रवाहित कर नर्मदा का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाएंगे।
नर्मदा जयंती को लेकर विश्व प्रसिद्ध सेठानी घाट को नर्मदा जयंती के अवसर पर रंग-बिरंगी रोशनी से मनमोहक रूप से सजाया गया है। आचार्य पंडित सोमेश परसाई ने कहा कि मां नर्मदा वस्तुतः जीवन की धारा हैं। यह मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात की जीवनदायिनी नदी है। नर्मदा है तो कल है। जो साधना का फल लेना चाहता है, वह नर्मदा किनारे आ जाए, और जो मरणासन्न स्थिति में हो, वह गंगा किनारे आ जाए। मां नर्मदा प्रलयकाल के बाद भी बनी रहती हैं। नर्मदा गंगा से भी पुरानी नदी मानी जाती हैं। मां नर्मदा की पद-प्रदक्षिणा करने मात्र से भवसागर से पार हुआ जा सकता है। मां नर्मदा से जो भी माँगा जाए, वह प्राप्त होता है। स्कंद पुराण में उल्लेख आता है कि जब भगवान शिव तपस्या कर रहे थे, तब उनकी तपस्या से जो जल की बूंदें गिरीं, उनसे मां नर्मदा प्रकट हुईं। यही कारण है कि मां नर्मदा का महत्व अत्यधिक है, क्योंकि वे स्वयं भगवान शिव से प्रकट हुई हैं। एक अन्य विशेषता यह भी है कि अन्य देव नदियां हिमालय से निकलती हैं, किंतु मां नर्मदा वृक्षों से उत्पन्न जलधारा से प्रवाहित होती हैं।
https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/narmadanchals-lokotsav-narmada-jayanti-festival-will-be-worshiped-by-cm/article-9431
खबरें और भी हैं
टाप न्यूज
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत
Published On
By Vaishnavi.J
मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त
Published On
By Vaishnavi.J
प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है
Published On
By Vaishnavi.J
भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे
Published On
By Vaishnavi.J
संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
बिजनेस
11 Jul 2026 13:27:17
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.
