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जल गंगा संवर्धन अभियान में श्रेष्ठ कार्य करने वालों को मिलेगा राज्य स्तरीय पुरस्कार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने जारी किए आदेश
Bhopal, MP
मध्य प्रदेश में चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित अमले को अब राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए दो श्रेणियों में पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
राज्य रोजगार गारंटी परिषद के आयुक्त अवि प्रसाद ने बताया कि ये पुरस्कार (1) जल गंगा संवर्धन अभियान में समग्र उत्कृष्ट कार्य और (2) मनरेगा के तहत खेत-तालाब निर्माण में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रदान किए जाएंगे।
तीन स्तरों पर दी जाएगी पुरस्कार राशि
अभियान में समग्र उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों के लिए पुरस्कार तीन श्रेणियों - प्रथम, द्वितीय और तृतीय - में दिए जाएंगे:
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कलेक्टर को क्रमशः ₹1.50 लाख, ₹1.25 लाख और ₹1 लाख
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जिला पंचायत के सीईओ को क्रमशः ₹1 लाख, ₹75 हजार और ₹50 हजार
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जिले के अमले को क्रमशः ₹6 लाख, ₹4.5 लाख और ₹3 लाख
खेत-तालाब निर्माण में उत्कृष्टता के लिए अलग श्रेणी
खेत-तालाब निर्माण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों और विकासखंडों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। इसके लिए "ए" और "बी" श्रेणियां निर्धारित की गई हैं:
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जिला स्तर पर:
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“ए” श्रेणी (4 या उससे कम जनपद)
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“बी” श्रेणी (5 या उससे अधिक जनपद)
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पुरस्कार:
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कलेक्टर: ₹1 लाख
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जिला पंचायत सीईओ: ₹75 हजार
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यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री: ₹50 हजार
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जिला अमला: ₹2.75 लाख
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विकासखंड स्तर पर:
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“ए” श्रेणी (70 या उससे कम ग्राम पंचायत)
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“बी” श्रेणी (71 या उससे अधिक ग्राम पंचायत)
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पुरस्कार:
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जनपद पंचायत सीईओ: ₹50 हजार
-
सहायक यंत्री: ₹30 हजार
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जनपद अमला: ₹1.20 लाख
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राज्य स्तर पर होगा मूल्यांकन और सत्यापन
इन पुरस्कारों के लिए चयन मनरेगा डैशबोर्ड, JGSA पोर्टल और अन्य निर्धारित मापदंडों के आधार पर किया जाएगा। मूल्यांकन राज्य स्तर पर किया जाएगा, जिसमें जिला, जनपद और ग्राम पंचायत स्तर की रैंकिंग के आधार पर श्रेष्ठता तय की जाएगी।
स्थानांतरण होने पर भी मिलेगा अनुपातिक पुरस्कार
यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी का स्थानांतरण हो जाता है, तो उन्हें उस स्थान पर की गई सेवाओं की अवधि के अनुपात में पुरस्कार राशि दी जाएगी। वहीं नवगठित जिलों में जहां जिला पंचायत गठनाधीन है, वहां प्रदर्शन के आधार पर संबंधित कलेक्टरों को समानुपातिक रूप से पुरस्कार दिए जाएंगे।
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जल गंगा संवर्धन अभियान में श्रेष्ठ कार्य करने वालों को मिलेगा राज्य स्तरीय पुरस्कार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने जारी किए आदेश
Bhopal, MP
राज्य रोजगार गारंटी परिषद के आयुक्त अवि प्रसाद ने बताया कि ये पुरस्कार (1) जल गंगा संवर्धन अभियान में समग्र उत्कृष्ट कार्य और (2) मनरेगा के तहत खेत-तालाब निर्माण में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रदान किए जाएंगे।
तीन स्तरों पर दी जाएगी पुरस्कार राशि
अभियान में समग्र उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों के लिए पुरस्कार तीन श्रेणियों - प्रथम, द्वितीय और तृतीय - में दिए जाएंगे:
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कलेक्टर को क्रमशः ₹1.50 लाख, ₹1.25 लाख और ₹1 लाख
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जिला पंचायत के सीईओ को क्रमशः ₹1 लाख, ₹75 हजार और ₹50 हजार
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जिले के अमले को क्रमशः ₹6 लाख, ₹4.5 लाख और ₹3 लाख
खेत-तालाब निर्माण में उत्कृष्टता के लिए अलग श्रेणी
खेत-तालाब निर्माण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों और विकासखंडों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। इसके लिए "ए" और "बी" श्रेणियां निर्धारित की गई हैं:
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जिला स्तर पर:
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“ए” श्रेणी (4 या उससे कम जनपद)
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“बी” श्रेणी (5 या उससे अधिक जनपद)
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पुरस्कार:
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कलेक्टर: ₹1 लाख
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जिला पंचायत सीईओ: ₹75 हजार
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यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री: ₹50 हजार
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जिला अमला: ₹2.75 लाख
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विकासखंड स्तर पर:
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“ए” श्रेणी (70 या उससे कम ग्राम पंचायत)
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“बी” श्रेणी (71 या उससे अधिक ग्राम पंचायत)
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पुरस्कार:
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जनपद पंचायत सीईओ: ₹50 हजार
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सहायक यंत्री: ₹30 हजार
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जनपद अमला: ₹1.20 लाख
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राज्य स्तर पर होगा मूल्यांकन और सत्यापन
इन पुरस्कारों के लिए चयन मनरेगा डैशबोर्ड, JGSA पोर्टल और अन्य निर्धारित मापदंडों के आधार पर किया जाएगा। मूल्यांकन राज्य स्तर पर किया जाएगा, जिसमें जिला, जनपद और ग्राम पंचायत स्तर की रैंकिंग के आधार पर श्रेष्ठता तय की जाएगी।
स्थानांतरण होने पर भी मिलेगा अनुपातिक पुरस्कार
यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी का स्थानांतरण हो जाता है, तो उन्हें उस स्थान पर की गई सेवाओं की अवधि के अनुपात में पुरस्कार राशि दी जाएगी। वहीं नवगठित जिलों में जहां जिला पंचायत गठनाधीन है, वहां प्रदर्शन के आधार पर संबंधित कलेक्टरों को समानुपातिक रूप से पुरस्कार दिए जाएंगे।
