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पत्रकार सुरक्षा पर गरमाई सियासत: भिंड कांड को लेकर कांग्रेस का 11 सितंबर को विशाल प्रदर्शन, NHRC ने मांगी रिपोर्ट
BHOPAL, MP
भिंड जिले में पत्रकारों के साथ हुई मारपीट और प्रताड़ना की घटनाओं ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। पुलिस पर आरोप है कि अवैध रेत खनन की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों को हिरासत में लेकर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और दबाव डालकर झूठा बयान दिलवाया गया। इस घटना ने न केवल पत्रकार संगठनों बल्कि मानवाधिकार संस्थाओं को भी गहरी चिंता में डाल दिया है।
कांग्रेस का ऐलान: 11 सितंबर को भिंड में विशाल प्रदर्शन
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए 11 सितंबर को भिंड में विशाल प्रदर्शन का ऐलान किया है। इस आंदोलन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी करेंगे, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और अन्य वरिष्ठ नेता मंच साझा करेंगे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह केवल पत्रकारों की सुरक्षा का सवाल नहीं, बल्कि नागरिकों की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की रक्षा का मुद्दा है।
घटना का सिलसिला
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पत्रकार शशिकांत गोयल (दैनिक बेजोड़ रत्न) और अमरकांत चौहान (स्वराज एक्सप्रेस, भिंड) ने चंबल नदी में अवैध रेत खनन की रिपोर्टिंग की।
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रिपोर्टिंग से नाराज़ पुलिस ने कथित तौर पर उन्हें "सबक सिखाने" की कोशिश की।
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पत्रकारों समेत दर्जनभर से ज्यादा लोगों को एसपी कार्यालय बुलाकर कपड़े उतरवाकर पिटाई की गई।
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इसके बाद उनसे जबरन एक वीडियो बयान दिलवाया गया कि "मामला सुलझ गया है"—जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर उनकी विश्वसनीयता पर हमला किया गया।
प्रेस और मानवाधिकार संस्थान सक्रिय
इस मामले पर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कड़ा रुख अपनाया है और मध्यप्रदेश पुलिस महानिदेशक, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया व मानवाधिकार आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए 2 सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
नेताओं और पत्रकारों की तीखी प्रतिक्रिया
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. गोविंद सिंह ने कहा—
“भिंड पुलिस की यह गुंडागर्दी केवल पत्रकारों के लिए नहीं, बल्कि पूरे जिले के नागरिकों के लिए खतरे की घंटी है। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई न होना दिखाता है कि उन्हें संरक्षण मिला हुआ है।”
वरिष्ठ पत्रकार व प्रेस क्लब सदस्य मनोज शर्मा ने कहा—
“पत्रकारों पर हमला लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। यदि सच्चाई बताने वालों की सुरक्षा नहीं रही तो लोकतंत्र की नींव हिल जाएगी। दोषियों पर तत्काल कार्रवाई आवश्यक है।”
आंदोलन में बड़े चेहरे होंगे शामिल
11 सितंबर को होने वाले इस आंदोलन में कांग्रेस के दिग्गज नेता—हरीश चौधरी, उमंग सिंघार, विवेक तनखा समेत कई कद्दावर नेता शामिल होंगे। पार्टी का दावा है कि यह प्रदर्शन केवल कांग्रेस का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का सामूहिक आंदोलन होगा।
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पत्रकार सुरक्षा पर गरमाई सियासत: भिंड कांड को लेकर कांग्रेस का 11 सितंबर को विशाल प्रदर्शन, NHRC ने मांगी रिपोर्ट
BHOPAL, MP
भिंड जिले में पत्रकारों के साथ हुई मारपीट और प्रताड़ना की घटनाओं ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। पुलिस पर आरोप है कि अवैध रेत खनन की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों को हिरासत में लेकर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और दबाव डालकर झूठा बयान दिलवाया गया। इस घटना ने न केवल पत्रकार संगठनों बल्कि मानवाधिकार संस्थाओं को भी गहरी चिंता में डाल दिया है।
कांग्रेस का ऐलान: 11 सितंबर को भिंड में विशाल प्रदर्शन
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए 11 सितंबर को भिंड में विशाल प्रदर्शन का ऐलान किया है। इस आंदोलन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी करेंगे, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और अन्य वरिष्ठ नेता मंच साझा करेंगे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह केवल पत्रकारों की सुरक्षा का सवाल नहीं, बल्कि नागरिकों की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की रक्षा का मुद्दा है।
घटना का सिलसिला
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पत्रकार शशिकांत गोयल (दैनिक बेजोड़ रत्न) और अमरकांत चौहान (स्वराज एक्सप्रेस, भिंड) ने चंबल नदी में अवैध रेत खनन की रिपोर्टिंग की।
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रिपोर्टिंग से नाराज़ पुलिस ने कथित तौर पर उन्हें "सबक सिखाने" की कोशिश की।
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पत्रकारों समेत दर्जनभर से ज्यादा लोगों को एसपी कार्यालय बुलाकर कपड़े उतरवाकर पिटाई की गई।
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इसके बाद उनसे जबरन एक वीडियो बयान दिलवाया गया कि "मामला सुलझ गया है"—जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर उनकी विश्वसनीयता पर हमला किया गया।
प्रेस और मानवाधिकार संस्थान सक्रिय
इस मामले पर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कड़ा रुख अपनाया है और मध्यप्रदेश पुलिस महानिदेशक, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया व मानवाधिकार आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए 2 सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
नेताओं और पत्रकारों की तीखी प्रतिक्रिया
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. गोविंद सिंह ने कहा—
“भिंड पुलिस की यह गुंडागर्दी केवल पत्रकारों के लिए नहीं, बल्कि पूरे जिले के नागरिकों के लिए खतरे की घंटी है। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई न होना दिखाता है कि उन्हें संरक्षण मिला हुआ है।”
वरिष्ठ पत्रकार व प्रेस क्लब सदस्य मनोज शर्मा ने कहा—
“पत्रकारों पर हमला लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। यदि सच्चाई बताने वालों की सुरक्षा नहीं रही तो लोकतंत्र की नींव हिल जाएगी। दोषियों पर तत्काल कार्रवाई आवश्यक है।”
आंदोलन में बड़े चेहरे होंगे शामिल
11 सितंबर को होने वाले इस आंदोलन में कांग्रेस के दिग्गज नेता—हरीश चौधरी, उमंग सिंघार, विवेक तनखा समेत कई कद्दावर नेता शामिल होंगे। पार्टी का दावा है कि यह प्रदर्शन केवल कांग्रेस का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का सामूहिक आंदोलन होगा।
