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बीमारी से जूझ रहे पुलिसकर्मी ने ट्रेन के सामने कूदकर दी जान, इंदौर में दर्दनाक हादसा
Indore, MP
लसूड़िया क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां गंभीर बीमारी से परेशान एक हेड कॉन्स्टेबल ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली।
मृतक की पहचान जितेंद्र चौहान (45) के रूप में हुई है, जो हाल ही में कनाड़िया थाने से लाइन अटैच हुए थे।
कैंसर और शुगर से परेशान थे
पुलिस के अनुसार, जितेंद्र चौहान बीते दो वर्षों से कैंसर और मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। इलाज के बावजूद तबीयत में सुधार नहीं हो रहा था, जिससे वे लगातार मानसिक तनाव में रह रहे थे।
घर से निकले, कहा- थोड़ी देर में लौटूंगा
गुरुवार दोपहर वे अपने घर से यह कहकर निकले थे कि “कुछ देर में वापस आता हूं।” इसके बाद करीब 1 बजे कैलाद हाला क्षेत्र के रेलवे ट्रैक पर उनका शव मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने पहचान की पुष्टि की।
बीमारियों के चलते ट्रांसफर और छुट्टी
जितेंद्र चौहान ने इंदौर के कई थानों में सेवा दी थी। वे हाल ही में कनाड़िया थाने में पदस्थ थे, लेकिन केवल 10 दिन ड्यूटी देने के बाद बीमारी के कारण लाइन में ट्रांसफर करा लिया था। वह छुट्टी पर थे और इलाज करवा रहे थे।
परिवार में पत्नी और तीन बच्चे
जितेंद्र अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। उनके असमय निधन से परिवार और पुलिस महकमे में शोक की लहर है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और जांच जारी है।
साथी बोले- जिम्मेदार, शालीन और कर्तव्यनिष्ठ थे
साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें एक कर्तव्यनिष्ठ और शालीन अधिकारी बताया। उनका मानना है कि अगर मानसिक स्वास्थ्य के लिए समुचित सहायता मिलती, तो शायद यह दुखद घटना टल सकती थी।
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बीमारी से जूझ रहे पुलिसकर्मी ने ट्रेन के सामने कूदकर दी जान, इंदौर में दर्दनाक हादसा
Indore, MP
मृतक की पहचान जितेंद्र चौहान (45) के रूप में हुई है, जो हाल ही में कनाड़िया थाने से लाइन अटैच हुए थे।
कैंसर और शुगर से परेशान थे
पुलिस के अनुसार, जितेंद्र चौहान बीते दो वर्षों से कैंसर और मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। इलाज के बावजूद तबीयत में सुधार नहीं हो रहा था, जिससे वे लगातार मानसिक तनाव में रह रहे थे।
घर से निकले, कहा- थोड़ी देर में लौटूंगा
गुरुवार दोपहर वे अपने घर से यह कहकर निकले थे कि “कुछ देर में वापस आता हूं।” इसके बाद करीब 1 बजे कैलाद हाला क्षेत्र के रेलवे ट्रैक पर उनका शव मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने पहचान की पुष्टि की।
बीमारियों के चलते ट्रांसफर और छुट्टी
जितेंद्र चौहान ने इंदौर के कई थानों में सेवा दी थी। वे हाल ही में कनाड़िया थाने में पदस्थ थे, लेकिन केवल 10 दिन ड्यूटी देने के बाद बीमारी के कारण लाइन में ट्रांसफर करा लिया था। वह छुट्टी पर थे और इलाज करवा रहे थे।
परिवार में पत्नी और तीन बच्चे
जितेंद्र अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। उनके असमय निधन से परिवार और पुलिस महकमे में शोक की लहर है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और जांच जारी है।
साथी बोले- जिम्मेदार, शालीन और कर्तव्यनिष्ठ थे
साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें एक कर्तव्यनिष्ठ और शालीन अधिकारी बताया। उनका मानना है कि अगर मानसिक स्वास्थ्य के लिए समुचित सहायता मिलती, तो शायद यह दुखद घटना टल सकती थी।
