- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- पेट्रोल-डीजल फिर महंगा, भोपाल में पेट्रोल 110.75 रुपये पहुंचा, 5 दिन में दूसरी बार बढ़े दाम
पेट्रोल-डीजल फिर महंगा, भोपाल में पेट्रोल 110.75 रुपये पहुंचा, 5 दिन में दूसरी बार बढ़े दाम
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल, इंदौर समेत मध्य प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल-डीजल फिर महंगा हुआ। एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े ईंधन के दाम।
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मंगलवार से फिर से बढ़ा दी गई हैं। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। यह एक हफ्ते में दूसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 15 मई को भी कंपनियों ने तीन-तीन रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखने लगा है। भोपाल में पेट्रोल 110.75 रुपए प्रति लीटर और डीजल 95.91 रुपए तक पहुंच गया है। वहीं, इंदौर में पेट्रोल 110.79 रुपए और डीजल 95.97 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। उज्जैन में पेट्रोल की कीमत सबसे ज्यादा 111.27 रुपए तक पहुंच गई। सुबह से ही कई पेट्रोल पंपों पर लोग नए रेट पर चर्चा करते हुए नजर आए। कुछ का कहना है कि आने वाले दिनों में हालात और मुश्किल हो सकते हैं।
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण बनी हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं। कुछ दिन पहले जो कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था, वह अब 100 डॉलर के पार पहुंच चुका है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी तेल कंपनियों पर लगातार दबाव बढ़ रहा था। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां लंबे समय से नुकसान झेल रही थीं। पेट्रोलियम मंत्रालय से मिली जानकारी में बताया गया कि कंपनियों को हर महीने करीब 30 हजार करोड़ रुपए तक का नुकसान हो रहा था। ऐसे में कीमत बढ़ाने का फैसला लिया गया। हालांकि, आम लोगों को इससे राहत मिलती नहीं दिख रही। शहरों में ऑटो और बस किराए बढ़ने की चर्चा शुरू हो गई है। ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोगों का कहना है कि डीजल महंगा होने से मालभाड़ा बढ़ेगा, जिसका सीधा असर सब्जियों, राशन और रोजमर्रा के सामान पर पड़ेगा। किसानों की चिंता भी बढ़ी हुई है, क्योंकि ट्रैक्टर और सिंचाई के लिए डीजल की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।
लोगों में यह सवाल भी उठ रहा है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें आखिर इतनी ज्यादा क्यों हो जाती हैं। जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीदे गए कच्चे तेल की कीमत केवल शुरुआत होती है। इसके बाद रिफाइनिंग खर्च, कंपनियों का मार्जिन, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और राज्यों का वैट जुड़ जाता है। यही वजह है कि बेस प्राइस से कई गुना ज्यादा कीमत उपभोक्ताओं को चुकानी पड़ती है। अलग-अलग राज्यों में टैक्स की अलग-अलग दरें होने की वजह से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में भी रेट बदल जाते हैं। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह बयान भी चर्चा में है जिसमें उन्होंने पेट्रोल और डीजल के उपयोग को जरूरत के अनुसार करने की बात कही थी। तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए ईंधन का जिम्मेदारी से उपयोग करना जरूरी है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
पेट्रोल-डीजल फिर महंगा, भोपाल में पेट्रोल 110.75 रुपये पहुंचा, 5 दिन में दूसरी बार बढ़े दाम
भोपाल (म.प्र.)
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मंगलवार से फिर से बढ़ा दी गई हैं। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। यह एक हफ्ते में दूसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 15 मई को भी कंपनियों ने तीन-तीन रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखने लगा है। भोपाल में पेट्रोल 110.75 रुपए प्रति लीटर और डीजल 95.91 रुपए तक पहुंच गया है। वहीं, इंदौर में पेट्रोल 110.79 रुपए और डीजल 95.97 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। उज्जैन में पेट्रोल की कीमत सबसे ज्यादा 111.27 रुपए तक पहुंच गई। सुबह से ही कई पेट्रोल पंपों पर लोग नए रेट पर चर्चा करते हुए नजर आए। कुछ का कहना है कि आने वाले दिनों में हालात और मुश्किल हो सकते हैं।
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण बनी हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं। कुछ दिन पहले जो कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था, वह अब 100 डॉलर के पार पहुंच चुका है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी तेल कंपनियों पर लगातार दबाव बढ़ रहा था। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां लंबे समय से नुकसान झेल रही थीं। पेट्रोलियम मंत्रालय से मिली जानकारी में बताया गया कि कंपनियों को हर महीने करीब 30 हजार करोड़ रुपए तक का नुकसान हो रहा था। ऐसे में कीमत बढ़ाने का फैसला लिया गया। हालांकि, आम लोगों को इससे राहत मिलती नहीं दिख रही। शहरों में ऑटो और बस किराए बढ़ने की चर्चा शुरू हो गई है। ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोगों का कहना है कि डीजल महंगा होने से मालभाड़ा बढ़ेगा, जिसका सीधा असर सब्जियों, राशन और रोजमर्रा के सामान पर पड़ेगा। किसानों की चिंता भी बढ़ी हुई है, क्योंकि ट्रैक्टर और सिंचाई के लिए डीजल की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।
लोगों में यह सवाल भी उठ रहा है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें आखिर इतनी ज्यादा क्यों हो जाती हैं। जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीदे गए कच्चे तेल की कीमत केवल शुरुआत होती है। इसके बाद रिफाइनिंग खर्च, कंपनियों का मार्जिन, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और राज्यों का वैट जुड़ जाता है। यही वजह है कि बेस प्राइस से कई गुना ज्यादा कीमत उपभोक्ताओं को चुकानी पड़ती है। अलग-अलग राज्यों में टैक्स की अलग-अलग दरें होने की वजह से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में भी रेट बदल जाते हैं। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह बयान भी चर्चा में है जिसमें उन्होंने पेट्रोल और डीजल के उपयोग को जरूरत के अनुसार करने की बात कही थी। तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए ईंधन का जिम्मेदारी से उपयोग करना जरूरी है।
