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ग्वालियर में लुटेरी दुल्हन का हुआ भंडाफोड़, ठगी के लिए पति ने ही कराया पत्नी का कन्यादान
ग्वालियर (म.प्र.)
ग्वालियर में पति ने अपनी ही पत्नी की दूसरी शादी करवा दी। लूट की साजिश से पहले खुलासा हुआ और पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
ग्वालियर, मध्य प्रदेश में शादी के नाम पर एक ठगी का मामला सामने आया है, जिससे पुलिस भी हैरान रह गई है। एक युवक ने अपने गिरोह के साथ मिलकर अपनी पत्नी की दूसरी शादी करवाई। वह खुद को लड़की का भाई बताते हुए शादी में शामिल हुआ और कन्यादान तक कर दिया। यह मामला झांसी रोड थाना क्षेत्र के नाका चंद्रवदनी इलाके का है। पुलिस के अनुसार, यह पूरा गिरोह शादी के माध्यम से लोगों को फंसाकर लूटपाट करता था। इस बार भी उनकी योजना लगभग तैयार थी, लेकिन घटना के होने से पहले ही उनका भंडाफोड़ हो गया।
जानकारी के मुताबिक, रतन शर्मा नाम का एक युवक एक निजी अस्पताल में काम करता है। उसका परिवार लंबे समय से उसके लिए दुल्हन ढूंढ रहा था। इसी दौरान, पड़ोस में रहने वाले सोनू तिवारी ने परिवार से संपर्क किया और अपने दोस्त अजय चौहान की मुंहबोली बहन का रिश्ता बताया। परिवार को भरोसा दिलाया गया कि लड़की का परिवार अच्छा है और जल्दी ही शादी कर दी जाएगी। कुछ मुलाकातों के बाद, 7 मई को हिंदू रीति-रिवाज से शादी संपन्न हुई। शादी में लड़की पक्ष से आए लोग बाद में पूरे गिरोह का हिस्सा निकले। बताया जा रहा है कि शादी में रतन शर्मा के परिवार ने करीब 7 लाख रुपये खर्च किए।
चौंकाने वाली बात यह है कि जिस युवक को परिवार लड़की का भाई समझ रहा था, वह वास्तव में उसका पहला पति निकला। पुलिस जांच में पता चला कि राधा, जिसे दीक्षा मुद्गल भी कहा जाता है, पहले से शादीशुदा थी। उसी का पति रतन चौहान इस शादी में भाई बनकर शामिल हुआ था और उसने कन्यादान की रस्म भी निभाई। वहीं, उसकी सास ने लड़की की मां बनकर शादी की रस्में पूरी कराईं। शुरुआत में किसी को शक नहीं हुआ। शादी के बाद, युवती अपने दूसरे पति रतन शर्मा के घर रहने लगी और धीरे-धीरे घर की पूरी जानकारी इकट्ठा करने लगी। सूत्रों के अनुसार, वह घर में रखे जेवर, नकदी और अन्य सामान पर नजर रख रही थी।
करीब दो हफ्ते बाद, मामला अचानक पलट गया। रतन शर्मा को पत्नी के लगातार फोन पर व्यस्त रहने और बार-बार मोबाइल छिपाने पर शक हुआ। एक दिन उसने मौका पाकर मोबाइल चेक किया। व्हाट्सएप चैट पढ़ते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। चैट में युवती और उसके पहले पति के बीच बातचीत थी, जिसमें घर से नकदी और जेवर लेकर भागने की योजना की चर्चा की गई थी। इसके बाद, उसने परिवार को पूरे मामले की जानकारी दी। देर रात पुलिस को सूचित किया गया और कार्रवाई करते हुए पुलिस ने युवती, उसके पहले पति और गिरोह के कुल 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
नाका चंद्रवदनी थाना पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह गिरोह पहले भी कई लोगों को इसी तरह निशाना बना चुका है। अलग-अलग शहरों में शादी कराकर कुछ दिनों बाद लूट की कोशिश की जाती थी। कई मामलों में, लोग बदनामी के डर से शिकायत तक नहीं करते थे। हालाँकि, इस बार समय रहते मामला खुल गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। फिलहाल, पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। इस घटना के बाद इलाके के लोग भी हैरान हैं कि शादी जैसे रिश्ते का इस्तेमाल अब ठगी और अपराध के लिए किया जा रहा है।
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ग्वालियर में लुटेरी दुल्हन का हुआ भंडाफोड़, ठगी के लिए पति ने ही कराया पत्नी का कन्यादान
ग्वालियर (म.प्र.)
