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बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के छात्र विदेश में कर सकेंगे रिसर्च:हांगकांग की बायोटेक कंपनी से विश्वविद्यालय ने किया अनुबंध
BHOPAL, MP
भोपाल की बरकतउल्ला विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय ने 27 फरवरी को हांगकांग की ग्लोबल बायोटेक लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है। यह अपनी तरह का पहला अंतरराष्ट्रीय अकादमी-इंडस्ट्री एमओयू है। इस समझौते से विश्वविद्यालय के शिक्षक और छात्रों अपने शोध कार्यों का आदान-प्रदान कर सकेंगे। छात्र हांगकांग में रहकर बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में शोध कर सकेंगे। इससे देश और प्रदेश को नवाचार में मदद मिलेगी।
कुलपति प्रोफेसर सुरेश कुमार जैन ने बताया कि जल्द ही एक त्रिपक्षीय सम्मेलन का आयोजन होगा। इसमें छात्र, शिक्षक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इस दौरान जैव प्रौद्योगिकी विभाग की प्रोफेसर रागिनी गोथलवाल और एमओयू संयोजक डॉ. रूपाली शैविलकर ने योगदान दिया। वहीं ग्लोबैक्स बायोटेक के डॉ. संजय नगरकर और सुमित अग्रवाल ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बता दें कि ग्लोबेक्स बायोटेक हांगकांग एल्गल बायोटेक्नोलॉजी में विशेषज्ञता रखने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनी है। पांच साल के इस समझौते के तहत दोनों संस्थान शैक्षणिक पाठ्यक्रम, शोध, नवाचार और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर में सहयोग करेंगे। यह सहयोग मटेरियल ट्रांसफर एग्रीमेंट और बायो प्रॉस्पेक्टिंग नियमों के तहत होगा।
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बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के छात्र विदेश में कर सकेंगे रिसर्च:हांगकांग की बायोटेक कंपनी से विश्वविद्यालय ने किया अनुबंध
BHOPAL, MP
भोपाल की बरकतउल्ला विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय ने 27 फरवरी को हांगकांग की ग्लोबल बायोटेक लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है। यह अपनी तरह का पहला अंतरराष्ट्रीय अकादमी-इंडस्ट्री एमओयू है। इस समझौते से विश्वविद्यालय के शिक्षक और छात्रों अपने शोध कार्यों का आदान-प्रदान कर सकेंगे। छात्र हांगकांग में रहकर बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में शोध कर सकेंगे। इससे देश और प्रदेश को नवाचार में मदद मिलेगी।
कुलपति प्रोफेसर सुरेश कुमार जैन ने बताया कि जल्द ही एक त्रिपक्षीय सम्मेलन का आयोजन होगा। इसमें छात्र, शिक्षक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इस दौरान जैव प्रौद्योगिकी विभाग की प्रोफेसर रागिनी गोथलवाल और एमओयू संयोजक डॉ. रूपाली शैविलकर ने योगदान दिया। वहीं ग्लोबैक्स बायोटेक के डॉ. संजय नगरकर और सुमित अग्रवाल ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बता दें कि ग्लोबेक्स बायोटेक हांगकांग एल्गल बायोटेक्नोलॉजी में विशेषज्ञता रखने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनी है। पांच साल के इस समझौते के तहत दोनों संस्थान शैक्षणिक पाठ्यक्रम, शोध, नवाचार और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर में सहयोग करेंगे। यह सहयोग मटेरियल ट्रांसफर एग्रीमेंट और बायो प्रॉस्पेक्टिंग नियमों के तहत होगा।
