55 किलो गोल्ड और 10 करोड़ कैश कांड में फरार चल रहे आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को लोकायुक्त पुलिस ने आज गिरफ्तार कर लिया है। सौरभ को आज कोर्ट ने पेश होने के लिए कहा था। सौरभ के वकील ने इस गिरफ्तारी को अवैध बताया है। उन्होंने कहा कि कोर्ट से बाहर गिरफ्तारी हुई है। इसके लिए आवेदन लगा रहे हैं। सौरभ के गिरफ्तार होते ही लोकोक्त परिसर में मिठाई बांटी गई।

सौरभ शर्मा के वकील ने दी गिरफ्तारी की जानकारी
सौरभ शर्मा के वकील राकेश पराशर ने कहा, “कल 27 तारीख को सौरभ शर्मा को कोर्ट में हाजिर किया था। क्योंकि लोकायुक्त की डायरी नहीं आई थी, इसलिए न्यायालय ने आज उसे उपस्थित होने के लिए कहा था। हम आज कोर्ट आ गए थे। सौरभ शर्मा कोट आ रहे थे, लेकिन कोर्ट के क्षेत्र से बाहर ही लोकायुक्त पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।”

गिरफ्तारी को बताया अवैध
सौरभ के वकील ने इस गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए कहा कि हम कोर्ट में आवेदन लगा रहे हैं। अभी या फिर 24 घंटे के भीतर मेडिकल कराने के बाद उसे उपस्थित होना था। लोकायुक्त ने कोर्ट की अवमानना की है। वकील ने आगे कहा कि सौरभ शर्मा की जान को शुरू से ही खतरा है। हमने उसकी सुरक्षा के लिए कोर्ट से गुहार लगाई है।
कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराने की मांग
वकील राकेश पराशर ने मांग की है कि पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी की जाए। उसकी तीन कॉपी कराई जाए, जिसमें से एक पुलिस, दूसरी सौरभ और तीसरी कोर्ट में पेश की जाए। साथ ही उसका निरंतर मेडिकल कराया जाए।
18 दिसंबर को लोकायुक्त की रेड, IT ने बरामद किया था सोना और कैश
गौरतलब है कि 18 दिसंबर को लोकायुक्त ने राजधानी भोपाल में सौरभ शर्मा के घर छापामार कार्रवाई की थी। वहीं 19 दिसंबर को मेंडोरी गांव के कुछ लोगों ने पुलिस को खाली प्लॉट पर खड़ी एक लावारिस क्रिस्टा गाड़ी के होने की सूचना दी थी। जिसमें 6 से 7 बैग रखे हुए थे।
52 किलो सोना और 10 करोड़ कैश मिलने के बाद शुरू हुई जांच
कैश का अंदेशा होने की वजह से आयकर विभाग को सूचित किया गया था। जिसके बाद IT की टीम ने कांच तोड़कर अंदर से बैग बाहर निकला, जिसमें 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपये कैश बरामद किया गया था। जिसके बाद से लोकायुक्त के बाद ED और IT भी सक्रिय हो गई।
27 दिसंबर को ED ने कई ठिकानों पर मारा छापा
27 दिसंबर को जांच एजेंसियों ने सौरभ शर्मा के रिश्तेदारों और सहयोगियों के भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर स्थित आवास में जांच एजेंसियों ने छापामार कार्रवाई की। इस दौरान अलग-अलग ठिकानों पर सर्चिंग के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए।
6 करोड़ से ज्यादा की FD बरामद
सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर के नाम पर 6 करोड़ रुपये से अधिक की FD मिली है। परिवार के सदस्यों और कंपनियों के नाम पर 4 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक बैलेंस भी मिला है। 23 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज पाए गए और उन्हें जब्त कर लिया गया है।

