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भोपाल में दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन शुरू, सीएम का लोकतंत्र पर बड़ा बयान, जानें क्या कहा
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल में दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन की शुरुआत हुई, जिसमें मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के 63 युवा विधायकों ने हिस्सा लिया।
भोपाल में दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन की शुरुआत हो चुकी है, जहां देश के तीन प्रमुख राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ से आए 63 युवा विधायक हिस्सा ले रहे हैं। इस सम्मेलन का उद्देश्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत बनाना तथा युवाओं की भूमिका को नीति निर्माण और शासन व्यवस्था में अधिक प्रभावी बनाना है।
सम्मेलन की शुरुआत और प्रमुख विषय
भोपाल स्थित मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में आयोजित इस सम्मेलन के पहले दिन लोकतंत्र को मजबूत करने और नागरिक भागीदारी को बढ़ाने में युवा विधायकों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर विभिन्न सत्रों के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों, शासन प्रणाली और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
सीएम मोहन यादव का महत्वपूर्ण संबोधन
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने भारतीय लोकतंत्र को लेकर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि अक्सर यह धारणा बनाई जाती है कि भारत का लोकतांत्रिक ढांचा पश्चिमी देशों से प्रेरित है, जबकि वास्तविकता यह है कि भारतीय लोकतंत्र की जड़ें हमारी प्राचीन सभ्यता और सांस्कृतिक परंपराओं में गहराई से जुड़ी हुई हैं।
उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं है, बल्कि यह सामाजिक मूल्यों, सांस्कृतिक चेतना और नागरिक जिम्मेदारी से जुड़ा हुआ व्यापक विचार है। उनके अनुसार, जब हम लोकतंत्र को भारत और मध्य प्रदेश के संदर्भ में देखते हैं तो यह केवल राजनीतिक ढांचे तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि यह समाज की भागीदारी और जागरूकता का प्रतीक बन जाता है।
युवा विधायकों की भूमिका पर चर्चा
सम्मेलन के पहले दिन विशेष रूप से इस बात पर मंथन हुआ कि युवा विधायक लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी कैसे बना सकते हैं। चर्चा में यह भी सामने आया कि आने वाले समय में नीतिगत निर्णयों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि शासन व्यवस्था अधिक उत्तरदायी और जनहितकारी बन सके।
तीन राज्यों के युवा प्रतिनिधियों की भागीदारी
इस सम्मेलन में 45 वर्ष से कम आयु के विधायकों को आमंत्रित किया गया है। इनमें मध्य प्रदेश के साथ-साथ राजस्थान और छत्तीसगढ़ के युवा जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं। सभी प्रतिभागी अपने-अपने क्षेत्रों के अनुभव साझा कर रहे हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए सुझाव दे रहे हैं।
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भोपाल में दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन शुरू, सीएम का लोकतंत्र पर बड़ा बयान, जानें क्या कहा
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल में दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन की शुरुआत हो चुकी है, जहां देश के तीन प्रमुख राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ से आए 63 युवा विधायक हिस्सा ले रहे हैं। इस सम्मेलन का उद्देश्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत बनाना तथा युवाओं की भूमिका को नीति निर्माण और शासन व्यवस्था में अधिक प्रभावी बनाना है।
सम्मेलन की शुरुआत और प्रमुख विषय
भोपाल स्थित मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में आयोजित इस सम्मेलन के पहले दिन लोकतंत्र को मजबूत करने और नागरिक भागीदारी को बढ़ाने में युवा विधायकों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर विभिन्न सत्रों के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों, शासन प्रणाली और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
सीएम मोहन यादव का महत्वपूर्ण संबोधन
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने भारतीय लोकतंत्र को लेकर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि अक्सर यह धारणा बनाई जाती है कि भारत का लोकतांत्रिक ढांचा पश्चिमी देशों से प्रेरित है, जबकि वास्तविकता यह है कि भारतीय लोकतंत्र की जड़ें हमारी प्राचीन सभ्यता और सांस्कृतिक परंपराओं में गहराई से जुड़ी हुई हैं।
उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं है, बल्कि यह सामाजिक मूल्यों, सांस्कृतिक चेतना और नागरिक जिम्मेदारी से जुड़ा हुआ व्यापक विचार है। उनके अनुसार, जब हम लोकतंत्र को भारत और मध्य प्रदेश के संदर्भ में देखते हैं तो यह केवल राजनीतिक ढांचे तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि यह समाज की भागीदारी और जागरूकता का प्रतीक बन जाता है।
युवा विधायकों की भूमिका पर चर्चा
सम्मेलन के पहले दिन विशेष रूप से इस बात पर मंथन हुआ कि युवा विधायक लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी कैसे बना सकते हैं। चर्चा में यह भी सामने आया कि आने वाले समय में नीतिगत निर्णयों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि शासन व्यवस्था अधिक उत्तरदायी और जनहितकारी बन सके।
तीन राज्यों के युवा प्रतिनिधियों की भागीदारी
इस सम्मेलन में 45 वर्ष से कम आयु के विधायकों को आमंत्रित किया गया है। इनमें मध्य प्रदेश के साथ-साथ राजस्थान और छत्तीसगढ़ के युवा जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं। सभी प्रतिभागी अपने-अपने क्षेत्रों के अनुभव साझा कर रहे हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए सुझाव दे रहे हैं।