ग्वालियर, मध्य प्रदेश में शादी के नाम पर एक ठगी का मामला सामने आया है, जिससे पुलिस भी हैरान रह गई है। एक युवक ने अपने गिरोह के साथ मिलकर अपनी पत्नी की दूसरी शादी करवाई। वह खुद को लड़की का भाई बताते हुए शादी में शामिल हुआ और कन्यादान तक कर दिया। यह मामला झांसी रोड थाना क्षेत्र के नाका चंद्रवदनी इलाके का है। पुलिस के अनुसार, यह पूरा गिरोह शादी के माध्यम से लोगों को फंसाकर लूटपाट करता था। इस बार भी उनकी योजना लगभग तैयार थी, लेकिन घटना के होने से पहले ही उनका भंडाफोड़ हो गया।
जानकारी के मुताबिक, रतन शर्मा नाम का एक युवक एक निजी अस्पताल में काम करता है। उसका परिवार लंबे समय से उसके लिए दुल्हन ढूंढ रहा था। इसी दौरान, पड़ोस में रहने वाले सोनू तिवारी ने परिवार से संपर्क किया और अपने दोस्त अजय चौहान की मुंहबोली बहन का रिश्ता बताया। परिवार को भरोसा दिलाया गया कि लड़की का परिवार अच्छा है और जल्दी ही शादी कर दी जाएगी। कुछ मुलाकातों के बाद, 7 मई को हिंदू रीति-रिवाज से शादी संपन्न हुई। शादी में लड़की पक्ष से आए लोग बाद में पूरे गिरोह का हिस्सा निकले। बताया जा रहा है कि शादी में रतन शर्मा के परिवार ने करीब 7 लाख रुपये खर्च किए।
चौंकाने वाली बात यह है कि जिस युवक को परिवार लड़की का भाई समझ रहा था, वह वास्तव में उसका पहला पति निकला। पुलिस जांच में पता चला कि राधा, जिसे दीक्षा मुद्गल भी कहा जाता है, पहले से शादीशुदा थी। उसी का पति रतन चौहान इस शादी में भाई बनकर शामिल हुआ था और उसने कन्यादान की रस्म भी निभाई। वहीं, उसकी सास ने लड़की की मां बनकर शादी की रस्में पूरी कराईं। शुरुआत में किसी को शक नहीं हुआ। शादी के बाद, युवती अपने दूसरे पति रतन शर्मा के घर रहने लगी और धीरे-धीरे घर की पूरी जानकारी इकट्ठा करने लगी। सूत्रों के अनुसार, वह घर में रखे जेवर, नकदी और अन्य सामान पर नजर रख रही थी।
करीब दो हफ्ते बाद, मामला अचानक पलट गया। रतन शर्मा को पत्नी के लगातार फोन पर व्यस्त रहने और बार-बार मोबाइल छिपाने पर शक हुआ। एक दिन उसने मौका पाकर मोबाइल चेक किया। व्हाट्सएप चैट पढ़ते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। चैट में युवती और उसके पहले पति के बीच बातचीत थी, जिसमें घर से नकदी और जेवर लेकर भागने की योजना की चर्चा की गई थी। इसके बाद, उसने परिवार को पूरे मामले की जानकारी दी। देर रात पुलिस को सूचित किया गया और कार्रवाई करते हुए पुलिस ने युवती, उसके पहले पति और गिरोह के कुल 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
नाका चंद्रवदनी थाना पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह गिरोह पहले भी कई लोगों को इसी तरह निशाना बना चुका है। अलग-अलग शहरों में शादी कराकर कुछ दिनों बाद लूट की कोशिश की जाती थी। कई मामलों में, लोग बदनामी के डर से शिकायत तक नहीं करते थे। हालाँकि, इस बार समय रहते मामला खुल गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। फिलहाल, पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। इस घटना के बाद इलाके के लोग भी हैरान हैं कि शादी जैसे रिश्ते का इस्तेमाल अब ठगी और अपराध के लिए किया जा रहा है।
