स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में मास्टर स्ट्रोक की तैयारी, स्वच्छता का सिरमोर बनेगा भोपाल, दिन रात सफाई

BHOPAL, MP

इस समय नगर निगम भोपाल को सुंदर और साफ बनाने में जुटा है. स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 के लिए टीम फरवरी में राजधानी आ सकती है. पढ़िए भोपाल से विश्वास चतुर्वेदी की रिपोर्ट.

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 के लिए सर्वेक्षण की टीम भोपाल आने वाली है. इससे पहले भोपाल नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण में मास्टर स्ट्रोक लगाने की तैयारी कर ली है. देश में स्वच्छता का सिरमोर बनने के लिए भोपाल पूरी तरह तैयार है. अधिकारियों का दावा है कि इस बार नगर निगम भोपाल ने खास तैयारी की है, साथ ही कई नवाचार किए गए हैं. जिसका फायदा स्वच्छ सर्वेक्षण में भोपाल को मिल सकता है.

फरवरी में आ सकती है सर्वेक्षण की टीम
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि, ''दिल्ली से आने वाली सर्वेक्षण की टीम यहां आने को लेकर हमें कोई जानकारी नहीं देती है. लेकिन शहर में हर जगह हमारे सफाईकर्मी और कर्मचारी मौजूद रहते हैं. ऐसे में कई बार वो लोग फोटो लेते हुए पहचान लिए जाते हैं.'' हालांकि नगर निगम भोपाल के अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि, ''संभवतः सर्वेक्षण की टीम फरवरी महीने में भोपाल आ सकती है. इसके लिए नगर निगम ने तैयारियां पूरी कर ली है.''

दिन-रात दो बार हो रही बाजारों की सफाई
स्वच्छ सर्वेक्षण के कारण नगर निगम के स्वास्थ्य अमले ने फील्ड में मुस्तैदी बढ़ा दी है. बाजार क्षेत्रों में दिन और रात में दो बार सफाई करने के साथ कचरा उठाया जा रहा है. सार्वजनिक स्थनों पर गंदगी फैलाने वालों से जुर्माना वसूला जा रहा है. वहीं दीवारों पर सुंदर पेटिंग की जा रही हैं. नालों के आसपास मनमोहक जालियां लगाई जा रही हैं. जिससे नालों की गंदगी दिखाई न दे. वहीं सड़कों पर उड़ती धूल को रोकने के लिए रात में रोड स्वीपिंग मशीनों से सफाई की जा रही है.

preparing cleaning in bhopal
शहर की सफाई में जुटा नगर निगम 
 

स्वच्छ सर्वेक्षण में ये होगी चुनौती
बता दें कि, पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में देश में सबसे स्वच्छ राजधानी के मामले में भोपाल पहले नंबर पर था. वहीं नगर निगम भोपाल को देश के शहरों की लिस्ट में पांचवी रैंक मिली थी. इसके लिए पिछली बार नगर निगम भोपाल ने कई नचार किए थे. जिसके कारण एक रैंक में उछाल आया था. अब इस बार भी नगर निगम के सामने पॉलीथिन का प्रयोग, खुले में सीवेज का बहना और कचरे का शत प्रतिशत निस्तारण बड़ी चुनौती है.

SWACHH SURVEY 2025
फरवरी में आ सकती है सर्वेक्षण की टीम 
 

इन नवाचारों से भोपाल बनेगा नंबर वन
नगर निगम भोपाल शहर से निकलने वाले कचरे के शत प्रतिशत निस्तारण की दिशा में निरंतर काम कर रहा है. इसके साथ ही कचरे में ट्रांसफर स्टेशन पहुंचने वाले रिसायकिल योग्य कचरे का फिर से उपयोग कर जरुरत के सामान बनाए जा रहे हैं. हाल में ही नगर निगम ने दानापानी कचरा ट्रांसफर स्टेशन में मंदिरों से निकलने वाली निर्माल्य सामग्री, गुड़ और नीबूं से बायो एंजाइम तैयार कर रहा है. वहीं फूलों से अगरबत्ती तैयार की जा रही है. इसके साथ ही नगर निगम द्वारा कोकोनट वेस्ट और पुराने कपड़ों से रस्सियां व अन्य सामग्री बनाने का काम कर रहा है. वहीं सूखे कचरे से चारकोल और गीले कचरे से बायो सीएनजी बनाने का कारखाना भी जल्द शुरु होने जा रहा है.

