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शासकीय ज़मीन पर बना 20 साल पुराना मदरसा जमींदोज, शिकायत करने वाले भी मुस्लिम समाज के ही लोग
panna, MP
शहर के बीड़ी कॉलोनी क्षेत्र में शासकीय भूमि पर बना एक 20 वर्ष पुराना मदरसा प्रशासन द्वारा तोड़ दिया गया। खास बात यह रही कि इस मदरसे को हटाने की मांग खुद मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने की थी। उन्होंने इस संबंध में जिला प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपी थी, जिसमें मदरसे के निर्माण को अवैध बताया गया था।
शिकायत की जांच के बाद यह पुष्टि हुई कि मदरसा शासकीय जमीन पर बिना अनुमति के बनाया गया था। जांच के बाद तहसील कार्यालय द्वारा मदरसा संचालन समिति को नोटिस जारी किया गया। नोटिस मिलने के बाद मदरसा संचालकों ने मजदूरों की मदद से खुद ही ढांचे को गिराना शुरू कर दिया, लेकिन कार्य अधूरा रह जाने के कारण जिला प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में देर रात जेसीबी मशीन के माध्यम से मदरसे को पूरी तरह जमींदोज कर दिया।
इस पूरे प्रकरण में प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानून के तहत की गई है। कलेक्टर सुरेश कुमार ने जानकारी देते हुए कहा,
"जांच में यह स्पष्ट हो गया था कि मदरसा शासकीय भूमि पर अवैध रूप से बनाया गया है। वक्फ बोर्ड या वक्फ संपत्ति से इसका कोई संबंध नहीं है।"
मामले की गंभीरता का अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि कुछ मुस्लिम समाज के लोगों ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को भी शिकायत दी थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मदरसे में कुछ संदिग्ध गतिविधियाँ भी संचालित की जा रही हैं।
प्रशासन ने दोहराया कि यह कदम किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुँचाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि शासकीय जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए उठाया गया है।
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शासकीय ज़मीन पर बना 20 साल पुराना मदरसा जमींदोज, शिकायत करने वाले भी मुस्लिम समाज के ही लोग
panna, MP
शहर के बीड़ी कॉलोनी क्षेत्र में शासकीय भूमि पर बना एक 20 वर्ष पुराना मदरसा प्रशासन द्वारा तोड़ दिया गया। खास बात यह रही कि इस मदरसे को हटाने की मांग खुद मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने की थी। उन्होंने इस संबंध में जिला प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपी थी, जिसमें मदरसे के निर्माण को अवैध बताया गया था।
शिकायत की जांच के बाद यह पुष्टि हुई कि मदरसा शासकीय जमीन पर बिना अनुमति के बनाया गया था। जांच के बाद तहसील कार्यालय द्वारा मदरसा संचालन समिति को नोटिस जारी किया गया। नोटिस मिलने के बाद मदरसा संचालकों ने मजदूरों की मदद से खुद ही ढांचे को गिराना शुरू कर दिया, लेकिन कार्य अधूरा रह जाने के कारण जिला प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में देर रात जेसीबी मशीन के माध्यम से मदरसे को पूरी तरह जमींदोज कर दिया।
इस पूरे प्रकरण में प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानून के तहत की गई है। कलेक्टर सुरेश कुमार ने जानकारी देते हुए कहा,
"जांच में यह स्पष्ट हो गया था कि मदरसा शासकीय भूमि पर अवैध रूप से बनाया गया है। वक्फ बोर्ड या वक्फ संपत्ति से इसका कोई संबंध नहीं है।"
मामले की गंभीरता का अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि कुछ मुस्लिम समाज के लोगों ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को भी शिकायत दी थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मदरसे में कुछ संदिग्ध गतिविधियाँ भी संचालित की जा रही हैं।
प्रशासन ने दोहराया कि यह कदम किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुँचाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि शासकीय जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए उठाया गया है।
