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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के स्वागत में सजा ओंकारेश्वर, हाई अलर्ट पर तीर्थ नगरी
Digital Desk
ज्योतिर्लिंग दर्शन-पूजन के लिए आज पहुंचेंगी राष्ट्रपति, 2600 सुरक्षाकर्मी तैनात; कई घंटों तक दर्शन और यातायात रहेगा प्रभावित
देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ओंकारेश्वर दौरे को लेकर पूरी तीर्थ नगरी विशेष सुरक्षा घेरे में आ गई है। राष्ट्रपति 18 और 19 जून को मध्यप्रदेश के खंडवा जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी। उनके आगमन को लेकर प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पिछले कई दिनों से तैयारियों में जुटी हुई हैं। ओंकारेश्वर को आकर्षक तरीके से सजाया गया है और प्रमुख मार्गों पर साफ-सफाई के साथ सुरक्षा इंतजाम भी मजबूत किए गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बुधवार शाम ओंकारेश्वर पहुंचकर भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और पूजन करेंगी। इस दौरान राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उनके साथ मौजूद रहेंगे। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। प्रशासन ने 17 जून से 19 जून तक ओंकारेश्वर क्षेत्र को नो-ड्रोन जोन घोषित किया है। इस अवधि में ड्रोन, पैरामोटर, पैराग्लाइडर और अन्य उड़ने वाले उपकरणों के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप, प्रेसिडेंट बॉडीगार्ड, अर्धसैनिक बल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त तैनाती की गई है। करीब 2600 सुरक्षाकर्मी ओंकारेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में तैनात रहेंगे। सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रपति के आगमन से पहले कोठी हेलीपेड, एनएचडीसी गेस्ट हाउस और ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर तक कई बार रिहर्सल की। सेना के हेलीकॉप्टरों ने भी हेलीपेड पर लैंडिंग और टेकऑफ का अभ्यास किया। सुरक्षा जांच के दौरान कई बार यातायात को भी अस्थायी रूप से रोका गया। बुधवार को राष्ट्रपति के प्रस्तावित मार्ग पर प्रशासन और सुरक्षा बलों ने फुल ड्रेस रिहर्सल की। निर्धारित रूट पर 25 से 30 वाहनों का काफिला निकाला गया और विभिन्न सुरक्षा बिंदुओं की समीक्षा की गई। रिहर्सल के दौरान कोठी हेलीपेड से लेकर मंदिर परिसर तक यातायात कुछ समय के लिए पूरी तरह रोक दिया गया। मोरटक्का और सनावद की ओर से आने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया गया। राष्ट्रपति के दौरे के चलते श्रद्धालुओं को भी कुछ असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन के अनुसार राष्ट्रपति के मंदिर पहुंचने से लगभग तीन घंटे पहले सामान्य दर्शन व्यवस्था बंद कर दी जाएगी। दोपहर से लेकर रात करीब 8 बजे तक ज्योतिर्लिंग के दर्शन प्रभावित रह सकते हैं। इसके अलावा दिनभर वीआईपी मूवमेंट के कारण कई बार ट्रैफिक रोका जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा की योजना बनाते समय अतिरिक्त समय का ध्यान रखें। सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम स्थल और मंदिर परिसर के आसपास कई वस्तुओं के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। नागरिकों को हथियार, विस्फोटक सामग्री, ज्वलनशील पदार्थ, चाकू, बड़े बैग, लेजर लाइट, ड्रोन, कैमरा युक्त उड़ने वाले उपकरण और अन्य प्रतिबंधित सामग्री लेकर आने की अनुमति नहीं होगी। सुरक्षा जांच के बाद ही लोगों को निर्धारित क्षेत्रों में प्रवेश दिया जाएगा।
राष्ट्रपति के दौरे का दूसरा महत्वपूर्ण कार्यक्रम 19 जून को आयोजित होने वाला राज्य स्तरीय सिकल सेल जागरूकता कार्यक्रम है। विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम की तैयारियां कोठी के पास थापना क्षेत्र में की गई हैं। राष्ट्रपति सुबह लगभग 10 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगी और वहां लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगी। इसके बाद वे कार्यक्रम को संबोधित भी करेंगी। राज्य सरकार इस आयोजन को जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सभी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं। जिले के वरिष्ठ अधिकारी लगातार तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल, यातायात और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।ओंकारेश्वर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा धार्मिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर जहां वे देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में शामिल ओंकारेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी, वहीं दूसरी ओर सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाले कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगी। ऐसे में पूरे क्षेत्र में उत्साह के साथ-साथ सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता भी देखने को मिल रही है।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के स्वागत में सजा ओंकारेश्वर, हाई अलर्ट पर तीर्थ नगरी
