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राजा रघुवंशी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट में सोनम का जवाबी हलफनामा, खुद को बताया बेगुनाह
Digital Desk
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले सोनम रघुवंशी ने कहा- झूठे आरोपों में फंसाया गया, जांच और ट्रायल में लगातार कर रही हूं सहयोग।
देशभर में चर्चा का विषय बने राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक बार फिर कानूनी हलचल तेज हो गई है। मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में जवाबी हलफनामा दाखिल करते हुए खुद को पूरी तरह बेगुनाह बताया है। उसने अदालत से कहा है कि उसे इस मामले में झूठे आरोपों के आधार पर फंसाया गया है और वह शुरुआत से ही जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करती रही है। सोनम ने अपने हलफनामे में यह भी कहा कि वह ट्रायल की प्रक्रिया में भी पूरी तरह शामिल है और अदालत की हर शर्त का पालन कर रही है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई को लेकर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इस फैसले का असर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर पड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट में 9 जुलाई को इस मामले की अहम सुनवाई प्रस्तावित है। सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से दायर उस याचिका पर विचार किया जाएगा, जिसमें सोनम रघुवंशी को मिली जमानत को चुनौती दी गई है। अदालत के सामने यह सवाल भी रहेगा कि मौजूदा परिस्थितियों में सोनम की जमानत बरकरार रहेगी या नहीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस सुनवाई को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों से यह केस लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और हर सुनवाई के साथ इसमें नए कानूनी पहलू सामने आ रहे हैं।
सोनम रघुवंशी ने अपने जवाबी हलफनामे में दावा किया है कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उसने कहा कि जांच एजेंसियों ने उसे गलत तरीके से इस मामले में आरोपी बनाया है। हलफनामे में यह भी कहा गया है कि वह जांच अधिकारियों के बुलाने पर हर बार उपस्थित हुई है और अदालत की ओर से तय की गई सभी शर्तों का पालन कर रही है। उसके अनुसार वह किसी भी स्तर पर जांच में बाधा नहीं डाल रही और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए पूरा सहयोग कर रही है।
पिछली सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि इस मामले में अभी 94 गवाहों के बयान दर्ज होने बाकी हैं। उन्होंने अदालत को जानकारी दी थी कि मुकदमा फिलहाल ट्रायल के महत्वपूर्ण चरण में है और बड़ी संख्या में गवाहों की गवाही शेष है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने भी जांच की प्रगति और ट्रायल की गति को लेकर कई सवाल पूछे थे। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 9 जुलाई की तारीख तय की थी। माना जा रहा है कि इस बार अदालत मामले की प्रगति और जमानत से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से विचार कर सकती है।
मामले के अन्य आरोपियों की बात करें तो राज कुशवाह और उसके तीन साथी फिलहाल शिलांग जेल में बंद हैं। वहीं सोनम रघुवंशी को पहले ही सशर्त जमानत मिल चुकी है। इसके अलावा इस मामले में तीन अन्य आरोपियों और एक मकान मालिक को भी अदालत से जमानत मिली हुई है। हालांकि मुख्य साजिश और हत्या से जुड़े आरोपों की जांच और ट्रायल अभी जारी है। यही वजह है कि इस मामले में हर नई कानूनी कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है।
यह मामला पिछले वर्ष उस समय चर्चा में आया था जब इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी 11 मई 2025 को सोनम रघुवंशी से हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद दोनों हनीमून मनाने के लिए मेघालय गए। 23 मई को दोनों के अचानक लापता होने की खबर सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर तलाश अभियान शुरू किया। कई दिनों तक खोजबीन के बाद 3 जून 2025 को मेघालय की एक गहरी खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद किया गया। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
शव मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने घटनास्थल, मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे यह मामला सामान्य गुमशुदगी नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का प्रतीत हुआ। इसके बाद पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया और पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर सोनम रघुवंशी को भी मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में अदालत से उसे सशर्त जमानत मिल गई थी, जबकि अन्य आरोपी अब भी न्यायिक हिरासत में हैं।
इससे पहले जून महीने में सोनम रघुवंशी ने मीडिया से बातचीत में उन आरोपों का भी खंडन किया था, जिनमें कहा गया था कि वह जमानत मिलने के बाद नेपाल भाग गई है। उसने स्पष्ट कहा था कि वह कहीं नहीं गई और शिलांग में ही मौजूद है। सोनम ने कहा था कि उसके बारे में झूठी अफवाहें फैलाई जा रही हैं और लोगों को ऐसी बातों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उसने यह भी दोहराया था कि वह जांच एजेंसियों और अदालत की कार्यवाही में लगातार सहयोग करती रही है और आगे भी करती रहेगी।
