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राहुल गांधी का वचन, संसद में कानून बना 50% आरक्षण की दीवार ढहाएंगे
INDORE, MP
मध्यप्रदेश के महू में कांग्रेस की रैली में राहुल गांधी ने आरक्षण की सीमा 50 परसेंट से ज्यादा और जातिगत जनगणना कराने का संकल्प लिया.
मध्यप्रदेश में बाबासाहेब अंबेडकर की जन्मस्थली महू में कांग्रेस ने सोमवार को 'जय भीम, जय बापू, जय संविधान रैली' का आयोजन किया. इसमें पूरे देश के कांग्रेस के दिग्गजों का जमावड़ा हुआ. रैली को संबोधित करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संविधान बचाने का संकल्प दिलाया. राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान किया 'जहां भी संविधान पर आक्रमण हो, गरीबों-शोषितों पर अत्याचार हो, वहां आप लोग मजबूती से लड़ें." इसके साथ ही राहुल गांधी ने घोषणा की "हम सत्ता आएंगे तो संसद में कानून बनाकर 50 परसेंट से ज्यादा आरक्षण का बिल बनाकर पास कराएंगे."
आपका पैसा अरबपतियों की जेब में डाला
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा "जीएसटी सभी लोग देते हैं लेकिन ये सारा पैसा अरबपतियों की जेब में जा रहा है. देश में व्यापक स्तर पर निजीकरण किया जा रहा है. देश में दो से तीन उद्योगपतियों को रेलवे, एयरपोर्ट सौंपे जा रहे हैं." अडानी और अंबानी पर हमला करते हुए कहा "देश में जो बड़े ठेके दिए जा रहे हैं वे सभी दो-तीन अरबपतियों के हाथ में सौंपे जा रहे हैं. अडाणी और अंबानी को आपका सारा पैसा सौंपा जा रहा है. जितना जीएसटी आप लोग देते हैं उतना ही ये अरबपति भी देते हैं लेकिन ये सारा पैसा सीधे-सीधे अरबपतियों की जेब में जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने 16 लाख करोड़ रुपये अरबपतियों का कर्जा माफ किया है. लेकिन किसी किसान का या किसी मजदूर का कर्ज माफ नहीं किया."
संविधान खत्म करने पर तुली बीजेपी, कांग्रेस नहीं होने देगी
राहुल गांधी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान का जिक्र करते हुए कहा "उन्हें लगता है कि देश को आजादी तभी मिली जब मोदी पीएम बने. ये तो सीधे-सीधे संविधान पर आक्रमण है. बीजेपी ने लोकसभा चुनाव से पहले संविधान को खत्म करने की कोशिश की. इनकी मंशा अभी भी संविधान को खत्म करने की है. ये बात आप लोग समझ लें कि जिस दिन देश में संविधान खत्म हो जाएगा, उस दिन सब खत्म हो जाएगा. संविधान खत्म होते ही देश में गरीब, दलित और आदिवासियों के लिए कुछ भी नहीं बचेगा. लेकिन कांग्रेस जब तक है, बीजेपी के मंसूबे कामयाब नहीं हो सकते."
देश के 90 अफसरों के हाथ में देश का बजट
राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना कराने पर जोर देते हुए कहा "अभी तक पिछड़ों को ये पता नहीं कि उनकी देश में कितनी आबादी है. आप लोग इस बात को समझिए कि देश में केवल 90 अफसर ही देश का बजट बनाते हैं और यही तय करते हैं कि कहां-कहां बजट की राशि दी जाए. इन 90 अफसरों में केवल 5 फीसदी ही दलित और आदिवासी अफसर हैं. इनकी भी वहां नहीं चलती. बजट ही क्यों आप किसी भी सेक्टर में देख लो, वहां कितने ओबीसी, दलित और आदिवासी हैं. प्राइवेट सेक्टर में भी यही हाल है. यहां भी इसी वर्ग के लोग ही मिलेंगे. न्याय व्यवस्था से लेकर शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे अहम क्षेत्र में भी इसी वर्ग का बोलबाला है. इसलिए कांग्रेस चाहती है कि जाति जनगणना हो. हम सत्ता में आएंगे तो जनगणना कराएंगे. कर्नाटक व तेलंगाना में कांग्रेस सत्ता में है तो वहां जाति जनगणना की जा रही है."
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंथ रेड्डी बोले- मॉडर्न युग के गांधी हैं राहुल
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंथ रेड्डी ने कहा "ये संविधान बचाने के लिए लड़ाई जरूरी है, यह चुनाव नहीं लड़ाई है संविधान बचाने वालों और संविधान बदलने वालों के बीच. जब से मोदी प्रधानमंत्री बने, तब से बार-बार संविधान बदलने का प्रयास हुआ. राहुल गांधी ने शुरू से ही मोदी को पहचान लिया था. इसलिए पहले दिन से मोदी को रोकने की कोशिश की गजनी और महाभारत जैसी कोशिश कभी कामयाब नहीं होगी, जब अंग्रेजों को हराकर गांधी जी ने देश को बचाया, राहुल गांधी इस तरह देश को बचाएंगे.
सभा के लिए दो मंच, एक पर सारे दिग्गज नेता
इस रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई बड़े नेता शामिल हुए, मंच पर हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंथ रेड्डी, एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, जयराम रमेश, कुमारी सैलजा, रणदीप सुरजेवाला, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार समेत कई बड़े नेता मंच पर मौजूद रहे. बता दें कि कांग्रेस के सभास्थल के लिए दो बड़े मंच तैयार किए गए. पहले मंच पर 272 नेताओं को बैठाया गया. इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी सहित 95 लोग एआईसीसी के पदाधिकारी सहित कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बैठे.