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देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ओंकारेश्वर दौरे को लेकर पूरी तीर्थ नगरी विशेष सुरक्षा घेरे में आ गई है। राष्ट्रपति 18 और 19 जून को मध्यप्रदेश के खंडवा जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी। उनके आगमन को लेकर प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पिछले कई दिनों से तैयारियों में जुटी हुई हैं। ओंकारेश्वर को आकर्षक तरीके से सजाया गया है और प्रमुख मार्गों पर साफ-सफाई के साथ सुरक्षा इंतजाम भी मजबूत किए गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बुधवार शाम ओंकारेश्वर पहुंचकर भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और पूजन करेंगी। इस दौरान राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उनके साथ मौजूद रहेंगे। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। प्रशासन ने 17 जून से 19 जून तक ओंकारेश्वर क्षेत्र को नो-ड्रोन जोन घोषित किया है। इस अवधि में ड्रोन, पैरामोटर, पैराग्लाइडर और अन्य उड़ने वाले उपकरणों के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप, प्रेसिडेंट बॉडीगार्ड, अर्धसैनिक बल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त तैनाती की गई है। करीब 2600 सुरक्षाकर्मी ओंकारेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में तैनात रहेंगे। सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रपति के आगमन से पहले कोठी हेलीपेड, एनएचडीसी गेस्ट हाउस और ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर तक कई बार रिहर्सल की। सेना के हेलीकॉप्टरों ने भी हेलीपेड पर लैंडिंग और टेकऑफ का अभ्यास किया। सुरक्षा जांच के दौरान कई बार यातायात को भी अस्थायी रूप से रोका गया। बुधवार को राष्ट्रपति के प्रस्तावित मार्ग पर प्रशासन और सुरक्षा बलों ने फुल ड्रेस रिहर्सल की। निर्धारित रूट पर 25 से 30 वाहनों का काफिला निकाला गया और विभिन्न सुरक्षा बिंदुओं की समीक्षा की गई। रिहर्सल के दौरान कोठी हेलीपेड से लेकर मंदिर परिसर तक यातायात कुछ समय के लिए पूरी तरह रोक दिया गया। मोरटक्का और सनावद की ओर से आने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया गया। राष्ट्रपति के दौरे के चलते श्रद्धालुओं को भी कुछ असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन के अनुसार राष्ट्रपति के मंदिर पहुंचने से लगभग तीन घंटे पहले सामान्य दर्शन व्यवस्था बंद कर दी जाएगी। दोपहर से लेकर रात करीब 8 बजे तक ज्योतिर्लिंग के दर्शन प्रभावित रह सकते हैं। इसके अलावा दिनभर वीआईपी मूवमेंट के कारण कई बार ट्रैफिक रोका जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा की योजना बनाते समय अतिरिक्त समय का ध्यान रखें। सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम स्थल और मंदिर परिसर के आसपास कई वस्तुओं के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। नागरिकों को हथियार, विस्फोटक सामग्री, ज्वलनशील पदार्थ, चाकू, बड़े बैग, लेजर लाइट, ड्रोन, कैमरा युक्त उड़ने वाले उपकरण और अन्य प्रतिबंधित सामग्री लेकर आने की अनुमति नहीं होगी। सुरक्षा जांच के बाद ही लोगों को निर्धारित क्षेत्रों में प्रवेश दिया जाएगा।
राष्ट्रपति के दौरे का दूसरा महत्वपूर्ण कार्यक्रम 19 जून को आयोजित होने वाला राज्य स्तरीय सिकल सेल जागरूकता कार्यक्रम है। विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम की तैयारियां कोठी के पास थापना क्षेत्र में की गई हैं। राष्ट्रपति सुबह लगभग 10 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगी और वहां लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगी। इसके बाद वे कार्यक्रम को संबोधित भी करेंगी। राज्य सरकार इस आयोजन को जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सभी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं। जिले के वरिष्ठ अधिकारी लगातार तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल, यातायात और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।ओंकारेश्वर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा धार्मिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर जहां वे देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में शामिल ओंकारेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी, वहीं दूसरी ओर सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाले कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगी। ऐसे में पूरे क्षेत्र में उत्साह के साथ-साथ सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता भी देखने को मिल रही है।
