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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर ड्रोन से निगरानी, पत्थरबाजों को ट्रैक करने रतलाम पुलिस का हाईटेक प्लान
Ratlam, MP
पत्थरबाजों पर नकेल कसने रतलाम पुलिस ने हाईटेक प्लान बनाया है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर नाइट विजन ड्रोन से निगरानी की जाएगी.
एमपी के रतलाम-झाबुआ क्षेत्र से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर लगातार पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए अब रतलाम पुलिस नाइट विजन ड्रोन का सहारा ले रही है. 8 लेन पर पत्थरबाजी कर भाग जाने वाले बदमाशों को अब नाइट विजन ड्रोन की मदद से ट्रैक किया जा सकेगा और धरपकड़ भी की जाएगी. इससे पूर्व पुलिस ने इन क्षेत्रों में कैंप लगाकर और रेंडम पेट्रोलिंग कर स्थानीय ग्रामीणों से पत्थरबाजी रुकवाने में मदद करने की अपील भी की थी. जिसका कुछ असर भी देखने को मिला था. लेकिन बीते दिनों फिर से पत्थर बाजी की घटनाएं हुई हैं.
एसपी ने ड्रोन उड़ाकर की टेस्टिंग
वहीं, अब पुलिस पत्थरबाजी करने वाले बदमाशों को टेक्नोलॉजी की मदद से ट्रैक करने का प्रयास कर रही है. रतलाम एसपी ने पुलिस अधिकारियों के साथ पत्थरबाजी वाले क्षेत्र में ड्रोन उड़ाकर इसका परीक्षण भी किया है. वहीं, हाईवे पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ 90 किलोमीटर के इस हिस्से में पुलिस चौकियां भी बनाई जाएंगी. बीते कुछ महीनों में पत्थर बाजी की करीब दर्जन भर घटनाएं सामने आई हैं. इसके बाद पुलिस पेट्रोलिंग भी इस क्षेत्र में बढ़ाई गई है.
एक्सप्रेस वे पर पुलिस चौकियां खोलने का प्रस्ताव भेजा
दरअसल, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर जब से आवागमन शुरू हुआ है, तब से ही झाबुआ के थांदला, रतलाम के शिवगढ़, रावटी और औद्योगिक थाना क्षेत्र में पत्थरबाजी की घटनाओं की कई शिकायत दर्ज हुई हैं. कई मामलों में तो राहगीर शिकायत किए बिना ही आगे रवाना हो जाते हैं. जिसकी वजह से पत्थरबाजी की घटनाओं के लिए दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे का यह हिस्सा बदनाम होने लगा है. रतलाम पुलिस प्रशासन ने करीब 90 किलोमीटर के इस हिस्से पर पुलिस चौकियां खोलने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा है.

ड्रोन से ट्रैक होंगे पत्थरबाज
वहीं, पुलिस पेट्रोलिंग के साथ ही नाइट विजन कैमरों से निगरानी भी करेगी. एनएचएआई के साथ मिलकर पुलिस ड्रोन उड़ाकर पत्थरबाजी करने वाले लोगों को ट्रैक करेगी. पूर्व में अंधेरे का फायदा उठाकर पत्थरबाजी करने वाले बदमाश भाग जाया करते थे, जिन्हें ढूंढना और पकड़ना मुश्किल होता था. लेकिन अब हाई क्वालिटी के नाइट विजन ड्रोन के फुटेज के आधार पर पत्थरबाजी करने वाले और 8 लेन पर चोरी, तोड़फोड़ करने वालों की पहचान कर पकड़ा जा सकेगा.
सामाजिक तत्वों पर लगेगा अंकुश
रतलाम एसपी अमित कुमार ने बताया कि, ''एक्सप्रेस वे पर पुलिस चौकियां खोलने के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया है. वहीं, इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय ग्रामीणों के साथ संवाद कर ऐसा करने वाले और सामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाया जाएगा.'' बहरहाल रतलाम पुलिस अब दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे पर पत्थरबाजी रोकने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है. जिससे यहां से रात में गुजरने वाले यात्री सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे.
