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इकलौती बेटी ने फांसी लगाकर दी जान, परिवार में 8 साल बाद हुई थी बेटी
BHOPAL, MP
भोपाल के अवधपुरी इलाके में एक निजी कॉलेज के प्रोफेसर की इकलौती बेटी ने फांसी लगाकर जान दे दी। 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली पीड़िता के पास आईफोन और लैपटॉप थे, जिसमें पैटर्न लॉक है। घटना के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। माता-पिता रिश्तेदार को देखने गए थे, तब यह घटना हुई।
एमपी की राजधानी में शादी के 7 से 8 वर्ष बाद एक परिवार को बेटी नसीब हुई थी। वह एकलौती संतान थी। 12वीं कक्षा में पहुंचकर उसकी जान चली गई। यह हृदय विदारक मामला राजधानी के अवधपुरी इलाके का है। यहां पर निजी कॉलेज के एक प्रोफेसर की इकलौती बेटी ने फांसी लगा ली, जिससे उसकी जान चली गई। यह घटना देर रात की बताई जा रही है।
रविवार को पोस्टमार्टम किया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। इकलौती बेटी के न रहने से माता-पिता का रो रोकर बुरा हाल है। पूरा परिवार शोक में है। पुलिस के अनुसार 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली किशोरी रातीबड़ के प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ती थी। फिलहाल पुलिस को कोई भी नोट नहीं मिला है। ऐसे में प्रारंभिक तौर पर घटना के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।
घटना की कोई वजह नहीं आई सामने
परिजनों ने भी पुलिस को ऐसी कोई वजह फिलहाल नहीं बताई है। आध्या परिहार आईफोन चलाती थी। उसके पास लैपटॉप भी है, लेकिन दोनों में पैटर्न लॉक है। पुलिस ने जांच के लिए आईफोन और लैपटॉप को जब्त कर लिया है। कमरे से कोई नोट नहीं मिला है। सोशल मीडिया पर भी कोई पोस्ट ऐसी नजर नहीं आ रही। फोन लैपटॉप अनलॉक करने के बाद शायद वजह सामने आ सकती है।
परिवार की इकलौती बेटी थी
बताया जाता है कि राजीव सिंह की शादी के 7-8 साल बाद बड़ी मन्नतों के बाद बेटी पैदा हुई थी। पुलिस के अनुसार अवधपुरी फेस-2 में शुभालय विलास कॉलोनी में राजीव सिंह परिहार परिवार के साथ निवास करते हैं। वे एलएनसीटी कॉलेज में प्रोफेसर हैं। 17 वर्ष की उनकी इकलौती बेटी आध्या परिहार प्राइवेट स्कूल से 12वीं कक्षा की पढ़ाई कर रही थी।
बाहर गए माता-पिता इतने में हुई घटना
बताया जा रहा है कि शनिवार को राजीव सिंह पत्नी के साथ एम्स में भर्ती एक रिश्तेदार को देखने गए थे। मां पिता ने लौटने के बाद उसे घुमाने बाहर ले जाने का वादा किया था। इस दौरान घर पर आध्या परिहार के साथ आध्या की रिश्ते की मौसी और नौकरानी थी। आध्या अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी। नौकरानी खाना लेकर जब आध्या के कमरे में पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। इसके बाद चचेरी मौसी पहुंची और आवाज दी। दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने परिजनों को बुला दिया। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो देखा कि आध्या फंदे पर लटकी हुई दिखी।
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इकलौती बेटी ने फांसी लगाकर दी जान, परिवार में 8 साल बाद हुई थी बेटी
BHOPAL, MP
एमपी की राजधानी में शादी के 7 से 8 वर्ष बाद एक परिवार को बेटी नसीब हुई थी। वह एकलौती संतान थी। 12वीं कक्षा में पहुंचकर उसकी जान चली गई। यह हृदय विदारक मामला राजधानी के अवधपुरी इलाके का है। यहां पर निजी कॉलेज के एक प्रोफेसर की इकलौती बेटी ने फांसी लगा ली, जिससे उसकी जान चली गई। यह घटना देर रात की बताई जा रही है।
रविवार को पोस्टमार्टम किया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। इकलौती बेटी के न रहने से माता-पिता का रो रोकर बुरा हाल है। पूरा परिवार शोक में है। पुलिस के अनुसार 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली किशोरी रातीबड़ के प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ती थी। फिलहाल पुलिस को कोई भी नोट नहीं मिला है। ऐसे में प्रारंभिक तौर पर घटना के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।
घटना की कोई वजह नहीं आई सामने
परिजनों ने भी पुलिस को ऐसी कोई वजह फिलहाल नहीं बताई है। आध्या परिहार आईफोन चलाती थी। उसके पास लैपटॉप भी है, लेकिन दोनों में पैटर्न लॉक है। पुलिस ने जांच के लिए आईफोन और लैपटॉप को जब्त कर लिया है। कमरे से कोई नोट नहीं मिला है। सोशल मीडिया पर भी कोई पोस्ट ऐसी नजर नहीं आ रही। फोन लैपटॉप अनलॉक करने के बाद शायद वजह सामने आ सकती है।
परिवार की इकलौती बेटी थी
बताया जाता है कि राजीव सिंह की शादी के 7-8 साल बाद बड़ी मन्नतों के बाद बेटी पैदा हुई थी। पुलिस के अनुसार अवधपुरी फेस-2 में शुभालय विलास कॉलोनी में राजीव सिंह परिहार परिवार के साथ निवास करते हैं। वे एलएनसीटी कॉलेज में प्रोफेसर हैं। 17 वर्ष की उनकी इकलौती बेटी आध्या परिहार प्राइवेट स्कूल से 12वीं कक्षा की पढ़ाई कर रही थी।
बाहर गए माता-पिता इतने में हुई घटना
बताया जा रहा है कि शनिवार को राजीव सिंह पत्नी के साथ एम्स में भर्ती एक रिश्तेदार को देखने गए थे। मां पिता ने लौटने के बाद उसे घुमाने बाहर ले जाने का वादा किया था। इस दौरान घर पर आध्या परिहार के साथ आध्या की रिश्ते की मौसी और नौकरानी थी। आध्या अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी। नौकरानी खाना लेकर जब आध्या के कमरे में पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। इसके बाद चचेरी मौसी पहुंची और आवाज दी। दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने परिजनों को बुला दिया। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो देखा कि आध्या फंदे पर लटकी हुई दिखी।
