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श्योपुर में फसल बर्बादी से दुखी किसान ने की आत्महत्या, शव रखकर ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
Sheopur, MP
लगातार बारिश से धान की फसल खराब होने के कारण श्योपुर जिले के सिरसोद गांव में एक किसान ने बुधवार को आत्महत्या कर ली।
मृतक किसान की पहचान कैलाश मीणा (50) के रूप में हुई है। उसका शव खेत में पेड़ से लटका मिला। घटना के बाद ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और परिवार को आर्थिक मुआवजे की मांग की।
फसल बर्बाद होने से बढ़ा तनाव
ग्रामीणों के अनुसार कैलाश मीणा ने लगभग 9 बीघा खेत में धान की खेती की थी। पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया था, जिससे पूरी फसल सड़ने लगी। इससे परेशान कैलाश ने बुधवार सुबह खेत जाकर पेड़ पर फांसी लगाकर जान दे दी।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने शव नीचे उतारकर जिला अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने कैलाश को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे और पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू की।
विधायक ने उठाई 50 लाख मुआवजे की मांग
घटना की जानकारी मिलने पर श्योपुर कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल जिला अस्पताल पहुँचे। उन्होंने परिवार से मुलाकात की और कहा कि “लगातार बारिश से किसानों की हालत खराब है, सरकार को तत्काल राहत पैकेज देना चाहिए।”
विधायक ने मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और एक परिजन को नौकरी देने की मांग की।
शव को रोककर ग्रामीणों ने किया विरोध
अस्पताल से शव को एम्बुलेंस के जरिए गांव भेजा जा रहा था, लेकिन कांग्रेस नेताओं और ग्रामीणों ने एम्बुलेंस को रोक लिया। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार मुआवजे की घोषणा नहीं करती, शव अंतिम संस्कार के लिए नहीं ले जाया जाएगा।
बाद में पुलिस और प्रशासन के समझाने पर शव को गांव लाया गया।
बीच सड़क पर शव रखकर चक्काजाम
गांव पहुँचने के बाद ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। बड़ी संख्या में महिलाएँ, किसान और स्थानीय लोग मौके पर मौजूद रहे। सभी का कहना है कि जब तक सरकार आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा नहीं करती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
प्रशासन के सामने चुनौती
घटना स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं। एसडीएम और तहसीलदार की टीम मौके पर डटी हुई है।
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श्योपुर में फसल बर्बादी से दुखी किसान ने की आत्महत्या, शव रखकर ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
Sheopur, MP
मृतक किसान की पहचान कैलाश मीणा (50) के रूप में हुई है। उसका शव खेत में पेड़ से लटका मिला। घटना के बाद ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और परिवार को आर्थिक मुआवजे की मांग की।
फसल बर्बाद होने से बढ़ा तनाव
ग्रामीणों के अनुसार कैलाश मीणा ने लगभग 9 बीघा खेत में धान की खेती की थी। पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया था, जिससे पूरी फसल सड़ने लगी। इससे परेशान कैलाश ने बुधवार सुबह खेत जाकर पेड़ पर फांसी लगाकर जान दे दी।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने शव नीचे उतारकर जिला अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने कैलाश को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे और पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू की।
विधायक ने उठाई 50 लाख मुआवजे की मांग
घटना की जानकारी मिलने पर श्योपुर कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल जिला अस्पताल पहुँचे। उन्होंने परिवार से मुलाकात की और कहा कि “लगातार बारिश से किसानों की हालत खराब है, सरकार को तत्काल राहत पैकेज देना चाहिए।”
विधायक ने मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और एक परिजन को नौकरी देने की मांग की।
शव को रोककर ग्रामीणों ने किया विरोध
अस्पताल से शव को एम्बुलेंस के जरिए गांव भेजा जा रहा था, लेकिन कांग्रेस नेताओं और ग्रामीणों ने एम्बुलेंस को रोक लिया। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार मुआवजे की घोषणा नहीं करती, शव अंतिम संस्कार के लिए नहीं ले जाया जाएगा।
बाद में पुलिस और प्रशासन के समझाने पर शव को गांव लाया गया।
बीच सड़क पर शव रखकर चक्काजाम
गांव पहुँचने के बाद ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। बड़ी संख्या में महिलाएँ, किसान और स्थानीय लोग मौके पर मौजूद रहे। सभी का कहना है कि जब तक सरकार आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा नहीं करती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
प्रशासन के सामने चुनौती
घटना स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं। एसडीएम और तहसीलदार की टीम मौके पर डटी हुई है।
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