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कलेक्टर के चपरासी से ट्रेजरी के बाबू ने मांगी रिश्वत, लोकायुक्त ने धर दबोचा
Sagar, MP
सागर कलेक्टर कार्यालय के भृत्य से ट्रेजरी के बाबू ने एरियर की राशि निकालने के लिए 2 हजार की रिश्वत की मांग की थी.
जिला कोषालय के बाबू को लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. सागर कलेक्ट्रेट में पदस्थ चपरासी के एरियर भुगतान को लेकर 2 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी. पीड़ित भृत्य का आरोप है कि इसके लिए उसे पिछले 5 साल से परेशान किया जा रहा था. इसी बात से परेशान होकर उसने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत सही पाए जाने पर शुक्रवार को लोकायुक्त सागर की टीम ने जाल बिछाकर बाबू को धर दबोचा.
एरियर की राशि के लिए मांगी रिश्वत
शाहगढ़ निवासी धनीराम बांगर कलेक्टर कार्यालय सागर में चपरासी पद पर पदस्थ है. उन्होंने सागर लोकायुक्त एसपी कार्यालय में 6 मार्च को शिकायत दर्ज कराई थी कि पिछले 5 साल से ट्रेजरी कार्यालय द्वारा उसके एरियर का भुगतान नहीं किया जा रहा है. जिला कोषालय कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 रामजी कोरी उससे 2 हजार रूपये रिश्वत की मांग कर रहे थे. वह चक्कर काट काटकर परेशान हो गया है. उसका पिछले 5 साल का करीब 99 हजार रूपए एरियर का भुगतान बकाया है.
रिश्वत लेते ट्रेजरी का बाबू रंगे हाथ गिरफ्तार
लोकायुक्त कार्यालय द्वारा शिकायत की जांच करने पर शिकायत सही पाई गई. लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाकर फरियादी धनीराम बांगर को भेजा और 15 सौ रूपए की रिश्वत लेते हुए जिला कोषालय कार्यालय के सहायक ग्रेड-3 रामजी कोरी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.
5 साल कटवाए चक्कर
फरियादी धनीराम बांगर का कहना है कि "ये लोग इस तरह का जाल बिछाते थे कि एरियर की राशि आती थी और भुगतान में देरी के कारण हर बार वापिस हो जाती थी. पिछले 5 साल से मैं चक्कर काट काटकर परेशान हो गया और मैनें बताया भी कि मैं कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ हूं लेकिन मेरी नहीं सुनी. मैंने ये भी कहा कि भुगतान के बाद पैसे ले लेना लेकिन फिर भी तैयार नहीं हुए."
लोकायुक्त इंस्पेक्टर रंजीत सिंह ने बताया कि "कल ही हमारे पास शिकायत आई थी और शिकायत सही पाए जाने पर टीम ने 15 सौ रूपये की रिश्वत लेते हुए सहायक ग्रेड 3 रामजी कोरी को रंगे हाथों पकड़ा है. आगे कार्रवाई की जा रही है."
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कलेक्टर के चपरासी से ट्रेजरी के बाबू ने मांगी रिश्वत, लोकायुक्त ने धर दबोचा
Sagar, MP
जिला कोषालय के बाबू को लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. सागर कलेक्ट्रेट में पदस्थ चपरासी के एरियर भुगतान को लेकर 2 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी. पीड़ित भृत्य का आरोप है कि इसके लिए उसे पिछले 5 साल से परेशान किया जा रहा था. इसी बात से परेशान होकर उसने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत सही पाए जाने पर शुक्रवार को लोकायुक्त सागर की टीम ने जाल बिछाकर बाबू को धर दबोचा.
एरियर की राशि के लिए मांगी रिश्वत
शाहगढ़ निवासी धनीराम बांगर कलेक्टर कार्यालय सागर में चपरासी पद पर पदस्थ है. उन्होंने सागर लोकायुक्त एसपी कार्यालय में 6 मार्च को शिकायत दर्ज कराई थी कि पिछले 5 साल से ट्रेजरी कार्यालय द्वारा उसके एरियर का भुगतान नहीं किया जा रहा है. जिला कोषालय कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 रामजी कोरी उससे 2 हजार रूपये रिश्वत की मांग कर रहे थे. वह चक्कर काट काटकर परेशान हो गया है. उसका पिछले 5 साल का करीब 99 हजार रूपए एरियर का भुगतान बकाया है.
रिश्वत लेते ट्रेजरी का बाबू रंगे हाथ गिरफ्तार
लोकायुक्त कार्यालय द्वारा शिकायत की जांच करने पर शिकायत सही पाई गई. लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाकर फरियादी धनीराम बांगर को भेजा और 15 सौ रूपए की रिश्वत लेते हुए जिला कोषालय कार्यालय के सहायक ग्रेड-3 रामजी कोरी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.
5 साल कटवाए चक्कर
फरियादी धनीराम बांगर का कहना है कि "ये लोग इस तरह का जाल बिछाते थे कि एरियर की राशि आती थी और भुगतान में देरी के कारण हर बार वापिस हो जाती थी. पिछले 5 साल से मैं चक्कर काट काटकर परेशान हो गया और मैनें बताया भी कि मैं कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ हूं लेकिन मेरी नहीं सुनी. मैंने ये भी कहा कि भुगतान के बाद पैसे ले लेना लेकिन फिर भी तैयार नहीं हुए."
लोकायुक्त इंस्पेक्टर रंजीत सिंह ने बताया कि "कल ही हमारे पास शिकायत आई थी और शिकायत सही पाए जाने पर टीम ने 15 सौ रूपये की रिश्वत लेते हुए सहायक ग्रेड 3 रामजी कोरी को रंगे हाथों पकड़ा है. आगे कार्रवाई की जा रही है."
