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इंदौर में ऑटो चालक का अनोखा विरोध: पत्नी प्रताड़ना और पति हत्या के मामलों से आहत, अतुल-नितिन-राजा के पोस्टर लगाकर उठाए सवाल
Indore,M.P
शहर में एक ऑटो चालक ने पत्नी प्रताड़ना और पति हत्या के मामलों के खिलाफ अनोखा विरोध जताया है।
प्रेम-प्रसंग में पति की हत्या और पत्नी द्वारा उत्पीड़न से आत्महत्या कर रहे पुरुषों की घटनाओं से आहत इस चालक ने अपने ऑटो और अन्य तीन-चार ऑटो पर बड़े पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों पर तीन युवकों — अतुल सुभाष, नितिन पडियार और राजा रघुवंशी — की तस्वीरों के साथ लिखा है:
"हे न्याय की देवी, स्त्री सम्मान के नाम पर आप और कितने बेटों की बलि लेंगी?"
महिलाओं को समझना होगा कि वे देवी हैं — ऑटो चालक
ऑटो चालक संतोष ने बताया कि उनका उद्देश्य महिलाओं को अपमानित करना नहीं है, बल्कि यह याद दिलाना है कि सम्मान के साथ जिम्मेदारी भी आती है। उन्होंने कहा,
"महिलाएं देवी के समान होती हैं और देवी हमेशा प्यार और दुलार करती हैं। लेकिन हाल के मामलों में कुछ महिलाएं अपने अधिकारों और कानून का गलत इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे निर्दोष पुरुषों की जान जा रही है।"
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं किसी भी परिवार को तोड़ देती हैं और समाज में संतुलन बिगाड़ती हैं।
तीन दर्दनाक कहानियां
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अतुल सुभाष — बेंगलुरु की एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। सुसाइड नोट और वायरल वीडियो में उन्होंने पत्नी पर मानसिक उत्पीड़न और पारिवारिक विवाद के गंभीर आरोप लगाए थे।
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नितिन पडियार — 28 वर्षीय फोटोग्राफर, जिसने 20 जनवरी को आत्महत्या की। सुसाइड नोट में दहेज कानून में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि महिलाओं को इसका दुरुपयोग करने से रोका जाए। पुलिस ने उसकी पत्नी और ससुराल पक्ष के तीन लोगों पर केस दर्ज किया।
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राजा रघुवंशी — हनीमून के लिए शिलांग गए राजा की वहां हत्या कर दी गई। आरोप है कि पत्नी सोनम रघुवंशी और उसके प्रेमी ने इस साजिश को रचा।
संदेश सिर्फ महिलाओं के लिए नहीं, समाज के लिए
संतोष का कहना है कि यह विरोध सिर्फ कुछ महिलाओं के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे समाज को जागरूक करने के लिए है। उनका मानना है कि न्याय व्यवस्था पुरुष और महिला, दोनों के लिए समान रूप से संवेदनशील होनी चाहिए, ताकि किसी का भी शोषण न हो।
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Indore,M.P
प्रेम-प्रसंग में पति की हत्या और पत्नी द्वारा उत्पीड़न से आत्महत्या कर रहे पुरुषों की घटनाओं से आहत इस चालक ने अपने ऑटो और अन्य तीन-चार ऑटो पर बड़े पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों पर तीन युवकों — अतुल सुभाष, नितिन पडियार और राजा रघुवंशी — की तस्वीरों के साथ लिखा है:
"हे न्याय की देवी, स्त्री सम्मान के नाम पर आप और कितने बेटों की बलि लेंगी?"
महिलाओं को समझना होगा कि वे देवी हैं — ऑटो चालक
ऑटो चालक संतोष ने बताया कि उनका उद्देश्य महिलाओं को अपमानित करना नहीं है, बल्कि यह याद दिलाना है कि सम्मान के साथ जिम्मेदारी भी आती है। उन्होंने कहा,
"महिलाएं देवी के समान होती हैं और देवी हमेशा प्यार और दुलार करती हैं। लेकिन हाल के मामलों में कुछ महिलाएं अपने अधिकारों और कानून का गलत इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे निर्दोष पुरुषों की जान जा रही है।"
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं किसी भी परिवार को तोड़ देती हैं और समाज में संतुलन बिगाड़ती हैं।
तीन दर्दनाक कहानियां
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अतुल सुभाष — बेंगलुरु की एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। सुसाइड नोट और वायरल वीडियो में उन्होंने पत्नी पर मानसिक उत्पीड़न और पारिवारिक विवाद के गंभीर आरोप लगाए थे।
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नितिन पडियार — 28 वर्षीय फोटोग्राफर, जिसने 20 जनवरी को आत्महत्या की। सुसाइड नोट में दहेज कानून में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि महिलाओं को इसका दुरुपयोग करने से रोका जाए। पुलिस ने उसकी पत्नी और ससुराल पक्ष के तीन लोगों पर केस दर्ज किया।
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राजा रघुवंशी — हनीमून के लिए शिलांग गए राजा की वहां हत्या कर दी गई। आरोप है कि पत्नी सोनम रघुवंशी और उसके प्रेमी ने इस साजिश को रचा।
संदेश सिर्फ महिलाओं के लिए नहीं, समाज के लिए
संतोष का कहना है कि यह विरोध सिर्फ कुछ महिलाओं के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे समाज को जागरूक करने के लिए है। उनका मानना है कि न्याय व्यवस्था पुरुष और महिला, दोनों के लिए समान रूप से संवेदनशील होनी चाहिए, ताकि किसी का भी शोषण न हो।
