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मंदसौर से पहलगाम तक तिरंगा यात्रा दर्ज हुई वर्ल्ड रिकॉर्ड में
Mandsaur, MP
स्वतंत्रता दिवस से पहले मंदसौर जिले से शुरू हुई 150 युवाओं की तिरंगा यात्रा अब इतिहास बन गई है। भाजपा नेता और भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के सदस्य विनय जांगिड़ के नेतृत्व में निकली इस यात्रा ने 1,500 किलोमीटर की दूरी तय कर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम तक पहुंचकर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह बना ली।
भरतपुरा से हुई थी शुरुआत
यह यात्रा 13 अगस्त को सुवासरा विधानसभा के भरतपुरा से शुरू हुई थी। इसमें सैकड़ों गाड़ियों का काफिला भी शामिल रहा। 14 अगस्त को जत्था जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हुआ और लगातार सफर करते हुए 16 अगस्त की शाम सभी यात्री पहलगाम पहुंचे।
आतंकवाद के खिलाफ दिया गया संदेश
यात्रा का समापन उस स्थान पर हुआ, जहां कभी आतंकियों ने पर्यटकों की हत्या की थी। वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराकर श्रद्धांजलि दी गई।
विनय जांगिड़ ने कहा—
“यह यात्रा आतंकवाद के खिलाफ मजबूत संदेश है। अखंड भारत का संकल्प लेकर देश का युवा हर चुनौती के सामने खड़ा है। पहलगाम की वादियों में तिरंगा लहराना शहीदों को नमन और भारत की अडिग शक्ति का प्रतीक है।”
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मंदसौर से पहलगाम तक तिरंगा यात्रा दर्ज हुई वर्ल्ड रिकॉर्ड में
Mandsaur, MP
भरतपुरा से हुई थी शुरुआत
यह यात्रा 13 अगस्त को सुवासरा विधानसभा के भरतपुरा से शुरू हुई थी। इसमें सैकड़ों गाड़ियों का काफिला भी शामिल रहा। 14 अगस्त को जत्था जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हुआ और लगातार सफर करते हुए 16 अगस्त की शाम सभी यात्री पहलगाम पहुंचे।
आतंकवाद के खिलाफ दिया गया संदेश
यात्रा का समापन उस स्थान पर हुआ, जहां कभी आतंकियों ने पर्यटकों की हत्या की थी। वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराकर श्रद्धांजलि दी गई।
विनय जांगिड़ ने कहा—
“यह यात्रा आतंकवाद के खिलाफ मजबूत संदेश है। अखंड भारत का संकल्प लेकर देश का युवा हर चुनौती के सामने खड़ा है। पहलगाम की वादियों में तिरंगा लहराना शहीदों को नमन और भारत की अडिग शक्ति का प्रतीक है।”
