- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- सीधी कांग्रेस कार्यालय में बवाल, दो नेता पार्टी से निष्कासित
सीधी कांग्रेस कार्यालय में बवाल, दो नेता पार्टी से निष्कासित
सीधी,(म.प्र.)
गुटबाजी और कथित दुर्व्यवहार के बाद संगठन ने तुरंत कार्रवाई की, निष्कासन पत्र वायरल होने से मचा राजनीतिक घमासान
सीधी जिले के कांग्रेस कार्यालय में उस समय अचानक हंगामे की स्थिति बन गई जब रीवा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं सीधी विधानसभा प्रभारी डॉ. विनोद शर्मा के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना सामने आई। यह घटना ऐसे समय पर हुई जब पार्टी कार्यालय में एक मासिक समीक्षा बैठक समाप्त हो चुकी थी और वरिष्ठ नेता अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए रवाना हो चुके थे। बताया जा रहा है कि बैठक के बाद ही कार्यालय परिसर में माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और देखते ही देखते मामला विवाद में बदल गया। इस पूरे घटनाक्रम ने जिले की राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है और कांग्रेस संगठन के भीतर चल रही गुटबाजी को भी खुलकर सामने ला दिया है।
घटना के तुरंत बाद जिला कांग्रेस संगठन में हलचल बढ़ गई और जिला अध्यक्ष के निर्देश पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। जिला संगठन प्रभारी ज्ञानेन्द्र अग्निहोत्री ने कार्रवाई करते हुए कमलेंद्र सिंह डब्बू और विजय सिंह लकोड़ा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया। संगठन की ओर से कहा गया कि किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या पार्टी हित के खिलाफ गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है क्योंकि निष्कासन पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे पूरे जिले में इस मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। कई लोग इसे कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी का परिणाम बता रहे हैं, जबकि पार्टी समर्थक इसे अनुशासन बनाए रखने की कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं।
घटना के समय कांग्रेस कार्यालय में पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं चुरहट विधायक अजय सिंह राहुल की उपस्थिति में मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के बाद वे अपने अन्य कार्यक्रमों के लिए रवाना हो गए थे, जिसके तुरंत बाद यह विवाद सामने आया। इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में कई सवाल खड़े कर दिए हैं और कांग्रेस की संगठनात्मक एकता पर भी चर्चा शुरू हो गई है। विपक्षी दल इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस पर हमलावर हैं और इसे पार्टी की अंदरूनी कमजोरियों का उदाहरण बता रहे हैं। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच भी इस घटना को लेकर नाराजगी और असंतोष का माहौल देखा जा रहा है। पार्टी कार्यालय के भीतर इस तरह की घटना संगठन की छवि पर असर डाल सकती है। उनका कहना है कि यदि समय रहते गुटबाजी पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में इसका प्रभाव चुनावी तैयारियों और पार्टी की साख पर पड़ सकता है। दूसरी ओर पार्टी नेतृत्व की ओर से त्वरित कार्रवाई को यह संदेश देने की कोशिश बताया जा रहा है कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
सीधी कांग्रेस कार्यालय में बवाल, दो नेता पार्टी से निष्कासित
सीधी,(म.प्र.)
सीधी जिले के कांग्रेस कार्यालय में उस समय अचानक हंगामे की स्थिति बन गई जब रीवा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं सीधी विधानसभा प्रभारी डॉ. विनोद शर्मा के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना सामने आई। यह घटना ऐसे समय पर हुई जब पार्टी कार्यालय में एक मासिक समीक्षा बैठक समाप्त हो चुकी थी और वरिष्ठ नेता अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए रवाना हो चुके थे। बताया जा रहा है कि बैठक के बाद ही कार्यालय परिसर में माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और देखते ही देखते मामला विवाद में बदल गया। इस पूरे घटनाक्रम ने जिले की राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है और कांग्रेस संगठन के भीतर चल रही गुटबाजी को भी खुलकर सामने ला दिया है।
घटना के तुरंत बाद जिला कांग्रेस संगठन में हलचल बढ़ गई और जिला अध्यक्ष के निर्देश पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। जिला संगठन प्रभारी ज्ञानेन्द्र अग्निहोत्री ने कार्रवाई करते हुए कमलेंद्र सिंह डब्बू और विजय सिंह लकोड़ा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया। संगठन की ओर से कहा गया कि किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या पार्टी हित के खिलाफ गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है क्योंकि निष्कासन पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे पूरे जिले में इस मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। कई लोग इसे कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी का परिणाम बता रहे हैं, जबकि पार्टी समर्थक इसे अनुशासन बनाए रखने की कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं।
घटना के समय कांग्रेस कार्यालय में पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं चुरहट विधायक अजय सिंह राहुल की उपस्थिति में मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के बाद वे अपने अन्य कार्यक्रमों के लिए रवाना हो गए थे, जिसके तुरंत बाद यह विवाद सामने आया। इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में कई सवाल खड़े कर दिए हैं और कांग्रेस की संगठनात्मक एकता पर भी चर्चा शुरू हो गई है। विपक्षी दल इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस पर हमलावर हैं और इसे पार्टी की अंदरूनी कमजोरियों का उदाहरण बता रहे हैं। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच भी इस घटना को लेकर नाराजगी और असंतोष का माहौल देखा जा रहा है। पार्टी कार्यालय के भीतर इस तरह की घटना संगठन की छवि पर असर डाल सकती है। उनका कहना है कि यदि समय रहते गुटबाजी पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में इसका प्रभाव चुनावी तैयारियों और पार्टी की साख पर पड़ सकता है। दूसरी ओर पार्टी नेतृत्व की ओर से त्वरित कार्रवाई को यह संदेश देने की कोशिश बताया जा रहा है कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
