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मुस्लिम दुकानदारों की स्वदेशी मेले में नो एंट्री! दमोह में दुकान बंद करा कर भगाया
Damoh, MP
मध्य प्रदेश के दामोह में आयोजित हो रहे स्वदेशी मेले में मुसलमानों के दुकान लगाने पर पाबंदी लगा दी गई है. हालांकि अब इस मामले में दमोह कलेक्टर ने जांच का आश्वासन दिया है.
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के दमोह (Damoh) के स्वदेशी मेले में मुस्लिम दुकानदारों के साथ भेदभाव का मामला सामने आया है. यहां मुस्लिम दुकानदारों की दुकानों पर पाबंदी लगा दी गई है. इतना ही नहीं जो मुस्लिम दुकानदार मेले में पहले से दुकाने लगाए हुए थे, उन्हें भी मेले से बाहर कर दिया गया है.
स्वदेशी मेले में मुस्लिम व्यापारियों पर प्रतिबंध
बता दें कि इस मेले में एमपी, यूपी, कश्मीर सहित देश के दूसरे राज्यों के व्यापारी अपनी अपनी दुकान लगाए थे. वहीं मेला समिति ने दुकानदारों से बाकायदा किराया लेकर इन दुकानों को यहां जगह दी थी, लेकिन अब इन दुकानदारों की एंट्री को बैन कर दिया गया है. हालांकि शिकायत मिलने के बाद दमोह कलेक्टर ने जांच का आश्वासन दिया है.
दरअसल, दमोह के तहसील मैदान पर बीते 14 नवंबर से 24 नवंबर तक सार्वजनिक मेले का आयोजन किया गया है, जिसका नाम स्वदेशी मेला दिया गया है. इस मेले का आयोजन स्थानीय संस्कृति से लोगों को रूबरू कराने और घरेलू उत्पादों के प्रति लोगों को आकर्षित करना है, ताकि लोग विदेशी चीजों और उत्पादों से दूर रहें.
किराया लेकर दुकानदारों को दी गई थी जगह
एक दर्जन से अधिक मुस्लिम दुकानदारों ने किराया देकर दुकान अलॉट कराई थी और दूर प्रदेशों से व्यापार करने आए थे, लेकिन अचानक दुकान बंद होने से उन्हें काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है.
आगरा से आए दुकानदार मुहम्मद रशीद ने आगे बताया कि यहां 8-10 हजार रुपये किराया दिया हुआ है और अब समिति के लोगों ने यहां से जाने के लिए कहा है. इन लोगों ने हमारे रुपये भी वापस नहीं किए.
जांच का कलेक्टर ने दिया आश्वासन
इधर, शिकायत मिलने के बाद दमोह कलेक्टर ने जांच का आश्वासन दिया है. हालांकि कलेक्टर सरकारी सुविधाओं से भरपूर इस मेले को संस्था का व्यक्तिगत मामला बता रहे हैं. वहीं स्वदेशी मेला में मुस्लिम दुकानदारों की नो एंट्री के बाद समाज विशेष में आक्रोश का माहौल है.
कलेक्टर ने इसे व्यक्तिगत मामला बताया
स्वदेशी जागरण मंच द्वारा सरकारी मैदान पर आयोजित होने वाले स्वदेशी मेले में सभी सरकारी विभाग के स्टॉल लगे हुए हैं और उनमें समरसता का ज्ञान बांटा जा रहा है, लेकिन दमोह कलेक्टर सरकारी सुविधाओं से भरपूर इस मेले को संस्था का व्यक्तिगत मामला बता रहे हैं.
दमोह के जिला कलेक्टर ने बताया कि ये कार्यक्रम सरकार की नहीं है. यह कार्यक्रम स्वदेशी जागरण मंच का है. वो किसे इस कार्यक्रम में बुलाते हैं या किसे नहीं बुलाते हैं ये उनके अधिकार क्षेत्र का विषय है.
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मुस्लिम दुकानदारों की स्वदेशी मेले में नो एंट्री! दमोह में दुकान बंद करा कर भगाया
Damoh, MP
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के दमोह (Damoh) के स्वदेशी मेले में मुस्लिम दुकानदारों के साथ भेदभाव का मामला सामने आया है. यहां मुस्लिम दुकानदारों की दुकानों पर पाबंदी लगा दी गई है. इतना ही नहीं जो मुस्लिम दुकानदार मेले में पहले से दुकाने लगाए हुए थे, उन्हें भी मेले से बाहर कर दिया गया है.
स्वदेशी मेले में मुस्लिम व्यापारियों पर प्रतिबंध
बता दें कि इस मेले में एमपी, यूपी, कश्मीर सहित देश के दूसरे राज्यों के व्यापारी अपनी अपनी दुकान लगाए थे. वहीं मेला समिति ने दुकानदारों से बाकायदा किराया लेकर इन दुकानों को यहां जगह दी थी, लेकिन अब इन दुकानदारों की एंट्री को बैन कर दिया गया है. हालांकि शिकायत मिलने के बाद दमोह कलेक्टर ने जांच का आश्वासन दिया है.
दरअसल, दमोह के तहसील मैदान पर बीते 14 नवंबर से 24 नवंबर तक सार्वजनिक मेले का आयोजन किया गया है, जिसका नाम स्वदेशी मेला दिया गया है. इस मेले का आयोजन स्थानीय संस्कृति से लोगों को रूबरू कराने और घरेलू उत्पादों के प्रति लोगों को आकर्षित करना है, ताकि लोग विदेशी चीजों और उत्पादों से दूर रहें.
किराया लेकर दुकानदारों को दी गई थी जगह
एक दर्जन से अधिक मुस्लिम दुकानदारों ने किराया देकर दुकान अलॉट कराई थी और दूर प्रदेशों से व्यापार करने आए थे, लेकिन अचानक दुकान बंद होने से उन्हें काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है.
आगरा से आए दुकानदार मुहम्मद रशीद ने आगे बताया कि यहां 8-10 हजार रुपये किराया दिया हुआ है और अब समिति के लोगों ने यहां से जाने के लिए कहा है. इन लोगों ने हमारे रुपये भी वापस नहीं किए.
जांच का कलेक्टर ने दिया आश्वासन
इधर, शिकायत मिलने के बाद दमोह कलेक्टर ने जांच का आश्वासन दिया है. हालांकि कलेक्टर सरकारी सुविधाओं से भरपूर इस मेले को संस्था का व्यक्तिगत मामला बता रहे हैं. वहीं स्वदेशी मेला में मुस्लिम दुकानदारों की नो एंट्री के बाद समाज विशेष में आक्रोश का माहौल है.
कलेक्टर ने इसे व्यक्तिगत मामला बताया
स्वदेशी जागरण मंच द्वारा सरकारी मैदान पर आयोजित होने वाले स्वदेशी मेले में सभी सरकारी विभाग के स्टॉल लगे हुए हैं और उनमें समरसता का ज्ञान बांटा जा रहा है, लेकिन दमोह कलेक्टर सरकारी सुविधाओं से भरपूर इस मेले को संस्था का व्यक्तिगत मामला बता रहे हैं.
दमोह के जिला कलेक्टर ने बताया कि ये कार्यक्रम सरकार की नहीं है. यह कार्यक्रम स्वदेशी जागरण मंच का है. वो किसे इस कार्यक्रम में बुलाते हैं या किसे नहीं बुलाते हैं ये उनके अधिकार क्षेत्र का विषय है.