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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर ड्रोन से निगरानी, पत्थरबाजों को ट्रैक करने रतलाम पुलिस का हाईटेक प्लान
Ratlam, MP
एमपी के रतलाम-झाबुआ क्षेत्र से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर लगातार पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए अब रतलाम पुलिस नाइट विजन ड्रोन का सहारा ले रही है. 8 लेन पर पत्थरबाजी कर भाग जाने वाले बदमाशों को अब नाइट विजन ड्रोन की मदद से ट्रैक किया जा सकेगा और धरपकड़ भी की जाएगी. इससे पूर्व पुलिस ने इन क्षेत्रों में कैंप लगाकर और रेंडम पेट्रोलिंग कर स्थानीय ग्रामीणों से पत्थरबाजी रुकवाने में मदद करने की अपील भी की थी. जिसका कुछ असर भी देखने को मिला था. लेकिन बीते दिनों फिर से पत्थर बाजी की घटनाएं हुई हैं.
एसपी ने ड्रोन उड़ाकर की टेस्टिंग
वहीं, अब पुलिस पत्थरबाजी करने वाले बदमाशों को टेक्नोलॉजी की मदद से ट्रैक करने का प्रयास कर रही है. रतलाम एसपी ने पुलिस अधिकारियों के साथ पत्थरबाजी वाले क्षेत्र में ड्रोन उड़ाकर इसका परीक्षण भी किया है. वहीं, हाईवे पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ 90 किलोमीटर के इस हिस्से में पुलिस चौकियां भी बनाई जाएंगी. बीते कुछ महीनों में पत्थर बाजी की करीब दर्जन भर घटनाएं सामने आई हैं. इसके बाद पुलिस पेट्रोलिंग भी इस क्षेत्र में बढ़ाई गई है.
एक्सप्रेस वे पर पुलिस चौकियां खोलने का प्रस्ताव भेजा
दरअसल, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर जब से आवागमन शुरू हुआ है, तब से ही झाबुआ के थांदला, रतलाम के शिवगढ़, रावटी और औद्योगिक थाना क्षेत्र में पत्थरबाजी की घटनाओं की कई शिकायत दर्ज हुई हैं. कई मामलों में तो राहगीर शिकायत किए बिना ही आगे रवाना हो जाते हैं. जिसकी वजह से पत्थरबाजी की घटनाओं के लिए दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे का यह हिस्सा बदनाम होने लगा है. रतलाम पुलिस प्रशासन ने करीब 90 किलोमीटर के इस हिस्से पर पुलिस चौकियां खोलने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा है.

ड्रोन से ट्रैक होंगे पत्थरबाज
वहीं, पुलिस पेट्रोलिंग के साथ ही नाइट विजन कैमरों से निगरानी भी करेगी. एनएचएआई के साथ मिलकर पुलिस ड्रोन उड़ाकर पत्थरबाजी करने वाले लोगों को ट्रैक करेगी. पूर्व में अंधेरे का फायदा उठाकर पत्थरबाजी करने वाले बदमाश भाग जाया करते थे, जिन्हें ढूंढना और पकड़ना मुश्किल होता था. लेकिन अब हाई क्वालिटी के नाइट विजन ड्रोन के फुटेज के आधार पर पत्थरबाजी करने वाले और 8 लेन पर चोरी, तोड़फोड़ करने वालों की पहचान कर पकड़ा जा सकेगा.
सामाजिक तत्वों पर लगेगा अंकुश
रतलाम एसपी अमित कुमार ने बताया कि, ''एक्सप्रेस वे पर पुलिस चौकियां खोलने के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया है. वहीं, इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय ग्रामीणों के साथ संवाद कर ऐसा करने वाले और सामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाया जाएगा.'' बहरहाल रतलाम पुलिस अब दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे पर पत्थरबाजी रोकने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है. जिससे यहां से रात में गुजरने वाले यात्री सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे.
