- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- ‘लाड़ली बहना’ योजना को 3,000 रुपये तक बढ़ाने की तैयारी, 60+ महिलाओं के लिए नई स्कीम पर विचार
‘लाड़ली बहना’ योजना को 3,000 रुपये तक बढ़ाने की तैयारी, 60+ महिलाओं के लिए नई स्कीम पर विचार
MP
बीजेपी की रणनीति: निकाय और विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए नकद सहायता बढ़ाई जाएगी, स्व-सहायता समूहों को भी मिलेगा बढ़ावा
मध्य प्रदेश सरकार महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने की योजना बना रही है। सूत्रों के अनुसार, राज्य की ‘लाड़ली बहना योजना’ की राशि अगले तीन साल में बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह करने की तैयारी है। इसके साथ ही, 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए नई योजना पर भी विचार चल रहा है।
कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने हाल ही में कहा कि यह कदम महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत करने के साथ ही आगामी नगर निकाय और विधानसभा चुनावों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। सरकार ने योजना को धीरे-धीरे बढ़ाने का रोडमैप तैयार किया है।
अधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, शीतकालीन सत्र में पेश किए गए 13,476 करोड़ रुपये के सप्लीमेंट्री बजट में 28% राशि सीधे महिलाओं और किसानों के लिए रखी गई। इसमें ‘लाड़ली बहना योजना’ के लिए 1,794 करोड़ और अन्य महिला-केंद्रित योजनाओं के लिए 1,183 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि DBT (डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर) के माध्यम से महिलाओं के खातों में सीधे पैसे पहुंचाने से सरकार और लाभार्थी के बीच व्यक्तिगत और भावनात्मक संबंध बनता है। यही वजह है कि महिला मतदाता अब राजनीतिक निर्णयों में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं।
सांख्यिकीय अध्ययन बताते हैं कि जिन निर्वाचन क्षेत्रों में जीत का अंतर कम था, वहां ‘लाड़ली बहना योजना’ के कारण बीजेपी की जीत की संभावना बढ़ गई। SBI की रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया कि योजना लाभार्थियों में से लगभग 48% ने बीजेपी को वोट दिया, जबकि योजना से वंचित महिलाओं में 53% ने कांग्रेस को समर्थन दिया।
सरकार केवल नकद सहायता देने तक सीमित नहीं है। ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत 10 लाख से अधिक महिलाओं को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया गया है। इसी तरह ‘लाड़ली बहना आवास योजना’ के तहत 4.75 लाख महिलाओं को पक्का मकान बनाने के लिए सहायता राशि दी जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषक गिरिजाशंकर का कहना है कि अब चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए नई घोषणाओं और सीधे लाभार्थी तक पैसे पहुंचाने वाली योजनाओं का बड़ा महत्व है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसे सतत बनाने और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करना जरूरी है।
मध्य प्रदेश में महिलाओं के लिए यह पहल न केवल चुनावी रणनीति का हिस्सा है, बल्कि उनके आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। आगामी तीन सालों में योजनाओं का क्रियान्वयन महिलाओं के जीवन और राजनीतिक भूमिका दोनों में बदलाव ला सकता है।
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
‘लाड़ली बहना’ योजना को 3,000 रुपये तक बढ़ाने की तैयारी, 60+ महिलाओं के लिए नई स्कीम पर विचार
MP
मध्य प्रदेश सरकार महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने की योजना बना रही है। सूत्रों के अनुसार, राज्य की ‘लाड़ली बहना योजना’ की राशि अगले तीन साल में बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह करने की तैयारी है। इसके साथ ही, 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए नई योजना पर भी विचार चल रहा है।
कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने हाल ही में कहा कि यह कदम महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत करने के साथ ही आगामी नगर निकाय और विधानसभा चुनावों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। सरकार ने योजना को धीरे-धीरे बढ़ाने का रोडमैप तैयार किया है।
अधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, शीतकालीन सत्र में पेश किए गए 13,476 करोड़ रुपये के सप्लीमेंट्री बजट में 28% राशि सीधे महिलाओं और किसानों के लिए रखी गई। इसमें ‘लाड़ली बहना योजना’ के लिए 1,794 करोड़ और अन्य महिला-केंद्रित योजनाओं के लिए 1,183 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि DBT (डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर) के माध्यम से महिलाओं के खातों में सीधे पैसे पहुंचाने से सरकार और लाभार्थी के बीच व्यक्तिगत और भावनात्मक संबंध बनता है। यही वजह है कि महिला मतदाता अब राजनीतिक निर्णयों में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं।
सांख्यिकीय अध्ययन बताते हैं कि जिन निर्वाचन क्षेत्रों में जीत का अंतर कम था, वहां ‘लाड़ली बहना योजना’ के कारण बीजेपी की जीत की संभावना बढ़ गई। SBI की रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया कि योजना लाभार्थियों में से लगभग 48% ने बीजेपी को वोट दिया, जबकि योजना से वंचित महिलाओं में 53% ने कांग्रेस को समर्थन दिया।
सरकार केवल नकद सहायता देने तक सीमित नहीं है। ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत 10 लाख से अधिक महिलाओं को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया गया है। इसी तरह ‘लाड़ली बहना आवास योजना’ के तहत 4.75 लाख महिलाओं को पक्का मकान बनाने के लिए सहायता राशि दी जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषक गिरिजाशंकर का कहना है कि अब चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए नई घोषणाओं और सीधे लाभार्थी तक पैसे पहुंचाने वाली योजनाओं का बड़ा महत्व है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसे सतत बनाने और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करना जरूरी है।
मध्य प्रदेश में महिलाओं के लिए यह पहल न केवल चुनावी रणनीति का हिस्सा है, बल्कि उनके आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। आगामी तीन सालों में योजनाओं का क्रियान्वयन महिलाओं के जीवन और राजनीतिक भूमिका दोनों में बदलाव ला सकता है।
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
