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25 हो गई थी 70 साल के बुजुर्ग की पल्स, 30 मिनट में डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी, जानें कहां हुआ ये कमाल?
BHOPAL,MP
भोपाल के बीएमएचआरसी में डॉक्टरों ने कमाल का ऑपरेशन किया. उन्होंने 70 साल के बुजुर्ग के शरीर में अस्थायी पेसमकर लगाकर उनकी जान बचा ली. अब उनके शरीर में स्थायी पेसमेकर लगाया जाएगा. दरअसल, उनकी पल्स 25 तक पहुंच गई थी. इसलिए डॉक्टरों ने तत्काल एक्शन लिया और उन्हें राहत दी.
मध्य प्रदेश की राजधानी में 22 सितंबर को कमाल का ऑपरेशन हुआ. डॉक्टरों ने 70 साल के गंभीर बुजुर्ग को महज तीस मिनट यानी आधे घंटे में नई जिंदगी दे दी है. बुजुर्ग का हार्ट पूरी तरह ब्लॉक था. डॉक्टरों ने की टीम ने तत्काल बिना टाइम गंवाए ऑपरेट किया और उन्हें अस्थायी पेसमेकर लगा दिया. इस ऑपरेशन के बाद बुजुर्ग के परिजन और अस्पताल की टीम खुश हैं. बुजुर्ग को अभी डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. डॉक्टरों ने बताया कि यह ऑपरेशन तीन दिन पहले हुआ था.
गौरतलब है कि, एक 70 साल के बुजुर्ग की पल्स 25 तक पहुंच गई थी. उन्हें परिजन भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (BMHRC) लेकर आए. यहां डॉक्टरों ने तीस मिनट के अंदर उनके शरीर में अस्थायी पेसमेकर लगा दिया. उसके बाद उनकी हालत में सुधार हुआ. इन बुजुर्ग को 19 सितंबर को शाम साढ़े पांच बजे बीएमएचआरसी लाया गया था. बीएमएचआरसी के कार्डियोलॉजी विभाग के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. अमन चतुर्वेदी ने बताया कि जिस वक्त बुजुर्ग अस्पताल आए थे, उस वक्त उन्हें तत्काल राहत देना बहुत जरूरी था. वरना, कुछ भी हो सकता था. इसलिए बिना समय गंवाए उनका ऑपरेशन किया गया.
टीम ने लगाता रखी नजर
डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि इस ऑपरेशन में डॉ. उपेंद्र, डॉ. गौतम और डॉ. समीर ने भी लगातार सहयोग दिया. भोपाल से प्रकाशित अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, तीनों ने बुजुर्ग की स्थिति पर पैनी नजर रखी. इस वजह से बुजुर्ग की हालत में लगातार सुधार होता रहा. डॉक्टर बताते हैं कि 23 सिंतबर को बुजर्ग का अस्थायी पेसमेकर निकालकर स्थायी पेसमेकर डाल दिया जाएगा. डॉक्टरों का कहना है कि हार्ट अटैक के मामले में शुरुआती 60 मिनट अहम होते हैं. अगर इस टाइम लिमिट के बीच में मरीज को इलाज दे दिया जाता है तो उसके बचने की संभावनाएं ज्यादा होती हैं. जब नसों में खून नहीं पहुंचता तो वे 90 मिनट के अंदर खत्म होने लगती हैं.
इस तरह बचें हार्ट अटैक से
डॉक्टर बताते हैं कि हार्ट अटैक से बचने का सबसे बेहतर तरीका है कि आप अपने आहार को एकदम शुद्ध बनाएं. इसका मतलब है कि प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा तली-भुनी चीजें, शराब, सिगरेट, पिज्जा, बर्गर, फास्ट फुड, जंक फूड आदि का सेवन न करें और नित रोज हरी पत्तीदार सब्जी,ताजे फल और साबुत अनाज का सेवन करें. इसके बाद रोजाना एक्सरसाइज करें. एक्सरसाइज का मतलब रोजान तेज वॉक करें या रनिंग करें. योगा, मेडिटेशन, साइक्लिंग, स्विमिंग आदि करते रहे. इसके बाद 25 साल की उम्र से साल में एक बार जरूर हार्ट से संबंधित टेस्ट कराएं.
