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उज्जैन में पहली वैदिक थीम सवारी, अब तक 1.15 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
Ujjain, MP
सावन के पहले सोमवार को उज्जैन में विश्वविख्यात महाकालेश्वर मंदिर से भगवान महाकाल की सवारी नई पालकी में निकली।
यह सवारी इस बार वैदिक उद्घोष की थीम पर आधारित रही, जिसमें भजन मंडलियों की टोली नाचते-गाते आगे बढ़ती रही। पहली बार नई पालकी में निकली महाकाल की सवारी को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर 3 बजे तक 1 लाख 15 हजार से अधिक भक्त महाकाल के दर्शन कर चुके थे।
2:30 बजे खुले कपाट, रात 10 बजे तक रहेंगे खुले
महाकालेश्वर मंदिर के कपाट तड़के 2:30 बजे ही खोल दिए गए थे और यह रात 10 बजे तक शयन आरती के बाद बंद होंगे। दिनभर दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ के कारण मंदिर और शहर दोनों में सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
शिप्रा तट पर होगा पूजन, रात को मंदिर वापसी
महाकाल की सवारी शहर भ्रमण करते हुए शिप्रा नदी तट तक जाएगी, जहां विधिपूर्वक पूजन होगा। इसके बाद यह सवारी रात करीब 7 बजे महाकाल मंदिर लौटेगी। सवारी में घसिया बाजा दल (सीधी), डमरू वादक मंडल और महिलाओं की भजन मंडली खास आकर्षण रहीं।
अन्य तीर्थस्थलों पर भी शिवभक्ति का उल्लास
🕉 ओंकारेश्वर:
खंडवा के ओंकारेश्वर में सुबह 5 बजे मंगला आरती के साथ विशेष श्रृंगार हुआ। ओंकार महाराज को 56 भोग अर्पित किए गए।
🕉 ग्वालियर:
यहां के अचलेश्वर महादेव मंदिर को फूलों से सजाया गया। भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं।
🕉 रायसेन:
भोजपुर स्थित भोजेश्वर महादेव के दर्शन के लिए सुबह 11 बजे तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके थे।
🕉 भोपाल:
बड़वाले महादेव, गुफा मंदिर और अन्य शिवालयों में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना हुआ है।
🕉 खजुराहो:
यहां 18 फीट ऊंचे मतंगेश्वर महादेव का आशीर्वाद लेने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।
🕉 नर्मदापुरम:
सेठानी घाट से कांवड़ यात्रा प्रारंभ हुई। कांवड़िए पवित्र नर्मदा जल लेकर पचमढ़ी के जटाशंकर महादेव का जलाभिषेक करेंगे।
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उज्जैन में पहली वैदिक थीम सवारी, अब तक 1.15 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
Ujjain, MP
यह सवारी इस बार वैदिक उद्घोष की थीम पर आधारित रही, जिसमें भजन मंडलियों की टोली नाचते-गाते आगे बढ़ती रही। पहली बार नई पालकी में निकली महाकाल की सवारी को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर 3 बजे तक 1 लाख 15 हजार से अधिक भक्त महाकाल के दर्शन कर चुके थे।
2:30 बजे खुले कपाट, रात 10 बजे तक रहेंगे खुले
महाकालेश्वर मंदिर के कपाट तड़के 2:30 बजे ही खोल दिए गए थे और यह रात 10 बजे तक शयन आरती के बाद बंद होंगे। दिनभर दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ के कारण मंदिर और शहर दोनों में सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
शिप्रा तट पर होगा पूजन, रात को मंदिर वापसी
महाकाल की सवारी शहर भ्रमण करते हुए शिप्रा नदी तट तक जाएगी, जहां विधिपूर्वक पूजन होगा। इसके बाद यह सवारी रात करीब 7 बजे महाकाल मंदिर लौटेगी। सवारी में घसिया बाजा दल (सीधी), डमरू वादक मंडल और महिलाओं की भजन मंडली खास आकर्षण रहीं।
अन्य तीर्थस्थलों पर भी शिवभक्ति का उल्लास
🕉 ओंकारेश्वर:
खंडवा के ओंकारेश्वर में सुबह 5 बजे मंगला आरती के साथ विशेष श्रृंगार हुआ। ओंकार महाराज को 56 भोग अर्पित किए गए।
🕉 ग्वालियर:
यहां के अचलेश्वर महादेव मंदिर को फूलों से सजाया गया। भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं।
🕉 रायसेन:
भोजपुर स्थित भोजेश्वर महादेव के दर्शन के लिए सुबह 11 बजे तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके थे।
🕉 भोपाल:
बड़वाले महादेव, गुफा मंदिर और अन्य शिवालयों में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना हुआ है।
🕉 खजुराहो:
यहां 18 फीट ऊंचे मतंगेश्वर महादेव का आशीर्वाद लेने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।
🕉 नर्मदापुरम:
सेठानी घाट से कांवड़ यात्रा प्रारंभ हुई। कांवड़िए पवित्र नर्मदा जल लेकर पचमढ़ी के जटाशंकर महादेव का जलाभिषेक करेंगे।
