- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- भोपाल में CM मोहन यादव की सुरक्षा में हुई बड़ी चूक, अचानक काफिले में घुसी कार, जांच शुरू
भोपाल में CM मोहन यादव की सुरक्षा में हुई बड़ी चूक, अचानक काफिले में घुसी कार, जांच शुरू
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल में सीएम मोहन यादव के काफिले में कार घुसने से हड़कंप मच गया। वाहन चला रहे आरक्षक से पूछताछ, विभागीय जांच शुरू।
बुधवार रात को मोहन यादव की सुरक्षा में एक बड़ी चूक हो गई, जब भोपाल में अचानक एक कार उनके काफिले में घुस गई। यह घटना लगभग 10 बजे की है। मुख्यमंत्री लखनऊ से लौटते समय स्टेट हैंगर से बाहर आए थे, और जैसे ही वे थोड़ा आगे बढ़े, एक गाड़ी उनके कारकेड के बीच पहुंच गई। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उस वाहन को रोका और चालक को हिरासत में ले लिया। बाद में पता चला कि कार चला रहा व्यक्ति पुलिस के आरक्षक शैलेश अवस्थी है, जो वीआईपी ड्यूटी पर तैनात था। कोहेफिजा थाना पुलिस ने उस वाहन को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री को जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई है, इसलिए उनके काफिले में किसी अनधिकृत वाहन का आना गंभीर मामला है।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरक्षक शैलेश अवस्थी का काम मुख्यमंत्री के स्वागत से जुड़ा था। उन्हें कार्यक्रम स्थल और आने वाली फूल-मालाओं व बुके की जांच करनी थी। बताया जा रहा है कि ड्यूटी खत्म होने के बाद वे अपनी कार से घर जा रहे थे, और इसी जल्दबाजी में उनकी गाड़ी मुख्यमंत्री के काफिले में घुस गई। पुलिस अधिकारियों ने आरक्षक का मेडिकल भी कराया है और उससे लगातार पूछताछ जारी है। सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल में स्पष्ट रूप से यह निर्धारित किया गया है कि मुख्यमंत्री के काफिले के दौरान कौन-सी गाड़ी कहां तक जा सकती है। ऐसे में सुरक्षा घेरे के बीच एक अनधिकृत कार का पहुंच जाना कई सवाल खड़े करता है। हालाँकि इसे किसी साजिश के रूप में नहीं देखा जा रहा, लेकिन विभागीय स्तर पर इसे गंभीरता से लिया गया है। भोपाल पुलिस के उच्च अधिकारियों ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार करने का काम शुरू कर दिया है।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, आरक्षक शैलेश अवस्थी ने पूछताछ में बताया कि वह करीब 15 घंटे से लगातार ड्यूटी पर थे और खाना भी नहीं खाया था। थकान के चलते वह जल्दी घर पहुंचना चाह रहे थे। इसी जल्दबाजी में उनकी गाड़ी मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल हो गई। अब विभागीय जांच की तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि आरक्षक को लाइन अटैच किया जाएगा या निलंबन जैसी कार्रवाई होगी। इस घटना ने वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाना शुरू कर दिया है। राजधानी में पहले भी कई बार वीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा प्रबंधन को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देख रही है ताकि पूरी घटना की टाइमलाइन स्पष्ट हो सके। रात देर तक इस मामले पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बैठकें होती रहीं।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
भोपाल में CM मोहन यादव की सुरक्षा में हुई बड़ी चूक, अचानक काफिले में घुसी कार, जांच शुरू
भोपाल (म.प्र.)
बुधवार रात को मोहन यादव की सुरक्षा में एक बड़ी चूक हो गई, जब भोपाल में अचानक एक कार उनके काफिले में घुस गई। यह घटना लगभग 10 बजे की है। मुख्यमंत्री लखनऊ से लौटते समय स्टेट हैंगर से बाहर आए थे, और जैसे ही वे थोड़ा आगे बढ़े, एक गाड़ी उनके कारकेड के बीच पहुंच गई। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उस वाहन को रोका और चालक को हिरासत में ले लिया। बाद में पता चला कि कार चला रहा व्यक्ति पुलिस के आरक्षक शैलेश अवस्थी है, जो वीआईपी ड्यूटी पर तैनात था। कोहेफिजा थाना पुलिस ने उस वाहन को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री को जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई है, इसलिए उनके काफिले में किसी अनधिकृत वाहन का आना गंभीर मामला है।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरक्षक शैलेश अवस्थी का काम मुख्यमंत्री के स्वागत से जुड़ा था। उन्हें कार्यक्रम स्थल और आने वाली फूल-मालाओं व बुके की जांच करनी थी। बताया जा रहा है कि ड्यूटी खत्म होने के बाद वे अपनी कार से घर जा रहे थे, और इसी जल्दबाजी में उनकी गाड़ी मुख्यमंत्री के काफिले में घुस गई। पुलिस अधिकारियों ने आरक्षक का मेडिकल भी कराया है और उससे लगातार पूछताछ जारी है। सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल में स्पष्ट रूप से यह निर्धारित किया गया है कि मुख्यमंत्री के काफिले के दौरान कौन-सी गाड़ी कहां तक जा सकती है। ऐसे में सुरक्षा घेरे के बीच एक अनधिकृत कार का पहुंच जाना कई सवाल खड़े करता है। हालाँकि इसे किसी साजिश के रूप में नहीं देखा जा रहा, लेकिन विभागीय स्तर पर इसे गंभीरता से लिया गया है। भोपाल पुलिस के उच्च अधिकारियों ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार करने का काम शुरू कर दिया है।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, आरक्षक शैलेश अवस्थी ने पूछताछ में बताया कि वह करीब 15 घंटे से लगातार ड्यूटी पर थे और खाना भी नहीं खाया था। थकान के चलते वह जल्दी घर पहुंचना चाह रहे थे। इसी जल्दबाजी में उनकी गाड़ी मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल हो गई। अब विभागीय जांच की तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि आरक्षक को लाइन अटैच किया जाएगा या निलंबन जैसी कार्रवाई होगी। इस घटना ने वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाना शुरू कर दिया है। राजधानी में पहले भी कई बार वीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा प्रबंधन को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देख रही है ताकि पूरी घटना की टाइमलाइन स्पष्ट हो सके। रात देर तक इस मामले पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बैठकें होती रहीं।
