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तहसीलदार का आदेश सुर्खियां में......एक ही दिन में फाइल दर्ज और हो गया नामांतरण भी
BHIND, MP
भिंड के मौ तहसीलदार माला शर्मा एक विवादित आदेश के चलते सुर्खियों में हैं, जिसमें उन्होंने राजीव कुशवाह की हिस्से की जमीन का नामांतरण केवल एक दिन में कर दिया। इस नामांतरण का आधार अवैध रजिस्ट्री बताया जा रहा है। इसके अलावा, माला शर्मा ने एसडीएम और कलेक्टर पर प्रताड़ना का आरोप भी लगाया है, जिससे उनके खिलाफ और भी विवाद उत्पन्न हो रहे हैं।
राजीव कुशवाह के अभिभाषक धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने साथ में उपस्थित होकर मौ तहसीलदार माला शर्मा पर आरोप लगाते हुए बताया कि मेरे पक्षकार राजीव कुशवाह का खेरिया जल्लू सर्वे नंबर 290 रकवा 0.980 हेक्टर मैं से रकवा 0.39 हेक्टेयर में धर्म कांटा कार्यालय बाउंड्री वॉल के साथ बना हुआ है। उक्त जमीन के खसरा में दर्ज सहभूमि स्वामी मोहन सिंह यादव के द्वारा उक्त धर्मकांटा बाली जमीन की रजिस्ट्री अपने भाई संजय यादव के हक में छलपूर्वक कर ली थी, जिसको लेकर मेरे पत्रकार राजीव कुशवाह ने एसडीएम कार्यालय से स्थगन आदेश कराकर नामांतरण एवं खसरा में अमल करने की रोक लगाई थी। उक्त कार्यवाहियों की जानकारी होने पर इसी धर्मकांटे वाली जमीन की रजिस्ट्री फिर से 1 मार्च 2024 को हमीर सिंह पुत्र बटीराम सिंह निवासी ग्राम कौंध की मढईयन जिला भिंड के हक में कर दी गई। दो व तीन मार्च को शनिवार-रविवार का अवकाश था। 4,5,6 मार्च कार्य दिवस के थे, 6 मार्च को चालान काटकर नामांतरण की कार्रवाई ऑनलाइन शुरू कराकर 7 मार्च को तहसीलदार माला शर्मा से आदेश पारित कर लिया। मेरे पक्षकार राजीव के द्वारा जब नामांतरण के प्रकरण की नकल ली गई तो उसमें कई कूट रचित दस्तावेज सामने आए जिसमें रजिस्ट्री की तारीख 1 मार्च थी तथा रजिस्ट्री के प्रिंट आउट निकलने की तारीख 2 मार्च थी चालान काटने की तारीख 6 मार्च और आरसीएमएस में फाइल दर्ज होने की तारीख 6 मार्च थी, प्रथम ऑडरसीट लिखने की तारीख कोई अंकित नहीं है और उसमें अनावेदक को सूचनापत्र जारी करने, इश्तिहार प्रकाशन करने और पटवारी हल्का से रिपोर्ट लेने के लिए 7 मार्च नियत की गई और 7 मार्च को ही आदेश पारित हो गया। जिसमें दिनांक 29 फरवरी 2024 की इश्तिहार संलग्न किया गया तथा पटवारी मोज़ा की रिपोर्ट व आवेदन हमीर सिंह का विना तारीख का आवेदन प्राप्त हुआ है। इन दस्तावेजों के आधार पर अभिभाषक धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने अपने पक्षकार की ओर से आरोप लगाते हुए कहा कि दस्तावेजों से यह प्रतीत होता है कि मौ तहसीलदार माला शर्मा के द्वारा कूटरचित दस्तावेज तैयार कर एक दिन में जो नामांतरण किया है। इससे मेरे पक्षकर को आर्थिक एवं मानसिक छति पहुंची है। उन्होंने प्रेस वार्ता के माध्यम से मांग करते हुए कहा कि नामांतरण की कार्रवाई तत्काल निरस्त कर दोषी अधिकारी माला शर्मा एवं उनके बाबू के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जबकि, गोहद, मौ तहसील मैं हजारों की तादात में नामांतरण के मामलों की फाइलें आज भी धूल खा रही हैं।

