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परिवार ने रात में खाने के लिए बनाई कोदो की रोटी, खाते ही 5 लोगों के कांपने लगे हाथ पांव, क्या बोले डॉक्टर
Umariya, MP
उमरिया जिले में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां आदिवासी परिवार के 5 सदस्यों की कोदो की रोटी खाने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ गई। मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर ने इन दिनों मरीजों के आने को लेकर बड़ा चौंकाने वाला खुलासा किया है। वहीं, पीड़ित ने परिवार ने बताया कि उनके पास से कोदो कहां से आया।
मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में इन दिनों कहीं 2 लोग तो कहीं पूरा परिवार मिलेट्स की श्रेणी में आने वाले कोदो को खाने से बीमार हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला नौरोजाबाद से सामने आया। जहां एक ही परिवार के 5 लोग मोटे अनाज की रोटी खाने के बाद बीमार हो गए। परिजनों ने बीमार लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पाली में भर्ती करवाया। जहां से इलाज की औपचारिकता कर जिला अस्पताल भेज दिया गया। फिलहाल सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला नौरोजाबाद के कुदरी गांव से सामने आया। यहां के निवासी पीड़ित रवि कोल ने बताया कि हमारे घर मे कल रात में कोदो की रोटी बनी थी। रोटियां हम 5 लोग उसको खाये थे। कुछ ही देर मेरी मां चंदा बाई (60 साल), मेरे भाई की पत्नी ज्योति (28 साल), भाई का बेटा अजीत (9 साल) और बड़ी मां ललबतिया कोल (60 साल) और मुझे बैचेनी होने लगी। अचानक हमारे हाथ पांव कांपने लगे।
आंखों के आगे छा गया अंधेरा
पीड़ित ने उसके साथ चक्कर भी तेजी से आने लगा और आंख के आगे अंधेरा छाने लगा। यही स्थिति सभी की हो गई तो हम लोगों को तुरंत पाली अस्पताल लेकर गए। वहां से दवाई देकर उमरिया जिला अस्पताल भेज दिया गया। हम लोग रात 2 बजे यहां आ गए थे। अब ठीक लग रहा है। वहीं, जब कोदो के बारे में पूंछा गया कि कहां से लाए थे। तब जानकारी दी कि हमारे खेत मे किसान लोग बोए थे जो हिस्सा दिए हैं।
कई मामले आ रहे हैं सामने
इस बारे के जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर एनएल रुहेला ने बताया कि हमारे यहां कई बार कोदो खाने से बीमार होकर मरीज आते रहते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को कोदो खाने से पहले ध्यान देना चाहिए कि कोदो की फसल कटाई के बाद और गहाई के पहले बारिश के पानी मे भीगा तो नहीं है। यदि भीगा था तो अधिक दिन तक उसी अवस्था मे पड़ा तो नहीं था। यदि ऐसा हुआ हो तो उस कोदो का उपयोग न करें। पानी में कोदो भींगता है तो उसमें फंगस लग गया होगा, जो मानव जीवन के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है।
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परिवार ने रात में खाने के लिए बनाई कोदो की रोटी, खाते ही 5 लोगों के कांपने लगे हाथ पांव, क्या बोले डॉक्टर
Umariya, MP
मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में इन दिनों कहीं 2 लोग तो कहीं पूरा परिवार मिलेट्स की श्रेणी में आने वाले कोदो को खाने से बीमार हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला नौरोजाबाद से सामने आया। जहां एक ही परिवार के 5 लोग मोटे अनाज की रोटी खाने के बाद बीमार हो गए। परिजनों ने बीमार लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पाली में भर्ती करवाया। जहां से इलाज की औपचारिकता कर जिला अस्पताल भेज दिया गया। फिलहाल सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला नौरोजाबाद के कुदरी गांव से सामने आया। यहां के निवासी पीड़ित रवि कोल ने बताया कि हमारे घर मे कल रात में कोदो की रोटी बनी थी। रोटियां हम 5 लोग उसको खाये थे। कुछ ही देर मेरी मां चंदा बाई (60 साल), मेरे भाई की पत्नी ज्योति (28 साल), भाई का बेटा अजीत (9 साल) और बड़ी मां ललबतिया कोल (60 साल) और मुझे बैचेनी होने लगी। अचानक हमारे हाथ पांव कांपने लगे।
आंखों के आगे छा गया अंधेरा
पीड़ित ने उसके साथ चक्कर भी तेजी से आने लगा और आंख के आगे अंधेरा छाने लगा। यही स्थिति सभी की हो गई तो हम लोगों को तुरंत पाली अस्पताल लेकर गए। वहां से दवाई देकर उमरिया जिला अस्पताल भेज दिया गया। हम लोग रात 2 बजे यहां आ गए थे। अब ठीक लग रहा है। वहीं, जब कोदो के बारे में पूंछा गया कि कहां से लाए थे। तब जानकारी दी कि हमारे खेत मे किसान लोग बोए थे जो हिस्सा दिए हैं।
कई मामले आ रहे हैं सामने
इस बारे के जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर एनएल रुहेला ने बताया कि हमारे यहां कई बार कोदो खाने से बीमार होकर मरीज आते रहते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को कोदो खाने से पहले ध्यान देना चाहिए कि कोदो की फसल कटाई के बाद और गहाई के पहले बारिश के पानी मे भीगा तो नहीं है। यदि भीगा था तो अधिक दिन तक उसी अवस्था मे पड़ा तो नहीं था। यदि ऐसा हुआ हो तो उस कोदो का उपयोग न करें। पानी में कोदो भींगता है तो उसमें फंगस लग गया होगा, जो मानव जीवन के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है।
