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रीवा की स्टार्टअप गर्ल धूप स्टिक से विंध्य में घोल रही सुगंध, गोबर से कर रही लाखों की कमाई
Rewa, MP
एक आइडिया ने बदली रीवा की निशा की जिंदगी. बैंकिंग की तैयारी छोड़ शुरू किया स्टार्टअप. गोबर से कर रहीं लाखों रुपए की कमाई.
कहते हैं कि अगर मन में कुछ कर गुजरने का जुनून हो तो हर मुश्किल राह आसान हो जाती है. ऐसे ही एक मुश्किल राह को आसान करके रीवा की बेटी निशा जयसवाल ने दिखाया है. कोरोना के दौरान लॉकडाउन में जब लोगों की नौकरियां जा रहीं थीं, इसी समय बैकिंग की तैयारी करने जा रही निशा ने खुद का स्टार्टअप शुरू करने का फैसला किया. निशा द्वारा गोबर से तैयार किए गए प्रोडक्ट की बाजार में भारी डिमांड है. अब तक उन्होंने बिजनेस से लाखों रुपए कमा लिए हैं.
रीवा की बेटी निशा जयसवाल का कमाल
निशा जयसवाल रीवा शहर के नाका क्षेत्र की रहने वाली हैं. उनके पिता नवल किशोर जयसवाल पंचायत सेक्रेटरी हैं, तो माता ग्रहणी हैं. घर पर बड़ी बहन के अलावा बड़े भाई हैं, जो चार्टेड एकाउंटेंट हैं. निशा ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक की पढ़ाई रीवा के सेंट्रल एकेडमी स्कूल से की. इसके बाद भोपाल के बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन कंप्लीट कर बैंकिंग की तैयारी शुरू की, लेकिन कोरोना महामारी के चलते उन्हें अपनी तैयारी बीच में छोड़कर रीवा वापस लौटना पड़ा.
एक आइडिया से शुरू हुआ स्टार्टअप
निशा जयसवाल ने बताया कि "बचपन से ही उनका और उनके पूरे परिवार का गौवंश के प्रति गहरा लगाव रहा है. उनके परिवार में गायों का पालन शुरू से किया जाता रहा है. लॉकडाउन के दौरान निशा जब घर में खाली बैठी थीं तब उनके मन में अपना काम शुरू करने का विचार आया. इसके बाद उन्होंने कम लागत में काम शुरू करने के लिए छोटे-छोटे बिजनेस के बारे में रिसर्च किया. इसी दौरान गाय के गोबर से धूप अगरबत्ती बनाने का आइडिया आया. तब जाकर इस पर काम शुरू किया.

बड़े भाई की मदद से स्टार्टअप की हुई शुरुआत
बड़े भाई ने 4 लाख रुपए देकर फाइनेंशियल मदद की, साथ ही स्टार्टअप को शुरू करने में काफी सहयोग किया. वहीं, निशा ने गोबर से धूप स्टिक तैयार करना शुरू किया. धूप स्टिक तैयार करने के बाद उन्हें मार्केट में उतारा, लेकिन शुरुआत में कोई खास रिस्पॉन्स नहीं मिला. इसके बावजूद भी निशा ने हार नहीं मानी और बाजार में पकड़ बनाने के लिए गजब का आइडिया निकाला.

मार्केटिंग का अपनाया खास तरीका
निशा ने सबसे पहले गोबर से बने धूप स्टिक को दुकानों में फ्री में देकर टेस्ट करने को कहा. फ्री में प्रोडक्ट देने का यह सिलसिला 4 महीनों तक जारी रहा है. इस दौरान धूप स्टिक ने बाजार में अपनी जगह बना ली. इसके बाद निशा ने बाजार में सर्वे कराकर देखा कि उनके प्रोडक्ट की बाजार में मांग कैसी है. बाजार से उन्हें अच्छा रिस्पॉन्स मिला. इसके बाद उन्होंने दुकानों में अपना माल किफायती कीमत में देना शुरू किया और देखते ही देखते उनका बिजनेस तेजी से चल पड़ा.

5-6 लाख रुपए तक कमा चुकी हैं प्रॉफिट
जैसे जैसे बाजार में उनके धूप स्टिक की मांग बढ़ती गई, निशा ने भी धीरे धीरे अपना बिजनेस बढ़ाया. इसके बाद बड़ी मात्रा में धूप स्टिक तैयार करने के लिए ऑटोमेटिक मशीन खरीदी और बड़ी तादाद में धूप स्टिक बनानी शुरू कर दी. निशा आज अन्य लोगों के लिए भी रोजगार का जरिया बन चुकी हैं. निशा ने बताया कि "उन्हें प्रतिवर्ष 2 लाख के आसपास की इनकम हो जाती है. अब तक वह अपने स्टार्टअप से 5-6 लाख रुपए तक प्रॉफिट कमा चुकी हैं."

