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पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलना शुरू, पुलिस के पहरे में रामकी संयंत्र
Indore, MP
पीथमपुर के रामकी संयंत्र में यूनियन कार्बाइड का जहर नष्ट करने की प्रक्रिया तेज, भारी पुलिस के साथ मेडिकल व प्रदूषण बोर्ड की टीम तैनात.
दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी के अवशेष के रूप में मौजूद यूनियन कार्बाइड के 337 मीट्रिक टन कचरे के निष्पादन की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई. पीथमपुर स्थित रामकी संयंत्र के आसपास पुलिस का कड़ा पहरा है. कचरे से लदे कंटेनर को अनलोड किए जाने के बाद कचरा जलाने का काम शुरू किया गया. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मौके पर मेडिकल टीम मौजूद है. प्रदूशण नियंत्रण बोर्ड की टीमें भी तैनात हैं.
पहले 3 चरणों में 10-10 मीट्रिक टन कचरा जलेगा
भोपाल के यूनियन कार्बाइड से 337 मीट्रिक टन कचरे को हाई कोर्ट के निर्देश पर नष्ट करने के लिए कंटेनर के माध्यम से 1 जनवरी 2025 को पीथमपुर में मौजूद रामकी एनवायरो के संयंत्र भेजा गया था. उस दौरान स्थानीय लोगों के विरोध और सामाजिक संस्थाओं द्वारा किए गए आंदोलन और आत्मदाह के प्रयास के बाद इस जहरीले कचरे को अनलोड नहीं किया गया. इसके बाद राज्य सरकार ने हाई कोर्ट से समय मांगा. हाईकोर्ट ने 27 फरवरी से 10 मार्च तक 3 चरणों में 10-10 मीट्रिक टन कचरा जलाने के आदेश दिए. इस आदेश के बाद सुप्रीम कोर्ट में भी अपील की गई. एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाईकोर्ट जबलपुर के फैसले को उचित ठहराया गया. इससे कचरे के निष्पादन का रास्ता साफ हो गया. अब हाई कोर्ट के निर्देश के अनुसार शुक्रवार सुबह से कचरे के निष्पादन की प्रक्रिया शुरू हो गई.
प्रदूषण नियंत्रण मंडल की सतत मॉनिटरिंग
पीथमपुर स्थित रामकी संयंत्र में यूनियन कार्बाइड के कचरे को अनलोड किए जाने के बाद मिक्सिंग और जलाने की प्रक्रिया की पूरी मॉनिटरिंग केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अलावा मध्य प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों द्वारा की जा रही है. इससे पहले कंटेनर से कचरा अलग किया गया. अब संयंत्र के इंसीनरेटर में 900 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर कचरे को जलाया जा रहा है. मध्य प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के मुताबिक यूनियन कार्बाइड के कचरे में नेपथॉल सेमी प्रोसैस्ड पेस्टिसाइड 47 समेत यूनियन कार्बाइड से एकत्र मिट्टी के अवशेष हैं. इसके अलावा यूनियन कार्बाइड में प्लांट के अंदर स्थित अन्य सामग्री भी कचरे में शामिल है, जिसे इंसीनरेटर में चूना मिलकर जलाया जा रहा है.
कमिश्नर ने बताया- कैसे नष्ट किया जाएगा कचरा
इंदौर संभाग आयुक्त दीपक सिंह के मुताबिक "कचरे को 3 दिन तक जलाया जाना है, जिसके लिए 9-9 किलो के पैकेट बनाए गए हैं. हर पैकेट में साढ़े 4 किलो कचरा और इतनी ही मात्रा में चूना रहेगा, इससे कि कोई भी रासायनिक प्रभाव न्यूट्रल किया जा सके. कचरे को जलाने के लिए इंसीनरेटर को गुरुवार रात से ही चालू कर दिया गया था, जिसे 900 डिग्री सेल्सियस तक गर्म रखने के लिए लगातार चालू रहना जरूरी था. शुक्रवार सुबह 10 बजे जैसे ही इंसीनरेटर का तापमान 850 से 900 डिग्री तक पहुंचा तो उसमें कचरे के पैकेट डालना शुरू कर दिए गए. कचरे के जलने पर जो गैस और प्रदूषणकारी तत्व निकलते पाए जाएंगे, उन पर प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों द्वारा सतत मॉनिटरिंग की जा रही है."