SANITATION TEAM VISIT BHOPAL
भोपाल में हो रहे कई नवाचार 
 

800 मीट्रिक टन कचरे से बनेगी सीएनजी और चारकोल
अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि, ''आदमपुर छावनी स्थित लैंडफिल साइट में पूरे शहर का करीब 900 मीट्रिक टन गीला-सूखा व अन्य प्रकार का कचरा निकलता है. इसमें करीब 20 टन कोकोनट वेस्ट, करीब 10 टन कपड़ा, करीब 25 टन पॉलीथिन व अन्य कचरा निकलता है. अब इसके शत प्रतिशत निस्तारण की व्यवस्था नगर निगम भोपाल ने कर ली है.''

''आदमपुर छावनी में एनटीपीसी द्वारा प्रतिदिन 400 मीट्रिक सूखे कचरे से टारिफाइड चारकोल बनाने के लिए प्लांट लगाया जा रहा है. वहीं 400 मीट्रिक टन गीले कचरे से सीएनजी बनाने के लिए एक अलग प्लांट लगाया जा रहा है. दोनों का काम अंतिम चरण में है. संभवतः अप्रैल या मई से दोनों प्लांट शुरु हो सकते हैं. इसका बड़ा असर स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर निगम भोपाल की रैकिंग में होगा.''

SANITATION TEAM VISIT BHOPAL
देश में स्वच्छता का सिरमोर बनेगा भोपाल 
 

फूलों से बन रही अगरबत्ती
दानापानी कचरा ट्रांसफर प्लांट में मंदिरों और शादी-समारोह से निकलने वाले फूलों को एकत्रित कर अगरबत्ती बनाई जा रही है. शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित मंदिरों से फूल व अन्य निर्माल्य सामग्री एकत्रित करने के लिए 4 मैजिक वाहन लगाए गए हैं. मुख्यालय से इसकी मानीटरिंग भी की जा रही है.

दिव्य बायो एंजाइम
नगर निगम के कचरा ट्रांसफर स्टेशन में मंदिरों से पहुंचने वाले निर्माण सामग्री, गुड़ और नीबूं के इस्तेमान से दिव्य बायो एंजाइम तैयार किया जा रहा है. इसे बनाने में 45 से 90 दिन का समय लगता है. इसे छानकर पौधों में खाद-कीटनाशक की तरह, कपड़े-बर्तन धोने, फिनाइल और वाटर बॉडी का पानी साफ करने के लिए उपयोग किया जा सकता है.

cleaning SURVEY in bhopal
सर्वेक्षण को लेकर भोपाल में सफाई साफ जारी है 
 

पुराने कपड़ों से रस्सी
दानापानी कचरा स्टेशन में ही रस्सी बनाने की मशीन लगाई गई है. इसमें कोकोनट वेस्ट और पुराने कपड़ों की मदद से रस्सी बनाई जा रही है. इसमें कचरे में फेंके जाने वाले कपड़े और लोगों के द्वारा दिए गए पुराने का कपड़ों का इस्तेमाल होता है.

गोबर से बने गमले
सीएसआर के तहत नगर निगम को तीन मशीनें मिली हैं. जिसमें गोबर से गमले बनाए जा रहे हैं. इनका इस्तेमाल नर्सरियों में किया जाएगा. जिससे कि पौधे लगाने के लिए पॉलीथिन का इस्तेमान नहीं करना पड़े. वहीं, गोबर से गमले बनाने में कोकोनट वेस्ट का इसतेमाल भी किया जा रहा है.

थर्माकोल की होगी रीसाइक्लिंग
नगर निगम भोपाल ने थर्माकोल रीसाइक्लिंग प्लांट भी लगाया है. यह भी सीएसआर फंड की मदद से लगाया गया है. इसके लिए निगम को 10 लाख रुपये मिले हैं. यहां कचरे में आने वाले थर्माकोल को रिसायकल कर पुनः उपयोग किया जाएगा.