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राहुल गांधी का वचन, संसद में कानून बना 50% आरक्षण की दीवार ढहाएंगे
INDORE, MP
मध्यप्रदेश में बाबासाहेब अंबेडकर की जन्मस्थली महू में कांग्रेस ने सोमवार को 'जय भीम, जय बापू, जय संविधान रैली' का आयोजन किया. इसमें पूरे देश के कांग्रेस के दिग्गजों का जमावड़ा हुआ. रैली को संबोधित करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संविधान बचाने का संकल्प दिलाया. राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान किया 'जहां भी संविधान पर आक्रमण हो, गरीबों-शोषितों पर अत्याचार हो, वहां आप लोग मजबूती से लड़ें." इसके साथ ही राहुल गांधी ने घोषणा की "हम सत्ता आएंगे तो संसद में कानून बनाकर 50 परसेंट से ज्यादा आरक्षण का बिल बनाकर पास कराएंगे."
आपका पैसा अरबपतियों की जेब में डाला
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा "जीएसटी सभी लोग देते हैं लेकिन ये सारा पैसा अरबपतियों की जेब में जा रहा है. देश में व्यापक स्तर पर निजीकरण किया जा रहा है. देश में दो से तीन उद्योगपतियों को रेलवे, एयरपोर्ट सौंपे जा रहे हैं." अडानी और अंबानी पर हमला करते हुए कहा "देश में जो बड़े ठेके दिए जा रहे हैं वे सभी दो-तीन अरबपतियों के हाथ में सौंपे जा रहे हैं. अडाणी और अंबानी को आपका सारा पैसा सौंपा जा रहा है. जितना जीएसटी आप लोग देते हैं उतना ही ये अरबपति भी देते हैं लेकिन ये सारा पैसा सीधे-सीधे अरबपतियों की जेब में जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने 16 लाख करोड़ रुपये अरबपतियों का कर्जा माफ किया है. लेकिन किसी किसान का या किसी मजदूर का कर्ज माफ नहीं किया."
संविधान खत्म करने पर तुली बीजेपी, कांग्रेस नहीं होने देगी
राहुल गांधी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान का जिक्र करते हुए कहा "उन्हें लगता है कि देश को आजादी तभी मिली जब मोदी पीएम बने. ये तो सीधे-सीधे संविधान पर आक्रमण है. बीजेपी ने लोकसभा चुनाव से पहले संविधान को खत्म करने की कोशिश की. इनकी मंशा अभी भी संविधान को खत्म करने की है. ये बात आप लोग समझ लें कि जिस दिन देश में संविधान खत्म हो जाएगा, उस दिन सब खत्म हो जाएगा. संविधान खत्म होते ही देश में गरीब, दलित और आदिवासियों के लिए कुछ भी नहीं बचेगा. लेकिन कांग्रेस जब तक है, बीजेपी के मंसूबे कामयाब नहीं हो सकते."
देश के 90 अफसरों के हाथ में देश का बजट
राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना कराने पर जोर देते हुए कहा "अभी तक पिछड़ों को ये पता नहीं कि उनकी देश में कितनी आबादी है. आप लोग इस बात को समझिए कि देश में केवल 90 अफसर ही देश का बजट बनाते हैं और यही तय करते हैं कि कहां-कहां बजट की राशि दी जाए. इन 90 अफसरों में केवल 5 फीसदी ही दलित और आदिवासी अफसर हैं. इनकी भी वहां नहीं चलती. बजट ही क्यों आप किसी भी सेक्टर में देख लो, वहां कितने ओबीसी, दलित और आदिवासी हैं. प्राइवेट सेक्टर में भी यही हाल है. यहां भी इसी वर्ग के लोग ही मिलेंगे. न्याय व्यवस्था से लेकर शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे अहम क्षेत्र में भी इसी वर्ग का बोलबाला है. इसलिए कांग्रेस चाहती है कि जाति जनगणना हो. हम सत्ता में आएंगे तो जनगणना कराएंगे. कर्नाटक व तेलंगाना में कांग्रेस सत्ता में है तो वहां जाति जनगणना की जा रही है."
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंथ रेड्डी बोले- मॉडर्न युग के गांधी हैं राहुल
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंथ रेड्डी ने कहा "ये संविधान बचाने के लिए लड़ाई जरूरी है, यह चुनाव नहीं लड़ाई है संविधान बचाने वालों और संविधान बदलने वालों के बीच. जब से मोदी प्रधानमंत्री बने, तब से बार-बार संविधान बदलने का प्रयास हुआ. राहुल गांधी ने शुरू से ही मोदी को पहचान लिया था. इसलिए पहले दिन से मोदी को रोकने की कोशिश की गजनी और महाभारत जैसी कोशिश कभी कामयाब नहीं होगी, जब अंग्रेजों को हराकर गांधी जी ने देश को बचाया, राहुल गांधी इस तरह देश को बचाएंगे.
सभा के लिए दो मंच, एक पर सारे दिग्गज नेता
इस रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई बड़े नेता शामिल हुए, मंच पर हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंथ रेड्डी, एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, जयराम रमेश, कुमारी सैलजा, रणदीप सुरजेवाला, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार समेत कई बड़े नेता मंच पर मौजूद रहे. बता दें कि कांग्रेस के सभास्थल के लिए दो बड़े मंच तैयार किए गए. पहले मंच पर 272 नेताओं को बैठाया गया. इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी सहित 95 लोग एआईसीसी के पदाधिकारी सहित कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बैठे.