इको फ्रेंडली हैं गोबर से बने प्रोडक्ट
निशा ने बताया कि "गोबर से निर्मित सुगंधित धूप स्टिक के अलावा घर और ऑफिस के सजावट के लिए वह कई प्रोडेक्ट तैयार कर रही हैं. उनके यहां तैयार होने वाली सुगंधित धूप स्टिक पूरी तरह से इको फ्रेंडली है. उसमें किसी भी तरह के केमिकल या चारकोल का इस्तेमाल नहीं किया जाता. धूप स्टिक को सुगंधित बनाने के लिए अलग अलग किस्म के खुशबूदार सुगंधित ऑर्गेनिक ऑयल का उपयोग किया जाता है."

प्रोडक्ट की ब्रांडिंग ने मार्केट में मचाई धूम
निशा ने गोबर से बने सुगंधित धूप स्टिक का पेटेंट करवाकर ब्रांड का नाम 'सात्विक' रखा है. जिसमें धूप के पैकेट पर गाय का होलोग्राम भी अंकित किया गया है. प्रोडक्ट को खूबसूरत तरीके से अलग अलग फ्लेवर में जैसे रोज, लेवेंडर, गुग्गल, पाइन एप्पल और चंदन के खुशबू की आकर्षक पैकजिंग करके प्रोडक्ट को होलसेल और फुटकर मार्केट में बिक्री के लिए भेजा जाता है. वहीं घरों और ऑफिसों की साज सज्जा के लिए गोबर से खास तरह की समाग्री तैयार की जाती है.
गोबर से निर्मित अन्य प्रोडक्ट
दीपावली के समय घरों की सजावट के लिए गोबर से निर्मित और आकर्षित दीये, शुभ लाभ, चरण पादुका, जय श्री राम की नेम प्लेट सहित रक्षा बंधन के मौके पर गोबर से निर्मित इको फ्रेंडली रंग बिरंगी खुबसूरत राखियां और नाम वाले चाभी के छल्ले सहित अन्य सजावत की सामाग्री तैयार की जाती हैं. निशा अब अपने व्यवसाय से लाखों की कमाई तो कर ही रही हैं, जल्द ही अब उनका गोबर से बना प्रोडेक्ट देश भर में धूम मचाने वाला है, क्योंकि वह अपने सात्विक प्रोडक्ट की मार्केटिंग सबसे बड़े ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट अमेजॉन, और फ्लिपकार्ट में करने वाली हैं.
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रीवा की स्टार्टअप गर्ल धूप स्टिक से विंध्य में घोल रही सुगंध, गोबर से कर रही लाखों की कमाई
Rewa, MP
कहते हैं कि अगर मन में कुछ कर गुजरने का जुनून हो तो हर मुश्किल राह आसान हो जाती है. ऐसे ही एक मुश्किल राह को आसान करके रीवा की बेटी निशा जयसवाल ने दिखाया है. कोरोना के दौरान लॉकडाउन में जब लोगों की नौकरियां जा रहीं थीं, इसी समय बैकिंग की तैयारी करने जा रही निशा ने खुद का स्टार्टअप शुरू करने का फैसला किया. निशा द्वारा गोबर से तैयार किए गए प्रोडक्ट की बाजार में भारी डिमांड है. अब तक उन्होंने बिजनेस से लाखों रुपए कमा लिए हैं.
रीवा की बेटी निशा जयसवाल का कमाल
निशा जयसवाल रीवा शहर के नाका क्षेत्र की रहने वाली हैं. उनके पिता नवल किशोर जयसवाल पंचायत सेक्रेटरी हैं, तो माता ग्रहणी हैं. घर पर बड़ी बहन के अलावा बड़े भाई हैं, जो चार्टेड एकाउंटेंट हैं. निशा ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक की पढ़ाई रीवा के सेंट्रल एकेडमी स्कूल से की. इसके बाद भोपाल के बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन कंप्लीट कर बैंकिंग की तैयारी शुरू की, लेकिन कोरोना महामारी के चलते उन्हें अपनी तैयारी बीच में छोड़कर रीवा वापस लौटना पड़ा.
एक आइडिया से शुरू हुआ स्टार्टअप
निशा जयसवाल ने बताया कि "बचपन से ही उनका और उनके पूरे परिवार का गौवंश के प्रति गहरा लगाव रहा है. उनके परिवार में गायों का पालन शुरू से किया जाता रहा है. लॉकडाउन के दौरान निशा जब घर में खाली बैठी थीं तब उनके मन में अपना काम शुरू करने का विचार आया. इसके बाद उन्होंने कम लागत में काम शुरू करने के लिए छोटे-छोटे बिजनेस के बारे में रिसर्च किया. इसी दौरान गाय के गोबर से धूप अगरबत्ती बनाने का आइडिया आया. तब जाकर इस पर काम शुरू किया.

