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आज मध्य प्रदेश से शुरु संविधान की लड़ाई, एमपी में राहुल-प्रियंका व खड़गे
JAGRAN DESK
आज 27 जनवरी को कांग्रेस संविधान, अंबेडकर व बापू को लेकर मध्य प्रदेश के महू से संविधान बचाओ रैली की शुरुआत कर रही है.
राज्य और केंद्र में अरसे से सत्ता का वनवास झेल रही कांग्रेस अब संविधान की रक्षा के नाम पर सत्ता की राह तलाशने को मजबूर है. भारत जोड़ो यात्रा के बाद बीते लोकसभा चुनाव में जिस तरह राहुल गांधी एक बार फिर स्थापित नेता के रूप में उभरे हैं, उससे कहीं ना कहीं पार्टी नेता ही नहीं कार्यकर्ताओं के बीच भी मनोबल बढ़ा हुआ है. नतीजतन राहुल प्रियंका के साथ पूरी कांग्रेस संविधान की रक्षा के नाम पर विभिन्न राज्यों के साथ मध्य प्रदेश में एक बार फिर सक्रिय होना चाहती है. इसी क्रम में कांग्रेस के तमाम नेताओं का अंबेडकर की जन्मस्थली महू में जमावड़ा कांग्रेस की राजनीतिक अपेक्षाओं के हिसाब से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
दरअसल, मध्य प्रदेश से 2020 में अचानक सत्ता से दूर होने के बाद न केवल तत्कालीन मुख्यमंत्री बल्कि कांग्रेस को उम्मीद थी कि 2023 के चुनाव में कांग्रेस के साथ हुए धोखे का बदला प्रदेश की जनता जरूर लगी. लेकिन कांग्रेस को निराशा हाथ लगी. इसके बाद प्रदेश संगठन स्तर पर भी बदलाव के बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया. इसके अलावा बीते लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को पिछले चुनाव की अपेक्षा सकारात्मक परिणाम की उम्मीद थी लेकिन कांग्रेस का गढ़ कहीं जाने वाली छिंदवाड़ा जैसी लोकसभा सीट हारने के बाद मध्य प्रदेश में कांग्रेस कमजोर विपक्ष साबित हुई है.
संविधान रैली के जरिए सत्ता की राह तलाशती कांग्रेस
इस बीच गृहमंत्री अमित शाह का अंबेडकर पर दिया गया बयान कांग्रेस के लिए ऐसे समय में उम्मीद की किरण नजर आ रहा है. जब राज्यों के अलावा लोकसभा वह राज्यसभा में भी पूरा विपक्ष सिरे से बयान को नकार कर खारिज कर चुका है. इन हालातों में संविधान की लाल पुस्तक लेकर राहुल गांधी द्वारा किया जा रहा विरोध चर्चा में है. तो कांग्रेस ने उसी मुहिम को गृहमंत्री अमित शाह के डॉ. अंबेडकर पर दिए गए बयान के बाद 'जय बापू जय भीम जय संविधान अभियान' और रैली का रूप देकर राहुल के अलावा पूरी कांग्रेस को जनता के बीच मैदान संभालने का नया राजनीतिक अवसर प्रदान किया है.
ऐसे में कांग्रेस की कोशिश है कि, देश की आम जनता जहां महंगाई, बेरोजगारी, बढ़ते अपराध और भ्रष्टाचार के तमाम मुद्दों से कहीं ना कहीं प्रभावित है. तब भाजपा के सत्ता में होने के दंभ के फलस्वरुप अंबेडकर और संविधान विरोधी रुख को जनता के बीच मुखर तरीके से रखा जाए. जिससे कि एक बार फिर विपक्षी दल के रूप में ही सही लेकिन कांग्रेस को मध्य प्रदेश में राजनीतिक संजीवनी मिल सके.
राहुल-प्रियंका और खड़गे ने संभाला मैदान
इसके लिए खुद राहुल-प्रियंका और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और पार्टी नेताओं के साथ मैदान संभाल चुके हैं. हालांकि मध्य प्रदेश में भारत जोड़ो यात्रा के बाद जय बापू जय भीम जय संविधान रैली मध्य प्रदेश में बिखरी पड़ी कांग्रेस को कितना मजबूत कर पाएगी यह देखना भी दिलचस्प होगा.
अंबेडकर की जन्मस्थली ही क्यों?
दरअसल, आज भी अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के वोट बैंक के बीच डॉ. अंबेडकर को लेकर अगाध आस्था है. यही वजह है कि कांग्रेस इस मामले में अंबेडकर जन्मस्थली के अलावा प्रदेश के पश्चिमी अंचल में मौजूद 15 जिलों की आरक्षित 66 सीटों को केंद्र में रखकर मालवा निमाड़ को हमेशा फोकस करती रही है. इसके अलावा कांग्रेस का एक बड़ा वोट बैंक यहां आजादी के बाद से रहा है जो किसी न किसी कारण से छिटक कर भाजपा का दामन थाम चुका है.
