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एसटीआर में तेंदुए की रहस्यमयी मौत: शव सड़ चुका था, शिकार नहीं संघर्ष की आशंका; अंग मिले सुरक्षित
Narmadapuram, MP
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) के बागड़ा बफर रेंज अंतर्गत उत्तर रानीपुर बीट के राइड डैम क्षेत्र में मंगलवार शाम एक वयस्क तेंदुआ मृत अवस्था में मिला।
शव बुरी तरह सड़ चुका था, जिससे मौत को 2-3 दिन पुराना माना जा रहा है। प्रारंभिक जांच में शिकार की संभावना से इनकार किया गया है और आपसी संघर्ष को मौत का संभावित कारण माना जा रहा है।
गश्ती दल को मिली सूचना, अफसर रात में ही पहुंचे
जंगल में पेट्रोलिंग कर रही वन विभाग की टीम को तेंदुए का शव दिखा, जिसके तुरंत बाद सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की उपसंचालक राखी नंदा, सहायक संचालक अंकित जामोद और रेंजर मौके पर पहुंचे। शव के पास ही लगभग 20 मीटर की दूरी पर एक सांभर के अवशेष भी मिले, जिससे आशंका है कि तेंदुआ किसी दूसरे शिकारी जानवर से मांस को लेकर संघर्ष में मारा गया हो।
डॉग स्क्वॉड से की गई जांच, शिकार के कोई संकेत नहीं
मौके पर डॉग स्क्वॉड बुलाया गया, लेकिन किसी तरह की मानव गतिविधि या शिकार के संकेत नहीं मिले। अधिकारियों ने मौके की बारीकी से जांच की और रात में अंधेरा होने के कारण पशु चिकित्सक की टीम सुबह पहुंची।
सुबह की जांच में सामने आई मौत की असली वजह
बुधवार सुबह वन्यजीव डॉक्टर गुरुदत्त शर्मा और उनकी टीम मौके पर पहुंची। जांच में तेंदुए के सभी अंग सुरक्षित पाए गए, लेकिन शरीर पर कई चोटों के निशान थे, जो किसी अन्य वन्यजीव से भिड़ंत के संकेत दे रहे हैं। फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने बताया कि तेंदुए की मौत आपसी संघर्ष का परिणाम प्रतीत होती है।
एनटीसीए गाइडलाइन के तहत किया अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद एनटीसीए (नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी) के निर्देशानुसार तेंदुए का अंतिम संस्कार जंगल में ही किया गया। साथ ही फॉरेंसिक जांच के लिए नमूने सुरक्षित कर लिए गए हैं।
प्रभावशाली उपस्थिति में हुआ कार्रवाई
इस कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ वन अधिकारी, पशु चिकित्सक, तहसील प्रशासन और स्थानीय सरपंच समेत वन विभाग की पूरी टीम मौके पर मौजूद रही। अफसरों ने आश्वस्त किया कि जांच रिपोर्ट के बाद यदि कोई और तथ्य सामने आता है तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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एसटीआर में तेंदुए की रहस्यमयी मौत: शव सड़ चुका था, शिकार नहीं संघर्ष की आशंका; अंग मिले सुरक्षित
Narmadapuram, MP
शव बुरी तरह सड़ चुका था, जिससे मौत को 2-3 दिन पुराना माना जा रहा है। प्रारंभिक जांच में शिकार की संभावना से इनकार किया गया है और आपसी संघर्ष को मौत का संभावित कारण माना जा रहा है।
गश्ती दल को मिली सूचना, अफसर रात में ही पहुंचे
जंगल में पेट्रोलिंग कर रही वन विभाग की टीम को तेंदुए का शव दिखा, जिसके तुरंत बाद सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की उपसंचालक राखी नंदा, सहायक संचालक अंकित जामोद और रेंजर मौके पर पहुंचे। शव के पास ही लगभग 20 मीटर की दूरी पर एक सांभर के अवशेष भी मिले, जिससे आशंका है कि तेंदुआ किसी दूसरे शिकारी जानवर से मांस को लेकर संघर्ष में मारा गया हो।
डॉग स्क्वॉड से की गई जांच, शिकार के कोई संकेत नहीं
मौके पर डॉग स्क्वॉड बुलाया गया, लेकिन किसी तरह की मानव गतिविधि या शिकार के संकेत नहीं मिले। अधिकारियों ने मौके की बारीकी से जांच की और रात में अंधेरा होने के कारण पशु चिकित्सक की टीम सुबह पहुंची।
सुबह की जांच में सामने आई मौत की असली वजह
बुधवार सुबह वन्यजीव डॉक्टर गुरुदत्त शर्मा और उनकी टीम मौके पर पहुंची। जांच में तेंदुए के सभी अंग सुरक्षित पाए गए, लेकिन शरीर पर कई चोटों के निशान थे, जो किसी अन्य वन्यजीव से भिड़ंत के संकेत दे रहे हैं। फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने बताया कि तेंदुए की मौत आपसी संघर्ष का परिणाम प्रतीत होती है।
एनटीसीए गाइडलाइन के तहत किया अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद एनटीसीए (नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी) के निर्देशानुसार तेंदुए का अंतिम संस्कार जंगल में ही किया गया। साथ ही फॉरेंसिक जांच के लिए नमूने सुरक्षित कर लिए गए हैं।
प्रभावशाली उपस्थिति में हुआ कार्रवाई
इस कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ वन अधिकारी, पशु चिकित्सक, तहसील प्रशासन और स्थानीय सरपंच समेत वन विभाग की पूरी टीम मौके पर मौजूद रही। अफसरों ने आश्वस्त किया कि जांच रिपोर्ट के बाद यदि कोई और तथ्य सामने आता है तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।