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तहसीलदार का आदेश सुर्खियां में......एक ही दिन में फाइल दर्ज और हो गया नामांतरण भी
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राजीव कुशवाह के अभिभाषक धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने साथ में उपस्थित होकर मौ तहसीलदार माला शर्मा पर आरोप लगाते हुए बताया कि मेरे पक्षकार राजीव कुशवाह का खेरिया जल्लू सर्वे नंबर 290 रकवा 0.980 हेक्टर मैं से रकवा 0.39 हेक्टेयर में धर्म कांटा कार्यालय बाउंड्री वॉल के साथ बना हुआ है। उक्त जमीन के खसरा में दर्ज सहभूमि स्वामी मोहन सिंह यादव के द्वारा उक्त धर्मकांटा बाली जमीन की रजिस्ट्री अपने भाई संजय यादव के हक में छलपूर्वक कर ली थी, जिसको लेकर मेरे पत्रकार राजीव कुशवाह ने एसडीएम कार्यालय से स्थगन आदेश कराकर नामांतरण एवं खसरा में अमल करने की रोक लगाई थी। उक्त कार्यवाहियों की जानकारी होने पर इसी धर्मकांटे वाली जमीन की रजिस्ट्री फिर से 1 मार्च 2024 को हमीर सिंह पुत्र बटीराम सिंह निवासी ग्राम कौंध की मढईयन जिला भिंड के हक में कर दी गई। दो व तीन मार्च को शनिवार-रविवार का अवकाश था। 4,5,6 मार्च कार्य दिवस के थे, 6 मार्च को चालान काटकर नामांतरण की कार्रवाई ऑनलाइन शुरू कराकर 7 मार्च को तहसीलदार माला शर्मा से आदेश पारित कर लिया। मेरे पक्षकार राजीव के द्वारा जब नामांतरण के प्रकरण की नकल ली गई तो उसमें कई कूट रचित दस्तावेज सामने आए जिसमें रजिस्ट्री की तारीख 1 मार्च थी तथा रजिस्ट्री के प्रिंट आउट निकलने की तारीख 2 मार्च थी चालान काटने की तारीख 6 मार्च और आरसीएमएस में फाइल दर्ज होने की तारीख 6 मार्च थी, प्रथम ऑडरसीट लिखने की तारीख कोई अंकित नहीं है और उसमें अनावेदक को सूचनापत्र जारी करने, इश्तिहार प्रकाशन करने और पटवारी हल्का से रिपोर्ट लेने के लिए 7 मार्च नियत की गई और 7 मार्च को ही आदेश पारित हो गया। जिसमें दिनांक 29 फरवरी 2024 की इश्तिहार संलग्न किया गया तथा पटवारी मोज़ा की रिपोर्ट व आवेदन हमीर सिंह का विना तारीख का आवेदन प्राप्त हुआ है। इन दस्तावेजों के आधार पर अभिभाषक धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने अपने पक्षकार की ओर से आरोप लगाते हुए कहा कि दस्तावेजों से यह प्रतीत होता है कि मौ तहसीलदार माला शर्मा के द्वारा कूटरचित दस्तावेज तैयार कर एक दिन में जो नामांतरण किया है। इससे मेरे पक्षकर को आर्थिक एवं मानसिक छति पहुंची है। उन्होंने प्रेस वार्ता के माध्यम से मांग करते हुए कहा कि नामांतरण की कार्रवाई तत्काल निरस्त कर दोषी अधिकारी माला शर्मा एवं उनके बाबू के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जबकि, गोहद, मौ तहसील मैं हजारों की तादात में नामांतरण के मामलों की फाइलें आज भी धूल खा रही हैं।