हालांकि कांग्रेस को अभी भी उम्मीद है कि अंबेडकरवादी और आदिवासी वोट बैंक के बीच जहां सत्ताधारी दलों को लेकर कहीं ना कहीं निराशा है उसे साधकर फिर एक बार परंपरागत वोट बैंक के बीच नए सदस्य अपना मुकाम बना सके. लिहाजा पूरी कांग्रेस इस बार अंबेडकर जन्मस्थली के समक्ष नतमस्तक होने को मजबूर है.
- महू में 'संविधान बचाओ सभा' 27 को, राहुल-प्रियंका के साथ कांग्रेसी नेताओं का लगेगा जमावड़ा
- 'देश में सबको धरना प्रदर्शन करने का हक', राजेंद्र शुक्ल को उमंग सिंघार का जवाब
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर आयोजित 'जय बापू-जय भीम-जय संविधान अभियान' के तहत कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी, महासचिव मप्र प्रभारी जितेन्द्र सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं दिग्विजय सिंह सहित देश और प्रदेश के कांग्रेस के सभी दिग्गज नेता 27 जनवरी को बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर की जन्मस्थली इंदौर के महू में संविधान रैली में शामिल हो रहे हैं.
करीब 11 बजे महू पहुंचेंगे राहुल प्रियंका और खड़गे
रैली के लिए वेटरनरी कॉलेज में सभा के लिए तीन अलग-अलग डोम बनाए गए हैं. राहुल, प्रियंका और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तीनों प्राइवेट प्लेन से सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर इंदौर एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे. यहां से वे हेलीकॉप्टर से महू के लिए रवाना हो जाएंगे. वे बाबा साहब अंबेडकर की जन्मस्थली पर लगभग 45 मिनट रहेंगे. इसके बाद में दिल्ली के रवाना हो जाएंगे.
2 लाख लोगों को संविधान की रक्षा का संकल्प दिलाने का दावा
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के इस आयोजन में शामिल होने के लिए कांग्रेस शासित चार राज्यों के मुख्यमंत्री, 8 से 10 मंत्री, लगभग 150 से अधिक विधायक भी शामिल होंगे. इसी प्रकार कांग्रेस वर्किंग कमेटी के 31 सदस्य, सभी प्रदेशों के अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री सहित अन्य नेता व कार्यकर्ता शामिल होंगे.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया है कि, ''महू में वेटरनरी कॉलेज मैदान पर होने वाली जय बापू-जय भीम-जय संविधान रैली में 2 लाख से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता शामिल होंगे. जो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच संविधान की रक्षा का संकल्प लेंगे.''
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राज्य और केंद्र में अरसे से सत्ता का वनवास झेल रही कांग्रेस अब संविधान की रक्षा के नाम पर सत्ता की राह तलाशने को मजबूर है. भारत जोड़ो यात्रा के बाद बीते लोकसभा चुनाव में जिस तरह राहुल गांधी एक बार फिर स्थापित नेता के रूप में उभरे हैं, उससे कहीं ना कहीं पार्टी नेता ही नहीं कार्यकर्ताओं के बीच भी मनोबल बढ़ा हुआ है. नतीजतन राहुल प्रियंका के साथ पूरी कांग्रेस संविधान की रक्षा के नाम पर विभिन्न राज्यों के साथ मध्य प्रदेश में एक बार फिर सक्रिय होना चाहती है. इसी क्रम में कांग्रेस के तमाम नेताओं का अंबेडकर की जन्मस्थली महू में जमावड़ा कांग्रेस की राजनीतिक अपेक्षाओं के हिसाब से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
दरअसल, मध्य प्रदेश से 2020 में अचानक सत्ता से दूर होने के बाद न केवल तत्कालीन मुख्यमंत्री बल्कि कांग्रेस को उम्मीद थी कि 2023 के चुनाव में कांग्रेस के साथ हुए धोखे का बदला प्रदेश की जनता जरूर लगी. लेकिन कांग्रेस को निराशा हाथ लगी. इसके बाद प्रदेश संगठन स्तर पर भी बदलाव के बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया. इसके अलावा बीते लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को पिछले चुनाव की अपेक्षा सकारात्मक परिणाम की उम्मीद थी लेकिन कांग्रेस का गढ़ कहीं जाने वाली छिंदवाड़ा जैसी लोकसभा सीट हारने के बाद मध्य प्रदेश में कांग्रेस कमजोर विपक्ष साबित हुई है.