बड़े भाई की मदद से स्टार्टअप की हुई शुरुआत
बड़े भाई ने 4 लाख रुपए देकर फाइनेंशियल मदद की, साथ ही स्टार्टअप को शुरू करने में काफी सहयोग किया. वहीं, निशा ने गोबर से धूप स्टिक तैयार करना शुरू किया. धूप स्टिक तैयार करने के बाद उन्हें मार्केट में उतारा, लेकिन शुरुआत में कोई खास रिस्पॉन्स नहीं मिला. इसके बावजूद भी निशा ने हार नहीं मानी और बाजार में पकड़ बनाने के लिए गजब का आइडिया निकाला.

मार्केटिंग का अपनाया खास तरीका
निशा ने सबसे पहले गोबर से बने धूप स्टिक को दुकानों में फ्री में देकर टेस्ट करने को कहा. फ्री में प्रोडक्ट देने का यह सिलसिला 4 महीनों तक जारी रहा है. इस दौरान धूप स्टिक ने बाजार में अपनी जगह बना ली. इसके बाद निशा ने बाजार में सर्वे कराकर देखा कि उनके प्रोडक्ट की बाजार में मांग कैसी है. बाजार से उन्हें अच्छा रिस्पॉन्स मिला. इसके बाद उन्होंने दुकानों में अपना माल किफायती कीमत में देना शुरू किया और देखते ही देखते उनका बिजनेस तेजी से चल पड़ा.

5-6 लाख रुपए तक कमा चुकी हैं प्रॉफिट
जैसे जैसे बाजार में उनके धूप स्टिक की मांग बढ़ती गई, निशा ने भी धीरे धीरे अपना बिजनेस बढ़ाया. इसके बाद बड़ी मात्रा में धूप स्टिक तैयार करने के लिए ऑटोमेटिक मशीन खरीदी और बड़ी तादाद में धूप स्टिक बनानी शुरू कर दी. निशा आज अन्य लोगों के लिए भी रोजगार का जरिया बन चुकी हैं. निशा ने बताया कि "उन्हें प्रतिवर्ष 2 लाख के आसपास की इनकम हो जाती है. अब तक वह अपने स्टार्टअप से 5-6 लाख रुपए तक प्रॉफिट कमा चुकी हैं."

इको फ्रेंडली हैं गोबर से बने प्रोडक्ट
निशा ने बताया कि "गोबर से निर्मित सुगंधित धूप स्टिक के अलावा घर और ऑफिस के सजावट के लिए वह कई प्रोडेक्ट तैयार कर रही हैं. उनके यहां तैयार होने वाली सुगंधित धूप स्टिक पूरी तरह से इको फ्रेंडली है. उसमें किसी भी तरह के केमिकल या चारकोल का इस्तेमाल नहीं किया जाता. धूप स्टिक को सुगंधित बनाने के लिए अलग अलग किस्म के खुशबूदार सुगंधित ऑर्गेनिक ऑयल का उपयोग किया जाता है."

प्रोडक्ट की ब्रांडिंग ने मार्केट में मचाई धूम
निशा ने गोबर से बने सुगंधित धूप स्टिक का पेटेंट करवाकर ब्रांड का नाम 'सात्विक' रखा है. जिसमें धूप के पैकेट पर गाय का होलोग्राम भी अंकित किया गया है. प्रोडक्ट को खूबसूरत तरीके से अलग अलग फ्लेवर में जैसे रोज, लेवेंडर, गुग्गल, पाइन एप्पल और चंदन के खुशबू की आकर्षक पैकजिंग करके प्रोडक्ट को होलसेल और फुटकर मार्केट में बिक्री के लिए भेजा जाता है. वहीं घरों और ऑफिसों की साज सज्जा के लिए गोबर से खास तरह की समाग्री तैयार की जाती है.
गोबर से निर्मित अन्य प्रोडक्ट
दीपावली के समय घरों की सजावट के लिए गोबर से निर्मित और आकर्षित दीये, शुभ लाभ, चरण पादुका, जय श्री राम की नेम प्लेट सहित रक्षा बंधन के मौके पर गोबर से निर्मित इको फ्रेंडली रंग बिरंगी खुबसूरत राखियां और नाम वाले चाभी के छल्ले सहित अन्य सजावत की सामाग्री तैयार की जाती हैं. निशा अब अपने व्यवसाय से लाखों की कमाई तो कर ही रही हैं, जल्द ही अब उनका गोबर से बना प्रोडेक्ट देश भर में धूम मचाने वाला है, क्योंकि वह अपने सात्विक प्रोडक्ट की मार्केटिंग सबसे बड़े ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट अमेजॉन, और फ्लिपकार्ट में करने वाली हैं.
