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दो जिलों में बंटा एक शहर, परेशान रहवासी पहुंचे कलेक्टर के पास
vidisha, MP
मंडी बामोरा और सिहोरा के रहवासियों ने आज विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता से मुलाकात कर एक गंभीर प्रशासनिक समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि दोनों इलाके एक ही पंचायत के अंतर्गत आते हैं, फिर भी मंडी बामोरा विदिशा जिले में और सिहोरा सागर जिले में आता है। मंडी बामोरा और सिहोरा के रहवासी मंगलवार को कलेक्टर अंशुल गुप्ता से मिले और अपने क्षेत्र की एक गंभीर समस्या को सामने रखा। नागरिकों ने बताया कि ये दोनों बस्तियां एक ही पंचायत का हिस्सा होते हुए भी दो अलग-अलग जिलों—विदिशा और सागर में बंटी हुई हैं, जिससे उन्हें लगातार प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एक पंचायत, दो जिले: बना बड़ी दिक्कत
रहवासियों ने बताया कि मंडी बामोरा और सिहोरा एक ही क्षेत्रीय इकाई में आते हैं, लेकिन प्रशासनिक दृष्टिकोण से दो जिलों में बांटे जाने के कारण फॉर्म, प्रमाणपत्र, पेंशन, भूमि रिकॉर्ड, स्कूल और स्वास्थ सेवाओं से जुड़ी कई प्रक्रियाएं अधूरी रह जाती हैं या काफी जटिल हो जाती हैं।
नागरिकों ने मांगा स्थायी समाधान
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में नागरिकों ने मांग की कि इस प्रशासनिक विखंडन को समाप्त कर दोनों क्षेत्रों को एक ही जिले में शामिल किया जाए, ताकि लोगों को एकीकृत सेवाएं मिल सकें और वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान हो।
मौके पर रहवासी बोले
रहवासियों का कहना है कि इस विभाजन के कारण उन्हें एक ही मामले के लिए दो अलग-अलग जिलों के दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सुविधा की बात नहीं, बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक अधिकारों से जुड़ा मामला है।
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दो जिलों में बंटा एक शहर, परेशान रहवासी पहुंचे कलेक्टर के पास
vidisha, MP
एक पंचायत, दो जिले: बना बड़ी दिक्कत
रहवासियों ने बताया कि मंडी बामोरा और सिहोरा एक ही क्षेत्रीय इकाई में आते हैं, लेकिन प्रशासनिक दृष्टिकोण से दो जिलों में बांटे जाने के कारण फॉर्म, प्रमाणपत्र, पेंशन, भूमि रिकॉर्ड, स्कूल और स्वास्थ सेवाओं से जुड़ी कई प्रक्रियाएं अधूरी रह जाती हैं या काफी जटिल हो जाती हैं।
नागरिकों ने मांगा स्थायी समाधान
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में नागरिकों ने मांग की कि इस प्रशासनिक विखंडन को समाप्त कर दोनों क्षेत्रों को एक ही जिले में शामिल किया जाए, ताकि लोगों को एकीकृत सेवाएं मिल सकें और वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान हो।
मौके पर रहवासी बोले
रहवासियों का कहना है कि इस विभाजन के कारण उन्हें एक ही मामले के लिए दो अलग-अलग जिलों के दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सुविधा की बात नहीं, बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक अधिकारों से जुड़ा मामला है।