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
22 Jan 2025 By दैनिक जागरण

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में मास्टर स्ट्रोक की तैयारी, स्वच्छता का सिरमोर बनेगा भोपाल, दिन रात सफाई

BHOPAL, MP

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 के लिए सर्वेक्षण की टीम भोपाल आने वाली है. इससे पहले भोपाल नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण में मास्टर स्ट्रोक लगाने की तैयारी कर ली है. देश में स्वच्छता का सिरमोर बनने के लिए भोपाल पूरी तरह तैयार है. अधिकारियों का दावा है कि इस बार नगर निगम भोपाल ने खास तैयारी की है, साथ ही कई नवाचार किए गए हैं. जिसका फायदा स्वच्छ सर्वेक्षण में भोपाल को मिल सकता है.

फरवरी में आ सकती है सर्वेक्षण की टीम
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि, ''दिल्ली से आने वाली सर्वेक्षण की टीम यहां आने को लेकर हमें कोई जानकारी नहीं देती है. लेकिन शहर में हर जगह हमारे सफाईकर्मी और कर्मचारी मौजूद रहते हैं. ऐसे में कई बार वो लोग फोटो लेते हुए पहचान लिए जाते हैं.'' हालांकि नगर निगम भोपाल के अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि, ''संभवतः सर्वेक्षण की टीम फरवरी महीने में भोपाल आ सकती है. इसके लिए नगर निगम ने तैयारियां पूरी कर ली है.''

दिन-रात दो बार हो रही बाजारों की सफाई
स्वच्छ सर्वेक्षण के कारण नगर निगम के स्वास्थ्य अमले ने फील्ड में मुस्तैदी बढ़ा दी है. बाजार क्षेत्रों में दिन और रात में दो बार सफाई करने के साथ कचरा उठाया जा रहा है. सार्वजनिक स्थनों पर गंदगी फैलाने वालों से जुर्माना वसूला जा रहा है. वहीं दीवारों पर सुंदर पेटिंग की जा रही हैं. नालों के आसपास मनमोहक जालियां लगाई जा रही हैं. जिससे नालों की गंदगी दिखाई न दे. वहीं सड़कों पर उड़ती धूल को रोकने के लिए रात में रोड स्वीपिंग मशीनों से सफाई की जा रही है.

preparing cleaning in bhopal
शहर की सफाई में जुटा नगर निगम 
 

स्वच्छ सर्वेक्षण में ये होगी चुनौती
बता दें कि, पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में देश में सबसे स्वच्छ राजधानी के मामले में भोपाल पहले नंबर पर था. वहीं नगर निगम भोपाल को देश के शहरों की लिस्ट में पांचवी रैंक मिली थी. इसके लिए पिछली बार नगर निगम भोपाल ने कई नचार किए थे. जिसके कारण एक रैंक में उछाल आया था. अब इस बार भी नगर निगम के सामने पॉलीथिन का प्रयोग, खुले में सीवेज का बहना और कचरे का शत प्रतिशत निस्तारण बड़ी चुनौती है.

SWACHH SURVEY 2025
फरवरी में आ सकती है सर्वेक्षण की टीम 
 

इन नवाचारों से भोपाल बनेगा नंबर वन
नगर निगम भोपाल शहर से निकलने वाले कचरे के शत प्रतिशत निस्तारण की दिशा में निरंतर काम कर रहा है. इसके साथ ही कचरे में ट्रांसफर स्टेशन पहुंचने वाले रिसायकिल योग्य कचरे का फिर से उपयोग कर जरुरत के सामान बनाए जा रहे हैं. हाल में ही नगर निगम ने दानापानी कचरा ट्रांसफर स्टेशन में मंदिरों से निकलने वाली निर्माल्य सामग्री, गुड़ और नीबूं से बायो एंजाइम तैयार कर रहा है. वहीं फूलों से अगरबत्ती तैयार की जा रही है. इसके साथ ही नगर निगम द्वारा कोकोनट वेस्ट और पुराने कपड़ों से रस्सियां व अन्य सामग्री बनाने का काम कर रहा है. वहीं सूखे कचरे से चारकोल और गीले कचरे से बायो सीएनजी बनाने का कारखाना भी जल्द शुरु होने जा रहा है.