हर बार कचरा जलने की रिपोर्ट सार्वजनिक होगी
राज्य सरकार ने कचरे के निष्पादन की प्रक्रिया को पूरे तरीके से पारदर्शी रखने के लिए विभिन्न चरणों में जलने वाले कचरे की रासायनिक रिपोर्ट को लगातार सार्वजनिक करने की भी तैयारी की है. कचरे को पहले इंसीनरेटर में रखने के बाद दूसरे इंसीनरेटर में 1100 से 1200 डिग्री तापमान पर डाला जाएगा, जबकि तीसरे चरण में गैस फ्लू और स्प्रे ड्रायर के अलावा सोडियम सल्फाइड के गोल से जलाए हुए अवशेष को मिश्रित करेंगे, जो बाद में राख में तब्दील हो जाएगा. इस दौरान प्लांट के कर्मचारी सुरक्षात्मक किट में रहेंगे. वही इंसीनरेटर में रोलर के माध्यम से कचरे के पैकेट गिराए जा रहे हैं, जो तीन चरणों में अलग-अलग तापमान पर जलाए जा रहे हैं.
रामकी संयंत्र के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
रामकी संयंत्र में कचरा जलाने के पूर्व पीथमपुर में करीब 600 अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है. वहीं प्लांट के चारों ओर 100 मीटर के क्षेत्र में आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित है. प्लांट के आसपास के रास्तों को डायवर्ट किया गया है. कंपनी के चारों ओर 100 मीटर की परिधि में पुलिस पॉइंट लगाए गए हैं. एक दिन पहले ही धार व इंदौर के 24 पुलिस थानों से पुलिस बल को मौके पर तैनात कर दिया गया था. धार जिले के प्रशासनिक अधिकारी कल से ही पीथमपुर में चाकचौबंद व्यवस्था बनाने में लगे रहे.
रामकी संयंत्र के गेट पर मेडिकल टीम भी तैनात
कचरा जलने पर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी ना हो, इसके लिए धार जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मौके पर दो टीमें तैनात की हैं. पेशेंट ट्रीटमेंट एम्बुलेंस भी रामकी संयंत्र के बाहर तैनात है. इस एंबुलेंस में लाइफ सपोर्टिंग सिस्टम के अलावा डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और नर्स आदि हैं. रामकी संयंत्र के गेट पर तैनात डॉ. कौशल जैसवाल ने बताया "किसी को भी कचरा जलाने के दौरान यदि घबराहट, सांस लेने में परेशानी या अन्य दिक्कत होती है तो ऐसी स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम तैनात है. पीथमपुर हॉस्पिटल में भी व्यवस्था की गई है."
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पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलना शुरू, पुलिस के पहरे में रामकी संयंत्र
Indore, MP
दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी के अवशेष के रूप में मौजूद यूनियन कार्बाइड के 337 मीट्रिक टन कचरे के निष्पादन की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई. पीथमपुर स्थित रामकी संयंत्र के आसपास पुलिस का कड़ा पहरा है. कचरे से लदे कंटेनर को अनलोड किए जाने के बाद कचरा जलाने का काम शुरू किया गया. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मौके पर मेडिकल टीम मौजूद है. प्रदूशण नियंत्रण बोर्ड की टीमें भी तैनात हैं.
पहले 3 चरणों में 10-10 मीट्रिक टन कचरा जलेगा
भोपाल के यूनियन कार्बाइड से 337 मीट्रिक टन कचरे को हाई कोर्ट के निर्देश पर नष्ट करने के लिए कंटेनर के माध्यम से 1 जनवरी 2025 को पीथमपुर में मौजूद रामकी एनवायरो के संयंत्र भेजा गया था. उस दौरान स्थानीय लोगों के विरोध और सामाजिक संस्थाओं द्वारा किए गए आंदोलन और आत्मदाह के प्रयास के बाद इस जहरीले कचरे को अनलोड नहीं किया गया. इसके बाद राज्य सरकार ने हाई कोर्ट से समय मांगा. हाईकोर्ट ने 27 फरवरी से 10 मार्च तक 3 चरणों में 10-10 मीट्रिक टन कचरा जलाने के आदेश दिए. इस आदेश के बाद सुप्रीम कोर्ट में भी अपील की गई. एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाईकोर्ट जबलपुर के फैसले को उचित ठहराया गया. इससे कचरे के निष्पादन का रास्ता साफ हो गया. अब हाई कोर्ट के निर्देश के अनुसार शुक्रवार सुबह से कचरे के निष्पादन की प्रक्रिया शुरू हो गई.