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राजा रघुवंशी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट में सोनम का जवाबी हलफनामा, खुद को बताया बेगुनाह
Digital Desk
देशभर में चर्चा का विषय बने राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक बार फिर कानूनी हलचल तेज हो गई है। मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में जवाबी हलफनामा दाखिल करते हुए खुद को पूरी तरह बेगुनाह बताया है। उसने अदालत से कहा है कि उसे इस मामले में झूठे आरोपों के आधार पर फंसाया गया है और वह शुरुआत से ही जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करती रही है। सोनम ने अपने हलफनामे में यह भी कहा कि वह ट्रायल की प्रक्रिया में भी पूरी तरह शामिल है और अदालत की हर शर्त का पालन कर रही है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई को लेकर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इस फैसले का असर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर पड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट में 9 जुलाई को इस मामले की अहम सुनवाई प्रस्तावित है। सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से दायर उस याचिका पर विचार किया जाएगा, जिसमें सोनम रघुवंशी को मिली जमानत को चुनौती दी गई है। अदालत के सामने यह सवाल भी रहेगा कि मौजूदा परिस्थितियों में सोनम की जमानत बरकरार रहेगी या नहीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस सुनवाई को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों से यह केस लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और हर सुनवाई के साथ इसमें नए कानूनी पहलू सामने आ रहे हैं।
सोनम रघुवंशी ने अपने जवाबी हलफनामे में दावा किया है कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उसने कहा कि जांच एजेंसियों ने उसे गलत तरीके से इस मामले में आरोपी बनाया है। हलफनामे में यह भी कहा गया है कि वह जांच अधिकारियों के बुलाने पर हर बार उपस्थित हुई है और अदालत की ओर से तय की गई सभी शर्तों का पालन कर रही है। उसके अनुसार वह किसी भी स्तर पर जांच में बाधा नहीं डाल रही और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए पूरा सहयोग कर रही है।
पिछली सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि इस मामले में अभी 94 गवाहों के बयान दर्ज होने बाकी हैं। उन्होंने अदालत को जानकारी दी थी कि मुकदमा फिलहाल ट्रायल के महत्वपूर्ण चरण में है और बड़ी संख्या में गवाहों की गवाही शेष है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने भी जांच की प्रगति और ट्रायल की गति को लेकर कई सवाल पूछे थे। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 9 जुलाई की तारीख तय की थी। माना जा रहा है कि इस बार अदालत मामले की प्रगति और जमानत से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से विचार कर सकती है।
मामले के अन्य आरोपियों की बात करें तो राज कुशवाह और उसके तीन साथी फिलहाल शिलांग जेल में बंद हैं। वहीं सोनम रघुवंशी को पहले ही सशर्त जमानत मिल चुकी है। इसके अलावा इस मामले में तीन अन्य आरोपियों और एक मकान मालिक को भी अदालत से जमानत मिली हुई है। हालांकि मुख्य साजिश और हत्या से जुड़े आरोपों की जांच और ट्रायल अभी जारी है। यही वजह है कि इस मामले में हर नई कानूनी कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है।
यह मामला पिछले वर्ष उस समय चर्चा में आया था जब इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी 11 मई 2025 को सोनम रघुवंशी से हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद दोनों हनीमून मनाने के लिए मेघालय गए। 23 मई को दोनों के अचानक लापता होने की खबर सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर तलाश अभियान शुरू किया। कई दिनों तक खोजबीन के बाद 3 जून 2025 को मेघालय की एक गहरी खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद किया गया। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
शव मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने घटनास्थल, मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे यह मामला सामान्य गुमशुदगी नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का प्रतीत हुआ। इसके बाद पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया और पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर सोनम रघुवंशी को भी मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में अदालत से उसे सशर्त जमानत मिल गई थी, जबकि अन्य आरोपी अब भी न्यायिक हिरासत में हैं।
इससे पहले जून महीने में सोनम रघुवंशी ने मीडिया से बातचीत में उन आरोपों का भी खंडन किया था, जिनमें कहा गया था कि वह जमानत मिलने के बाद नेपाल भाग गई है। उसने स्पष्ट कहा था कि वह कहीं नहीं गई और शिलांग में ही मौजूद है। सोनम ने कहा था कि उसके बारे में झूठी अफवाहें फैलाई जा रही हैं और लोगों को ऐसी बातों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उसने यह भी दोहराया था कि वह जांच एजेंसियों और अदालत की कार्यवाही में लगातार सहयोग करती रही है और आगे भी करती रहेगी।
