- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- खंडवा में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से डेढ़ साल के बच्चे की मौत, यूक्रेन से पढ़ाई अधूरी छोड़ आया था...
खंडवा में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से डेढ़ साल के बच्चे की मौत, यूक्रेन से पढ़ाई अधूरी छोड़ आया था आरोपी
Khandwa, MP
खंडवा ज़िले के गांधवा गांव में झोलाछाप डॉक्टर की कथित लापरवाही से एक मासूम की जान चली गई। पेट दर्द की शिकायत लेकर परिवार बच्चे को इलाज के लिए स्थानीय क्लिनिक ले गया था, जहां झोलाछाप डॉक्टर ने उसे निमोनिया बताकर भारी मात्रा में इंजेक्शन दे दिए।
इलाज शुरू होने के महज आधे घंटे बाद ही बच्चे की मौत हो गई।
परिजनों ने बताया—पांच दिन इलाज के नाम पर झांसा दिया
मृतक बच्चे के पिता लाबु बारेला ने बताया कि एक रिश्तेदार की सलाह पर वे गांधवा के डॉक्टर हिमांशु यादव के पास गए थे। मोबाइल की दुकान जैसी दिखने वाली उस जगह के भीतर मिनी हॉस्पिटल जैसी व्यवस्था थी। डॉक्टर ने सामान्य जांच के बाद कहा कि बच्चे को निमोनिया है और पांच दिन तक इलाज करना होगा। इसके बाद उसने पहले एक छोटी सलाईन लगाई और फिर बड़ी सलाईन में पांच इंजेक्शन मिलाकर चढ़ा दिए।
आधे घंटे के भीतर बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। जब परिजनों ने डॉक्टर को बुलाया, तो वह क्लिनिक में मौजूद नहीं था। उसकी पत्नी ने कहा कि बच्चे को घर ले जाएं और पुलिस बुलाने पर धमकी दी।
पुलिस ने पहले नहीं की कार्रवाई, फिर थाने में दर्ज हुई शिकायत
घटना के बाद पिता जब गांधवा चौकी पहुंचे तो पुलिस ने शिकायत नहीं सुनी। इसके बाद वे पिपलोद थाने पहुंचे, जहां आखिरकार मामला दर्ज किया गया। शव का पोस्टमॉर्टम शुक्रवार को जिला अस्पताल में कराया गया।
यूक्रेन से अधूरी पढ़ाई कर लौटा आरोपी
ग्रामीणों के अनुसार, झोलाछाप डॉक्टर हिमांशु यादव खुद को विदेश से पढ़ा-लिखा बताता है। बताया गया कि उसने यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद अधूरी छोड़कर भारत लौट आया। उसका पिता गणेश यादव सरकारी डिस्पेंसरी में ड्रेसर के पद पर कार्यरत है। दोनों ने मिलकर गांव में बिना रजिस्ट्रेशन के मिनी अस्पताल जैसा क्लिनिक खोल रखा था।
पहले भी हो चुकी है मौत
गांव के लोगों के मुताबिक, हिमांशु पहले भी एक छात्रा की जान ले चुका है। करीब तीन साल पहले लॉकडाउन के बाद उसने एक युवती को गलत इंजेक्शन दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। तब परिजनों और आरोपी के बीच समझौता कर मामला रफा-दफा कर दिया गया था।
बीएमओ बोले—बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे कई झोलाछाप क्लिनिक
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर ओमप्रकाश तंतवार ने बताया कि निजी क्लिनिक का पंजीकरण जिला स्तर पर होता है। उन्होंने कहा कि गणेश यादव सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में ड्रेसर है, लेकिन उसके बेटे का क्लिनिक पंजीकृत नहीं है। क्षेत्र में कई झोलाछाप सक्रिय हैं, जिन्हें एक-एक कर नोटिस भेजे जा रहे हैं।
विशेषज्ञ बोले—निमोनिया की जांच के लिए जरूरी एक्स-रे
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि निमोनिया की पुष्टि सिर्फ एक्स-रे से की जा सकती है। झोलाछाप डॉक्टर ने बिना किसी जांच के बच्चे को निमोनिया बताकर इंजेक्शन लगा दिया, जबकि बच्चा पेट दर्द की शिकायत लेकर आया था। इस लापरवाही ने उसकी जान ले ली।
.............................................................................................