प्रदूषण नियंत्रण मंडल की सतत मॉनिटरिंग
पीथमपुर स्थित रामकी संयंत्र में यूनियन कार्बाइड के कचरे को अनलोड किए जाने के बाद मिक्सिंग और जलाने की प्रक्रिया की पूरी मॉनिटरिंग केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अलावा मध्य प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों द्वारा की जा रही है. इससे पहले कंटेनर से कचरा अलग किया गया. अब संयंत्र के इंसीनरेटर में 900 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर कचरे को जलाया जा रहा है. मध्य प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के मुताबिक यूनियन कार्बाइड के कचरे में नेपथॉल सेमी प्रोसैस्ड पेस्टिसाइड 47 समेत यूनियन कार्बाइड से एकत्र मिट्टी के अवशेष हैं. इसके अलावा यूनियन कार्बाइड में प्लांट के अंदर स्थित अन्य सामग्री भी कचरे में शामिल है, जिसे इंसीनरेटर में चूना मिलकर जलाया जा रहा है.
कमिश्नर ने बताया- कैसे नष्ट किया जाएगा कचरा
इंदौर संभाग आयुक्त दीपक सिंह के मुताबिक "कचरे को 3 दिन तक जलाया जाना है, जिसके लिए 9-9 किलो के पैकेट बनाए गए हैं. हर पैकेट में साढ़े 4 किलो कचरा और इतनी ही मात्रा में चूना रहेगा, इससे कि कोई भी रासायनिक प्रभाव न्यूट्रल किया जा सके. कचरे को जलाने के लिए इंसीनरेटर को गुरुवार रात से ही चालू कर दिया गया था, जिसे 900 डिग्री सेल्सियस तक गर्म रखने के लिए लगातार चालू रहना जरूरी था. शुक्रवार सुबह 10 बजे जैसे ही इंसीनरेटर का तापमान 850 से 900 डिग्री तक पहुंचा तो उसमें कचरे के पैकेट डालना शुरू कर दिए गए. कचरे के जलने पर जो गैस और प्रदूषणकारी तत्व निकलते पाए जाएंगे, उन पर प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों द्वारा सतत मॉनिटरिंग की जा रही है."

हर बार कचरा जलने की रिपोर्ट सार्वजनिक होगी
राज्य सरकार ने कचरे के निष्पादन की प्रक्रिया को पूरे तरीके से पारदर्शी रखने के लिए विभिन्न चरणों में जलने वाले कचरे की रासायनिक रिपोर्ट को लगातार सार्वजनिक करने की भी तैयारी की है. कचरे को पहले इंसीनरेटर में रखने के बाद दूसरे इंसीनरेटर में 1100 से 1200 डिग्री तापमान पर डाला जाएगा, जबकि तीसरे चरण में गैस फ्लू और स्प्रे ड्रायर के अलावा सोडियम सल्फाइड के गोल से जलाए हुए अवशेष को मिश्रित करेंगे, जो बाद में राख में तब्दील हो जाएगा. इस दौरान प्लांट के कर्मचारी सुरक्षात्मक किट में रहेंगे. वही इंसीनरेटर में रोलर के माध्यम से कचरे के पैकेट गिराए जा रहे हैं, जो तीन चरणों में अलग-अलग तापमान पर जलाए जा रहे हैं.
रामकी संयंत्र के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
रामकी संयंत्र में कचरा जलाने के पूर्व पीथमपुर में करीब 600 अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है. वहीं प्लांट के चारों ओर 100 मीटर के क्षेत्र में आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित है. प्लांट के आसपास के रास्तों को डायवर्ट किया गया है. कंपनी के चारों ओर 100 मीटर की परिधि में पुलिस पॉइंट लगाए गए हैं. एक दिन पहले ही धार व इंदौर के 24 पुलिस थानों से पुलिस बल को मौके पर तैनात कर दिया गया था. धार जिले के प्रशासनिक अधिकारी कल से ही पीथमपुर में चाकचौबंद व्यवस्था बनाने में लगे रहे.
रामकी संयंत्र के गेट पर मेडिकल टीम भी तैनात
कचरा जलने पर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी ना हो, इसके लिए धार जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मौके पर दो टीमें तैनात की हैं. पेशेंट ट्रीटमेंट एम्बुलेंस भी रामकी संयंत्र के बाहर तैनात है. इस एंबुलेंस में लाइफ सपोर्टिंग सिस्टम के अलावा डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और नर्स आदि हैं. रामकी संयंत्र के गेट पर तैनात डॉ. कौशल जैसवाल ने बताया "किसी को भी कचरा जलाने के दौरान यदि घबराहट, सांस लेने में परेशानी या अन्य दिक्कत होती है तो ऐसी स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम तैनात है. पीथमपुर हॉस्पिटल में भी व्यवस्था की गई है."