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25 हो गई थी 70 साल के बुजुर्ग की पल्स, 30 मिनट में डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी, जानें कहां हुआ ये कमाल?
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मध्य प्रदेश की राजधानी में 22 सितंबर को कमाल का ऑपरेशन हुआ. डॉक्टरों ने 70 साल के गंभीर बुजुर्ग को महज तीस मिनट यानी आधे घंटे में नई जिंदगी दे दी है. बुजुर्ग का हार्ट पूरी तरह ब्लॉक था. डॉक्टरों ने की टीम ने तत्काल बिना टाइम गंवाए ऑपरेट किया और उन्हें अस्थायी पेसमेकर लगा दिया. इस ऑपरेशन के बाद बुजुर्ग के परिजन और अस्पताल की टीम खुश हैं. बुजुर्ग को अभी डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. डॉक्टरों ने बताया कि यह ऑपरेशन तीन दिन पहले हुआ था.
गौरतलब है कि, एक 70 साल के बुजुर्ग की पल्स 25 तक पहुंच गई थी. उन्हें परिजन भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (BMHRC) लेकर आए. यहां डॉक्टरों ने तीस मिनट के अंदर उनके शरीर में अस्थायी पेसमेकर लगा दिया. उसके बाद उनकी हालत में सुधार हुआ. इन बुजुर्ग को 19 सितंबर को शाम साढ़े पांच बजे बीएमएचआरसी लाया गया था. बीएमएचआरसी के कार्डियोलॉजी विभाग के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. अमन चतुर्वेदी ने बताया कि जिस वक्त बुजुर्ग अस्पताल आए थे, उस वक्त उन्हें तत्काल राहत देना बहुत जरूरी था. वरना, कुछ भी हो सकता था. इसलिए बिना समय गंवाए उनका ऑपरेशन किया गया.
टीम ने लगाता रखी नजर
डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि इस ऑपरेशन में डॉ. उपेंद्र, डॉ. गौतम और डॉ. समीर ने भी लगातार सहयोग दिया. भोपाल से प्रकाशित अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, तीनों ने बुजुर्ग की स्थिति पर पैनी नजर रखी. इस वजह से बुजुर्ग की हालत में लगातार सुधार होता रहा. डॉक्टर बताते हैं कि 23 सिंतबर को बुजर्ग का अस्थायी पेसमेकर निकालकर स्थायी पेसमेकर डाल दिया जाएगा. डॉक्टरों का कहना है कि हार्ट अटैक के मामले में शुरुआती 60 मिनट अहम होते हैं. अगर इस टाइम लिमिट के बीच में मरीज को इलाज दे दिया जाता है तो उसके बचने की संभावनाएं ज्यादा होती हैं. जब नसों में खून नहीं पहुंचता तो वे 90 मिनट के अंदर खत्म होने लगती हैं.
इस तरह बचें हार्ट अटैक से
डॉक्टर बताते हैं कि हार्ट अटैक से बचने का सबसे बेहतर तरीका है कि आप अपने आहार को एकदम शुद्ध बनाएं. इसका मतलब है कि प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा तली-भुनी चीजें, शराब, सिगरेट, पिज्जा, बर्गर, फास्ट फुड, जंक फूड आदि का सेवन न करें और नित रोज हरी पत्तीदार सब्जी,ताजे फल और साबुत अनाज का सेवन करें. इसके बाद रोजाना एक्सरसाइज करें. एक्सरसाइज का मतलब रोजान तेज वॉक करें या रनिंग करें. योगा, मेडिटेशन, साइक्लिंग, स्विमिंग आदि करते रहे. इसके बाद 25 साल की उम्र से साल में एक बार जरूर हार्ट से संबंधित टेस्ट कराएं.
