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3 मिनट की देरी पड़ी भारी: NDA परीक्षा में 12 अभ्यर्थी गेट से लौटे
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल में सख्त नियम और सर्वर डाउन की दोहरी मार; फेस ऑथेंटिकेशन भी नहीं हो सका
भोपाल में रविवार को आयोजित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) परीक्षा के दौरान 12 अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र से वापस लौटा दिया गया। शहर के अरेरा कॉलोनी स्थित शासकीय नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल में परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले ही गेट बंद कर दिया गया, जिसके कारण कुछ अभ्यर्थी समय पर पहुंचने के बावजूद प्रवेश से वंचित रह गए।
परीक्षा केंद्र प्रबंधन के अनुसार, सुबह 9:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं थी। हालांकि, कई अभ्यर्थियों और उनके परिजनों का आरोप है कि वे निर्धारित समय से कुछ मिनट पहले ही पहुंचे थे, फिर भी उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। इस मुद्दे पर मौके पर काफी देर तक बहस भी हुई, लेकिन अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट रूप से मना कर दिया।
स्थिति उस समय और जटिल हो गई जब परीक्षा केंद्र पर फेस ऑथेंटिकेशन प्रणाली तकनीकी कारणों से प्रभावित हो गई। केंद्र प्रभारी के मुताबिक, सर्वर डाउन होने के कारण अभ्यर्थियों की पहचान की प्रक्रिया सुचारू रूप से नहीं हो सकी। इस नई व्यवस्था को परीक्षा में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से लागू किया गया था, लेकिन तकनीकी खामी ने प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीहोर जिले से अपनी बहन को परीक्षा दिलाने आए एक अभिभावक ने बताया कि वे करीब 50 किलोमीटर दूर से आए थे और केवल तीन मिनट की देरी के कारण उन्हें प्रवेश नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उनकी बात सुनने की बजाय सीधे मना कर दिया, जिससे कई अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ।
प्रदेश में इस परीक्षा का आयोजन भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित तीन प्रमुख शहरों में किया गया। भोपाल में 12 केंद्रों पर 5,810, इंदौर में 13 केंद्रों पर 5,493 और ग्वालियर में 7 केंद्रों पर 6,030 परीक्षार्थियों के शामिल होने का अनुमान है। कुल मिलाकर 17,000 से अधिक उम्मीदवार इस परीक्षा में भाग ले रहे हैं।
प्रशासन ने परीक्षा के दौरान सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मेटल डिटेक्टर जांच और फेस ऑथेंटिकेशन जैसी व्यवस्थाएं लागू की थीं। साथ ही पेयजल, बिजली और पर्याप्त स्टाफ की भी व्यवस्था की गई थी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि समय का पालन अनिवार्य है और देर से आने वाले अभ्यर्थियों को किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस घटना के बाद परीक्षा प्रबंधन और तकनीकी तैयारियों को लेकर बहस तेज हो गई है, जिसे पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी के रूप में देखा जा रहा है।
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3 मिनट की देरी पड़ी भारी: NDA परीक्षा में 12 अभ्यर्थी गेट से लौटे
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल में रविवार को आयोजित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) परीक्षा के दौरान 12 अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र से वापस लौटा दिया गया। शहर के अरेरा कॉलोनी स्थित शासकीय नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल में परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले ही गेट बंद कर दिया गया, जिसके कारण कुछ अभ्यर्थी समय पर पहुंचने के बावजूद प्रवेश से वंचित रह गए।
परीक्षा केंद्र प्रबंधन के अनुसार, सुबह 9:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं थी। हालांकि, कई अभ्यर्थियों और उनके परिजनों का आरोप है कि वे निर्धारित समय से कुछ मिनट पहले ही पहुंचे थे, फिर भी उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। इस मुद्दे पर मौके पर काफी देर तक बहस भी हुई, लेकिन अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट रूप से मना कर दिया।
स्थिति उस समय और जटिल हो गई जब परीक्षा केंद्र पर फेस ऑथेंटिकेशन प्रणाली तकनीकी कारणों से प्रभावित हो गई। केंद्र प्रभारी के मुताबिक, सर्वर डाउन होने के कारण अभ्यर्थियों की पहचान की प्रक्रिया सुचारू रूप से नहीं हो सकी। इस नई व्यवस्था को परीक्षा में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से लागू किया गया था, लेकिन तकनीकी खामी ने प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीहोर जिले से अपनी बहन को परीक्षा दिलाने आए एक अभिभावक ने बताया कि वे करीब 50 किलोमीटर दूर से आए थे और केवल तीन मिनट की देरी के कारण उन्हें प्रवेश नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उनकी बात सुनने की बजाय सीधे मना कर दिया, जिससे कई अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ।
प्रदेश में इस परीक्षा का आयोजन भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित तीन प्रमुख शहरों में किया गया। भोपाल में 12 केंद्रों पर 5,810, इंदौर में 13 केंद्रों पर 5,493 और ग्वालियर में 7 केंद्रों पर 6,030 परीक्षार्थियों के शामिल होने का अनुमान है। कुल मिलाकर 17,000 से अधिक उम्मीदवार इस परीक्षा में भाग ले रहे हैं।
प्रशासन ने परीक्षा के दौरान सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मेटल डिटेक्टर जांच और फेस ऑथेंटिकेशन जैसी व्यवस्थाएं लागू की थीं। साथ ही पेयजल, बिजली और पर्याप्त स्टाफ की भी व्यवस्था की गई थी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि समय का पालन अनिवार्य है और देर से आने वाले अभ्यर्थियों को किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस घटना के बाद परीक्षा प्रबंधन और तकनीकी तैयारियों को लेकर बहस तेज हो गई है, जिसे पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी के रूप में देखा जा रहा है।