SANITATION TEAM VISIT BHOPAL
भोपाल में हो रहे कई नवाचार 
 

800 मीट्रिक टन कचरे से बनेगी सीएनजी और चारकोल
अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि, ''आदमपुर छावनी स्थित लैंडफिल साइट में पूरे शहर का करीब 900 मीट्रिक टन गीला-सूखा व अन्य प्रकार का कचरा निकलता है. इसमें करीब 20 टन कोकोनट वेस्ट, करीब 10 टन कपड़ा, करीब 25 टन पॉलीथिन व अन्य कचरा निकलता है. अब इसके शत प्रतिशत निस्तारण की व्यवस्था नगर निगम भोपाल ने कर ली है.''

''आदमपुर छावनी में एनटीपीसी द्वारा प्रतिदिन 400 मीट्रिक सूखे कचरे से टारिफाइड चारकोल बनाने के लिए प्लांट लगाया जा रहा है. वहीं 400 मीट्रिक टन गीले कचरे से सीएनजी बनाने के लिए एक अलग प्लांट लगाया जा रहा है. दोनों का काम अंतिम चरण में है. संभवतः अप्रैल या मई से दोनों प्लांट शुरु हो सकते हैं. इसका बड़ा असर स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर निगम भोपाल की रैकिंग में होगा.''

SANITATION TEAM VISIT BHOPAL
देश में स्वच्छता का सिरमोर बनेगा भोपाल 
 

फूलों से बन रही अगरबत्ती
दानापानी कचरा ट्रांसफर प्लांट में मंदिरों और शादी-समारोह से निकलने वाले फूलों को एकत्रित कर अगरबत्ती बनाई जा रही है. शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित मंदिरों से फूल व अन्य निर्माल्य सामग्री एकत्रित करने के लिए 4 मैजिक वाहन लगाए गए हैं. मुख्यालय से इसकी मानीटरिंग भी की जा रही है.

दिव्य बायो एंजाइम
नगर निगम के कचरा ट्रांसफर स्टेशन में मंदिरों से पहुंचने वाले निर्माण सामग्री, गुड़ और नीबूं के इस्तेमान से दिव्य बायो एंजाइम तैयार किया जा रहा है. इसे बनाने में 45 से 90 दिन का समय लगता है. इसे छानकर पौधों में खाद-कीटनाशक की तरह, कपड़े-बर्तन धोने, फिनाइल और वाटर बॉडी का पानी साफ करने के लिए उपयोग किया जा सकता है.

cleaning SURVEY in bhopal
सर्वेक्षण को लेकर भोपाल में सफाई साफ जारी है 
 

पुराने कपड़ों से रस्सी
दानापानी कचरा स्टेशन में ही रस्सी बनाने की मशीन लगाई गई है. इसमें कोकोनट वेस्ट और पुराने कपड़ों की मदद से रस्सी बनाई जा रही है. इसमें कचरे में फेंके जाने वाले कपड़े और लोगों के द्वारा दिए गए पुराने का कपड़ों का इस्तेमाल होता है.

गोबर से बने गमले
सीएसआर के तहत नगर निगम को तीन मशीनें मिली हैं. जिसमें गोबर से गमले बनाए जा रहे हैं. इनका इस्तेमाल नर्सरियों में किया जाएगा. जिससे कि पौधे लगाने के लिए पॉलीथिन का इस्तेमान नहीं करना पड़े. वहीं, गोबर से गमले बनाने में कोकोनट वेस्ट का इसतेमाल भी किया जा रहा है.

थर्माकोल की होगी रीसाइक्लिंग
नगर निगम भोपाल ने थर्माकोल रीसाइक्लिंग प्लांट भी लगाया है. यह भी सीएसआर फंड की मदद से लगाया गया है. इसके लिए निगम को 10 लाख रुपये मिले हैं. यहां कचरे में आने वाले थर्माकोल को रिसायकल कर पुनः उपयोग किया जाएगा.

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/preparation-for-master-stroke-in-swachh-survekshan-2025-bhopal-will/article-8242

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.