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पीथमपुर में जहरीला कचरा जलाए जाने का तीसरा ट्रायल रन, जला 6570 किलो कचरा
Dhar, MP
यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा पीथमपुर के रामकी संयंत्र में लगातार जलाया जा रहा है. वायु गुणवत्ता की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है.
यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा पीथमपुर के रामकी संयंत्र में लगातार जलाया जा रहा है. जिसके चलते तीसरे ट्रायल रन में अब तक 6570 किलोग्राम अपशिष्ट का दहन किया जा चुका है. इंदौर संभाग आयुक्त दीपक सिंह के मुताबिक कचरा जलाए जाने के दौरान आसपास के गांव और स्थानीय इलाके की वायु गुणवत्ता की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है जो निर्धारित मानक के भीतर पाई गई है. बता दें कि तीसरे ट्रायल रन में भी 10 मीट्रिक टन कचरा जलाया जाना है.
तीसरे ट्रायल में जला 6570 किलो कचरा
दरअसल उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा रिट याचिका क्रमांक 2802/2004 (आलोक प्रताप सिंह विरुद्ध यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य) में 18 फरवरी 2025 को पारित आदेश के पालन में पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा अब तक तीसरे ट्रायल रन के अंतर्गत जलाया जा रहा है. इस दौरान रामकी संयंत्र में मौजूद इंसीनरेटर में यूनियन कार्बाइड के अपशिष्ठ की फीडिंग 270 किलोग्राम प्रति घंटे की दर से 10 मार्च 2025 को शाम 07:41 बजे प्रारंभ की गई थी जो 11 मार्च 2025 की रात 08 बजे तक 6570 किलोग्राम अपशिष्ठ जलाया जा चुका है.
वायु गुणवत्ता की लगातार हो रही मॉनिटरिंग
इंदौर संभाग आयुक्त दीपक सिंह ने बताया कि "कचरे को जलाने के दौरान प्लांट की चिमनी से होने वाले उत्सर्जन की मॉनिटरिंग ऑनलाइन कन्टीन्युअस इमीशन मॉनिटरिंग सिस्टम (OCEMS) से की जा रही है. वायु गुणवत्ता निर्धारित मानकों के भीतर पाई गई है. इस दौरान परीक्षण के बाद संयंत्र के आसपास मौजूद गांव तारपुरा, चीराखान एवं बजरंगपुरा में परिवेशीय वायु गुणवत्ता मापन में परिवेशीय वायु गुणवत्ता निर्धारित मानक के भीतर पाई गई है."
कोर्ट में जनहित याचिका लगाने की तैयारी
बता दें कि पीथमपुर बचाओ संगठन के अलावा अन्य स्थानीय जन संगठनों ने पर्यावरण मानक और कचरे से होने वाले दूरगामी दुष्परिणामों की जानकारी छिपाने का भी आरोप लगाया है. इस मामले में एक जनहित याचिका भी कोर्ट में लगाए जाने की तैयारी की गई है. हालांकि धार जिला प्रशासन और इंदौर संभाग आयुक्त लगातार दावा कर रहे हैं कि यूनियन कार्बाइड के कचरे से होने वाले उत्सर्जन से स्थानीय स्तर पर किसी प्रकार का कोई पर्यावरण आधारित नुकसान की संभावना नहीं है. इसके अलावा कचरे को जलाए जाने के दौरान तमाम सुरक्षा उपकरण और निर्धारित मानकों का ध्यान रखा जा रहा है.
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पीथमपुर में जहरीला कचरा जलाए जाने का तीसरा ट्रायल रन, जला 6570 किलो कचरा
Dhar, MP
यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा पीथमपुर के रामकी संयंत्र में लगातार जलाया जा रहा है. जिसके चलते तीसरे ट्रायल रन में अब तक 6570 किलोग्राम अपशिष्ट का दहन किया जा चुका है. इंदौर संभाग आयुक्त दीपक सिंह के मुताबिक कचरा जलाए जाने के दौरान आसपास के गांव और स्थानीय इलाके की वायु गुणवत्ता की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है जो निर्धारित मानक के भीतर पाई गई है. बता दें कि तीसरे ट्रायल रन में भी 10 मीट्रिक टन कचरा जलाया जाना है.
तीसरे ट्रायल में जला 6570 किलो कचरा
दरअसल उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा रिट याचिका क्रमांक 2802/2004 (आलोक प्रताप सिंह विरुद्ध यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य) में 18 फरवरी 2025 को पारित आदेश के पालन में पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा अब तक तीसरे ट्रायल रन के अंतर्गत जलाया जा रहा है. इस दौरान रामकी संयंत्र में मौजूद इंसीनरेटर में यूनियन कार्बाइड के अपशिष्ठ की फीडिंग 270 किलोग्राम प्रति घंटे की दर से 10 मार्च 2025 को शाम 07:41 बजे प्रारंभ की गई थी जो 11 मार्च 2025 की रात 08 बजे तक 6570 किलोग्राम अपशिष्ठ जलाया जा चुका है.
वायु गुणवत्ता की लगातार हो रही मॉनिटरिंग
इंदौर संभाग आयुक्त दीपक सिंह ने बताया कि "कचरे को जलाने के दौरान प्लांट की चिमनी से होने वाले उत्सर्जन की मॉनिटरिंग ऑनलाइन कन्टीन्युअस इमीशन मॉनिटरिंग सिस्टम (OCEMS) से की जा रही है. वायु गुणवत्ता निर्धारित मानकों के भीतर पाई गई है. इस दौरान परीक्षण के बाद संयंत्र के आसपास मौजूद गांव तारपुरा, चीराखान एवं बजरंगपुरा में परिवेशीय वायु गुणवत्ता मापन में परिवेशीय वायु गुणवत्ता निर्धारित मानक के भीतर पाई गई है."
कोर्ट में जनहित याचिका लगाने की तैयारी
बता दें कि पीथमपुर बचाओ संगठन के अलावा अन्य स्थानीय जन संगठनों ने पर्यावरण मानक और कचरे से होने वाले दूरगामी दुष्परिणामों की जानकारी छिपाने का भी आरोप लगाया है. इस मामले में एक जनहित याचिका भी कोर्ट में लगाए जाने की तैयारी की गई है. हालांकि धार जिला प्रशासन और इंदौर संभाग आयुक्त लगातार दावा कर रहे हैं कि यूनियन कार्बाइड के कचरे से होने वाले उत्सर्जन से स्थानीय स्तर पर किसी प्रकार का कोई पर्यावरण आधारित नुकसान की संभावना नहीं है. इसके अलावा कचरे को जलाए जाने के दौरान तमाम सुरक्षा उपकरण और निर्धारित मानकों का ध्यान रखा जा रहा है.