संविधान रैली के जरिए सत्ता की राह तलाशती कांग्रेस
इस बीच गृहमंत्री अमित शाह का अंबेडकर पर दिया गया बयान कांग्रेस के लिए ऐसे समय में उम्मीद की किरण नजर आ रहा है. जब राज्यों के अलावा लोकसभा वह राज्यसभा में भी पूरा विपक्ष सिरे से बयान को नकार कर खारिज कर चुका है. इन हालातों में संविधान की लाल पुस्तक लेकर राहुल गांधी द्वारा किया जा रहा विरोध चर्चा में है. तो कांग्रेस ने उसी मुहिम को गृहमंत्री अमित शाह के डॉ. अंबेडकर पर दिए गए बयान के बाद 'जय बापू जय भीम जय संविधान अभियान' और रैली का रूप देकर राहुल के अलावा पूरी कांग्रेस को जनता के बीच मैदान संभालने का नया राजनीतिक अवसर प्रदान किया है.
ऐसे में कांग्रेस की कोशिश है कि, देश की आम जनता जहां महंगाई, बेरोजगारी, बढ़ते अपराध और भ्रष्टाचार के तमाम मुद्दों से कहीं ना कहीं प्रभावित है. तब भाजपा के सत्ता में होने के दंभ के फलस्वरुप अंबेडकर और संविधान विरोधी रुख को जनता के बीच मुखर तरीके से रखा जाए. जिससे कि एक बार फिर विपक्षी दल के रूप में ही सही लेकिन कांग्रेस को मध्य प्रदेश में राजनीतिक संजीवनी मिल सके.
राहुल-प्रियंका और खड़गे ने संभाला मैदान
इसके लिए खुद राहुल-प्रियंका और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और पार्टी नेताओं के साथ मैदान संभाल चुके हैं. हालांकि मध्य प्रदेश में भारत जोड़ो यात्रा के बाद जय बापू जय भीम जय संविधान रैली मध्य प्रदेश में बिखरी पड़ी कांग्रेस को कितना मजबूत कर पाएगी यह देखना भी दिलचस्प होगा.
अंबेडकर की जन्मस्थली ही क्यों?
दरअसल, आज भी अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के वोट बैंक के बीच डॉ. अंबेडकर को लेकर अगाध आस्था है. यही वजह है कि कांग्रेस इस मामले में अंबेडकर जन्मस्थली के अलावा प्रदेश के पश्चिमी अंचल में मौजूद 15 जिलों की आरक्षित 66 सीटों को केंद्र में रखकर मालवा निमाड़ को हमेशा फोकस करती रही है. इसके अलावा कांग्रेस का एक बड़ा वोट बैंक यहां आजादी के बाद से रहा है जो किसी न किसी कारण से छिटक कर भाजपा का दामन थाम चुका है.
हालांकि कांग्रेस को अभी भी उम्मीद है कि अंबेडकरवादी और आदिवासी वोट बैंक के बीच जहां सत्ताधारी दलों को लेकर कहीं ना कहीं निराशा है उसे साधकर फिर एक बार परंपरागत वोट बैंक के बीच नए सदस्य अपना मुकाम बना सके. लिहाजा पूरी कांग्रेस इस बार अंबेडकर जन्मस्थली के समक्ष नतमस्तक होने को मजबूर है.
- महू में 'संविधान बचाओ सभा' 27 को, राहुल-प्रियंका के साथ कांग्रेसी नेताओं का लगेगा जमावड़ा
- 'देश में सबको धरना प्रदर्शन करने का हक', राजेंद्र शुक्ल को उमंग सिंघार का जवाब
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर आयोजित 'जय बापू-जय भीम-जय संविधान अभियान' के तहत कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी, महासचिव मप्र प्रभारी जितेन्द्र सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं दिग्विजय सिंह सहित देश और प्रदेश के कांग्रेस के सभी दिग्गज नेता 27 जनवरी को बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर की जन्मस्थली इंदौर के महू में संविधान रैली में शामिल हो रहे हैं.
करीब 11 बजे महू पहुंचेंगे राहुल प्रियंका और खड़गे
रैली के लिए वेटरनरी कॉलेज में सभा के लिए तीन अलग-अलग डोम बनाए गए हैं. राहुल, प्रियंका और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तीनों प्राइवेट प्लेन से सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर इंदौर एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे. यहां से वे हेलीकॉप्टर से महू के लिए रवाना हो जाएंगे. वे बाबा साहब अंबेडकर की जन्मस्थली पर लगभग 45 मिनट रहेंगे. इसके बाद में दिल्ली के रवाना हो जाएंगे.
2 लाख लोगों को संविधान की रक्षा का संकल्प दिलाने का दावा
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के इस आयोजन में शामिल होने के लिए कांग्रेस शासित चार राज्यों के मुख्यमंत्री, 8 से 10 मंत्री, लगभग 150 से अधिक विधायक भी शामिल होंगे. इसी प्रकार कांग्रेस वर्किंग कमेटी के 31 सदस्य, सभी प्रदेशों के अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री सहित अन्य नेता व कार्यकर्ता शामिल होंगे.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया है कि, ''महू में वेटरनरी कॉलेज मैदान पर होने वाली जय बापू-जय भीम-जय संविधान रैली में 2 लाख से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता शामिल होंगे. जो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच संविधान की रक्षा का संकल्प लेंगे.''
