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भोपाल में नवजात को बोरी में डालकर कचरे के ढेर में फेंका, टैक्सी ड्राइवर ने सुनी रोने की आवाज
BHOPAL, MP
मामला करोंद क्षेत्र में पीले क्वार्टर इलाके का है। इसके बाद टैक्सी ड्राइवर मुश्ताक खान ने निशातपुरा पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। डिस्चार्ज होने के बाद उसे बाल कल्याण समिति (CWC) को सौंपा जाएगा।
जांच अधिकारी एएसआई आरपी भारती के अनुसार, नवजात के शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं। आसपास सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। लिहाजा, बच्चे को फेंकने वाले की पहचान करने में मुश्किल हो रही है। पुलिस अब घटना स्थल की ओर आने वाले सभी रास्तों के फुटेज खंगाल रही है।
फिलहाल बच्चे को कमला नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। डिस्चार्ज होने के बाद उसे बाल कल्याण समिति (CWC) को सौंपा जाएगा।
बच्चे की पीठ पर खरोंच के निशान हैं। डॉक्टर का मानना है कि जब बच्चे को फेंका गया होगा, किसी जंगली जानवर ने बोरी को पंजों से खरोंचने के प्रयास किए होंगे।
बच्चा ऑक्सीजन सपोर्ट पर है। उसे राइस ट्यूब से उसे खाना दिया जा रहा है। बच्चे को जब अस्पताल लाया गया, तब से अब तक उसकी हालत में सुधार हुआ है। पूरी तरह से स्थिर होने में बच्चे को दो से तीन दिन तक लग सकते हैं।
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भोपाल में नवजात को बोरी में डालकर कचरे के ढेर में फेंका, टैक्सी ड्राइवर ने सुनी रोने की आवाज
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जांच अधिकारी एएसआई आरपी भारती के अनुसार, नवजात के शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं। आसपास सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। लिहाजा, बच्चे को फेंकने वाले की पहचान करने में मुश्किल हो रही है। पुलिस अब घटना स्थल की ओर आने वाले सभी रास्तों के फुटेज खंगाल रही है।
फिलहाल बच्चे को कमला नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। डिस्चार्ज होने के बाद उसे बाल कल्याण समिति (CWC) को सौंपा जाएगा।
बच्चे की पीठ पर खरोंच के निशान हैं। डॉक्टर का मानना है कि जब बच्चे को फेंका गया होगा, किसी जंगली जानवर ने बोरी को पंजों से खरोंचने के प्रयास किए होंगे।
बच्चा ऑक्सीजन सपोर्ट पर है। उसे राइस ट्यूब से उसे खाना दिया जा रहा है। बच्चे को जब अस्पताल लाया गया, तब से अब तक उसकी हालत में सुधार हुआ है। पूरी तरह से स्थिर होने में बच्चे को दो से तीन दिन तक लग सकते हैं।
