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छतरपुर में अज्ञात वाहन ने गायों को रौंदा: चार की मौत, दो घायल; प्रशासनिक आदेशों के बावजूद सड़कों पर आवारा पशु
Chhatarpur, MP
कलेक्टर के निर्देशों के बाद भी गौशालाएं खाली, सड़कों पर भटकते पशु बन रहे हादसों का कारण — रात में एनएच 34 पर हुआ दर्दनाक हादसा।
छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 34 पर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें एक अज्ञात वाहन ने सड़क पर बैठी गायों को रौंद दिया। इस हादसे में चार गायों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना रात के अंधेरे में खौप तिराहा के पास हुई, जहां दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालक जानवरों को नहीं देख सका।
गायों को गौशाला पहुंचाया गया
सूचना मिलते ही स्थानीय गौ सेवक और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल गायों को उपचार के लिए पास की गौशाला पहुंचाया। हालांकि जिले भर में कई गौशालाएं खाली पड़ी हैं, जिसके चलते आवारा पशु सड़कों और खेतों में घूमते नजर आते हैं। दिन में ये पशु किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, जबकि रात के समय सड़कों पर बैठने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
6 अगस्त को छतरपुर कलेक्टर ने आदेश जारी किया था कि जिले की सभी पंचायतें 15 दिनों के भीतर आवारा पशुओं को सड़कों से हटाकर सुरक्षित रूप से गौशालाओं में रखें। लेकिन तीन महीने बाद भी आदेशों का पालन पूरी तरह नहीं हो सका है। परिणामस्वरूप जिले में लगातार सड़क दुर्घटनाओं में मवेशियों की मौत के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
हादसों की पुनरावृत्ति
यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले 5 अक्टूबर को बड़ामलहरा थाना क्षेत्र के गंज तिराहा के पास भी एक अज्ञात वाहन ने 15 गायों को कुचल दिया था। वहीं, एनएच 39 पर सरानी ब्रिज के पास भी इसी तरह की दुर्घटना में चार गायों की मौत हुई थी। बार-बार हो रही इन घटनाओं ने प्रशासनिक कार्यवाही की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पब्लिक इंटरेस्ट और आगे की स्थिति
यह घटना न केवल पशु संरक्षण की स्थिति पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि ट्रैफिक सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर भी चिंता पैदा करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवारा पशुओं को गौशालाओं में रखा जाता, तो ऐसी दुर्घटनाओं को टाला जा सकता था। फिलहाल प्रशासन ने हादसे की जांच और जिम्मेदारों की पहचान के आदेश दिए हैं।
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छतरपुर में अज्ञात वाहन ने गायों को रौंदा: चार की मौत, दो घायल; प्रशासनिक आदेशों के बावजूद सड़कों पर आवारा पशु
Chhatarpur, MP
छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 34 पर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें एक अज्ञात वाहन ने सड़क पर बैठी गायों को रौंद दिया। इस हादसे में चार गायों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना रात के अंधेरे में खौप तिराहा के पास हुई, जहां दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालक जानवरों को नहीं देख सका।
गायों को गौशाला पहुंचाया गया
सूचना मिलते ही स्थानीय गौ सेवक और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल गायों को उपचार के लिए पास की गौशाला पहुंचाया। हालांकि जिले भर में कई गौशालाएं खाली पड़ी हैं, जिसके चलते आवारा पशु सड़कों और खेतों में घूमते नजर आते हैं। दिन में ये पशु किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, जबकि रात के समय सड़कों पर बैठने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
6 अगस्त को छतरपुर कलेक्टर ने आदेश जारी किया था कि जिले की सभी पंचायतें 15 दिनों के भीतर आवारा पशुओं को सड़कों से हटाकर सुरक्षित रूप से गौशालाओं में रखें। लेकिन तीन महीने बाद भी आदेशों का पालन पूरी तरह नहीं हो सका है। परिणामस्वरूप जिले में लगातार सड़क दुर्घटनाओं में मवेशियों की मौत के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
हादसों की पुनरावृत्ति
यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले 5 अक्टूबर को बड़ामलहरा थाना क्षेत्र के गंज तिराहा के पास भी एक अज्ञात वाहन ने 15 गायों को कुचल दिया था। वहीं, एनएच 39 पर सरानी ब्रिज के पास भी इसी तरह की दुर्घटना में चार गायों की मौत हुई थी। बार-बार हो रही इन घटनाओं ने प्रशासनिक कार्यवाही की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पब्लिक इंटरेस्ट और आगे की स्थिति
यह घटना न केवल पशु संरक्षण की स्थिति पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि ट्रैफिक सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर भी चिंता पैदा करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवारा पशुओं को गौशालाओं में रखा जाता, तो ऐसी दुर्घटनाओं को टाला जा सकता था। फिलहाल प्रशासन ने हादसे की जांच और जिम्मेदारों की पहचान के आदेश दिए हैं।
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