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सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, मिले सिर्फ दो वोट, पद से हटाई गईं
SATNA, MP
सरपंच इमरती देवी पर पहले से ही धारा 40 के तहत जांच चल रही थी. उन पर जमीन पर अवैध कब्जे और अन्य अनियमितताओं के आरोप लगे थे. वोटिंग के दौरान पंचायत भवन के बाहर माहौल गर्म रहा.
मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक महिला सरपंच को विश्वास मत नहीं मिलने पर पद से हटा दिया गया. मामला उचेहरा विकासखंड के ग्राम पंचायत भरहटा का है. सरपंच इमरती देवी विश्वकर्मा को सिर्फ दो वोट मिले, जबकि 10 पंचों ने उनके खिलाफ वोट दिया. दरअसल, इमरती देवी को वर्ष 2022 में ग्राम पंचायत का सरपंच चुना गया था. आरोप है कि सरपंच बनने के बाद उन्होंने पंचों को कभी भी महत्व नहीं दिया. साथ ही पंचायत मुख्यालय में भी रहना जरूरी नहीं समझा. इससे गांव के लोग और पंचों में नाराजगी बढ़ती गई.
कैसे हुई कार्रवाई ?
नाराज पंचों ने सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की शिकायत की. शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने वोटिंग का आदेश दिया. शुक्रवार को तहसीलदार की मौजूदगी में ग्राम पंचायत भवन में वोटिंग हुई. कुल 13 वोट डाले गए. इनमें से 10 वोट सरपंच के खिलाफ गए. 2 वोट सरपंच के पक्ष में पड़े. 1 वोट अवैध मानकर रद्द कर दिया गया.
पहले से चल रही थी जांच
सरपंच इमरती देवी पर पहले से ही धारा 40 के तहत जांच चल रही थी. उन पर जमीन पर अवैध कब्जे और अन्य अनियमितताओं के आरोप लगे थे. वोटिंग के दौरान पंचायत भवन के बाहर माहौल गर्म रहा. प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे. पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई और रिपोर्ट SDM को भेज दी गई है. माना जा रहा है कि जांच कर आगे की प्रभार के लिए प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
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सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, मिले सिर्फ दो वोट, पद से हटाई गईं
SATNA, MP
मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक महिला सरपंच को विश्वास मत नहीं मिलने पर पद से हटा दिया गया. मामला उचेहरा विकासखंड के ग्राम पंचायत भरहटा का है. सरपंच इमरती देवी विश्वकर्मा को सिर्फ दो वोट मिले, जबकि 10 पंचों ने उनके खिलाफ वोट दिया. दरअसल, इमरती देवी को वर्ष 2022 में ग्राम पंचायत का सरपंच चुना गया था. आरोप है कि सरपंच बनने के बाद उन्होंने पंचों को कभी भी महत्व नहीं दिया. साथ ही पंचायत मुख्यालय में भी रहना जरूरी नहीं समझा. इससे गांव के लोग और पंचों में नाराजगी बढ़ती गई.
कैसे हुई कार्रवाई ?
नाराज पंचों ने सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की शिकायत की. शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने वोटिंग का आदेश दिया. शुक्रवार को तहसीलदार की मौजूदगी में ग्राम पंचायत भवन में वोटिंग हुई. कुल 13 वोट डाले गए. इनमें से 10 वोट सरपंच के खिलाफ गए. 2 वोट सरपंच के पक्ष में पड़े. 1 वोट अवैध मानकर रद्द कर दिया गया.
पहले से चल रही थी जांच
सरपंच इमरती देवी पर पहले से ही धारा 40 के तहत जांच चल रही थी. उन पर जमीन पर अवैध कब्जे और अन्य अनियमितताओं के आरोप लगे थे. वोटिंग के दौरान पंचायत भवन के बाहर माहौल गर्म रहा. प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे. पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई और रिपोर्ट SDM को भेज दी गई है. माना जा रहा है कि जांच कर आगे की प्रभार के लिए प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
