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किसानों की मेहनत की कमाई के लिए आंदोलन: भोपाल रवाना होने से पहले पुलिस ने किया गिरफ्तार
Rewa, MP
रीवा जिले के सिमरिया तहसील में बीड़ा सेवा सहकारी समिति में करोड़ों रुपये के धान घोटाले के खिलाफ आवाज उठाने पर किसानों को आज गिरफ्तार कर लिया गया। 63 किसानों का आरोप है कि समिति के प्रबंधक और खरीदी प्रभारी ने उनकी धान खरीदी का 1 करोड़ 28 लाख रुपये का गबन किया।
किसान पिछले एक साल से अपने हक की मांग कर रहे थे और प्रशासन से समाधान की गुहार लगा रहे थे। लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस निराशा में किसान मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाने भोपाल जाने का निर्णय कर चुके थे।
जैसे ही किसान प्रस्थान करने लगे, प्रशासन ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। किसानों ने विरोध किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें हाथ-पैर में बेड़ियां डालकर गिरफ्तार कर लिया।
इस गिरफ्तारी के बाद इलाके में भारी आक्रोश व्याप्त है। किसान संगठनों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे अन्यायपूर्ण और अलोकतांत्रिक कार्रवाई बताया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
किसानों का कहना है कि वे केवल शांतिपूर्ण तरीके से अपने हक के लिए न्याय मांग रहे थे, लेकिन उनके साथ की गई कार्रवाई उनके अधिकारों का उल्लंघन है। इस मामले ने ग्राम स्तर पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही की गहरी समस्या को उजागर किया है।
स्थानीय प्रशासन ने फिलहाल गिरफ्तारी के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। वहीं किसान संगठन उच्चस्तरीय जांच और उनके हक की वसूली की मांग कर रहे हैं।
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Rewa, MP
रीवा जिले के सिमरिया तहसील में बीड़ा सेवा सहकारी समिति में करोड़ों रुपये के धान घोटाले के खिलाफ आवाज उठाने पर किसानों को आज गिरफ्तार कर लिया गया। 63 किसानों का आरोप है कि समिति के प्रबंधक और खरीदी प्रभारी ने उनकी धान खरीदी का 1 करोड़ 28 लाख रुपये का गबन किया।
किसान पिछले एक साल से अपने हक की मांग कर रहे थे और प्रशासन से समाधान की गुहार लगा रहे थे। लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस निराशा में किसान मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाने भोपाल जाने का निर्णय कर चुके थे।
जैसे ही किसान प्रस्थान करने लगे, प्रशासन ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। किसानों ने विरोध किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें हाथ-पैर में बेड़ियां डालकर गिरफ्तार कर लिया।
इस गिरफ्तारी के बाद इलाके में भारी आक्रोश व्याप्त है। किसान संगठनों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे अन्यायपूर्ण और अलोकतांत्रिक कार्रवाई बताया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
किसानों का कहना है कि वे केवल शांतिपूर्ण तरीके से अपने हक के लिए न्याय मांग रहे थे, लेकिन उनके साथ की गई कार्रवाई उनके अधिकारों का उल्लंघन है। इस मामले ने ग्राम स्तर पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही की गहरी समस्या को उजागर किया है।
स्थानीय प्रशासन ने फिलहाल गिरफ्तारी के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। वहीं किसान संगठन उच्चस्तरीय जांच और उनके हक की वसूली की मांग कर रहे हैं।