दैनिक जागरण MP/CG डिजिटल
अब खबरें सिर्फ पढ़िए नहीं, बल्कि पाएं लाइव अपडेट्स, वीडियो और एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स सीधे अपने मोबाइल पर।
हर जरूरी जानकारी, अब हर वक्त आपके हाथों में।
👉 हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
खंडवा में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से डेढ़ साल के बच्चे की मौत, यूक्रेन से पढ़ाई अधूरी छोड़ आया था आरोपी
Khandwa, MP
इलाज शुरू होने के महज आधे घंटे बाद ही बच्चे की मौत हो गई।
परिजनों ने बताया—पांच दिन इलाज के नाम पर झांसा दिया
मृतक बच्चे के पिता लाबु बारेला ने बताया कि एक रिश्तेदार की सलाह पर वे गांधवा के डॉक्टर हिमांशु यादव के पास गए थे। मोबाइल की दुकान जैसी दिखने वाली उस जगह के भीतर मिनी हॉस्पिटल जैसी व्यवस्था थी। डॉक्टर ने सामान्य जांच के बाद कहा कि बच्चे को निमोनिया है और पांच दिन तक इलाज करना होगा। इसके बाद उसने पहले एक छोटी सलाईन लगाई और फिर बड़ी सलाईन में पांच इंजेक्शन मिलाकर चढ़ा दिए।
आधे घंटे के भीतर बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। जब परिजनों ने डॉक्टर को बुलाया, तो वह क्लिनिक में मौजूद नहीं था। उसकी पत्नी ने कहा कि बच्चे को घर ले जाएं और पुलिस बुलाने पर धमकी दी।
पुलिस ने पहले नहीं की कार्रवाई, फिर थाने में दर्ज हुई शिकायत
घटना के बाद पिता जब गांधवा चौकी पहुंचे तो पुलिस ने शिकायत नहीं सुनी। इसके बाद वे पिपलोद थाने पहुंचे, जहां आखिरकार मामला दर्ज किया गया। शव का पोस्टमॉर्टम शुक्रवार को जिला अस्पताल में कराया गया।
यूक्रेन से अधूरी पढ़ाई कर लौटा आरोपी
ग्रामीणों के अनुसार, झोलाछाप डॉक्टर हिमांशु यादव खुद को विदेश से पढ़ा-लिखा बताता है। बताया गया कि उसने यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद अधूरी छोड़कर भारत लौट आया। उसका पिता गणेश यादव सरकारी डिस्पेंसरी में ड्रेसर के पद पर कार्यरत है। दोनों ने मिलकर गांव में बिना रजिस्ट्रेशन के मिनी अस्पताल जैसा क्लिनिक खोल रखा था।
पहले भी हो चुकी है मौत
गांव के लोगों के मुताबिक, हिमांशु पहले भी एक छात्रा की जान ले चुका है। करीब तीन साल पहले लॉकडाउन के बाद उसने एक युवती को गलत इंजेक्शन दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। तब परिजनों और आरोपी के बीच समझौता कर मामला रफा-दफा कर दिया गया था।
बीएमओ बोले—बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे कई झोलाछाप क्लिनिक
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर ओमप्रकाश तंतवार ने बताया कि निजी क्लिनिक का पंजीकरण जिला स्तर पर होता है। उन्होंने कहा कि गणेश यादव सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में ड्रेसर है, लेकिन उसके बेटे का क्लिनिक पंजीकृत नहीं है। क्षेत्र में कई झोलाछाप सक्रिय हैं, जिन्हें एक-एक कर नोटिस भेजे जा रहे हैं।
विशेषज्ञ बोले—निमोनिया की जांच के लिए जरूरी एक्स-रे
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि निमोनिया की पुष्टि सिर्फ एक्स-रे से की जा सकती है। झोलाछाप डॉक्टर ने बिना किसी जांच के बच्चे को निमोनिया बताकर इंजेक्शन लगा दिया, जबकि बच्चा पेट दर्द की शिकायत लेकर आया था। इस लापरवाही ने उसकी जान ले ली।
.............................................................................................
दैनिक जागरण MP/CG डिजिटल
अब खबरें सिर्फ पढ़िए नहीं, बल्कि पाएं लाइव अपडेट्स, वीडियो और एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स सीधे अपने मोबाइल पर।
हर जरूरी जानकारी, अब हर वक्त आपके हाथों में।
👉 हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
