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अर्बन चैलेंज फंड से बदलेगी भोपाल की सूरत, स्टार्टअप और छोटे उद्योगों को मिलेगा फायदा
Opinion By Devendra Patel
केंद्रीय बजट में शहरी विकास के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का 'अर्बन चैलेंज फंड' दिया गया है. इससे भोपाल के इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी मजबूती.
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को आम बजट 2025-26 जारी कर दिया है. इस बजट से भोपाल समेत मध्य प्रदेश के अन्य शहरों की सूरत बदल जाएगी. मध्य प्रदेश के छोटे शहरों में स्थापित छोटे उद्योगों और स्टार्टअप को फायदा मिलेगा.
अर्बन प्लानर और भोपाल क्रेडाई के अध्यक्ष मनोज सिंह मीक ने बताया कि "केंद्रीय बजट 2025-26 में अधोसंरचना विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं, जो अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास और रियल एस्टेट को मजबूती प्रदान कर सकती हैं. इस बजट में मध्य प्रदेश, विशेष रूप से भोपाल के लिए शहरी पुनर्विकास, निवेश, और रियल एस्टेट सेक्टर में विकास की संभावनाएं देखी जा सकती हैं."
अर्बन चैलेंज फंड से शहरों में होगा विकास
केंद्रीय बजट में शहरी विकास के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का 'अर्बन चैलेंज फंड' दिया गया है. इसका उद्देश्य सिटीज एज ग्रोथ हब और क्रियेटिव रिडेवलपमेंट ऑफ सिटीज के तहत शहरों को विकसित करना है. इस फंड से भोपाल स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और टाउन प्लानिंग स्कीम शुरू हो सकेंगे. जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ शहर के अर्थिक विकास को भी गति मिलेगी. एक लाख नए पीएम आवास बनाने से मध्य प्रदेश के रियल स्टेट कारोबारियों को लाभ और लोगों को सस्ते आवास मिल सकेंगे.
स्वामी फंड से रियल स्टेट में आएगा बूम
केंद्र सरकार ने स्वामी फंड 2 के तहत 15 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया है. इससे रियल स्टेट की अटकी परियोजनाओं को पूरा किया जा सके. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत अन्य शहरों में अटकी परियोजनाओं को सीधा लाभ मिलेगा. जल जीवन मिशन की समय सीमा भी 2028 तक बढ़ा दी गई है, जिससे मध्य प्रदेश में शत प्रतिशत जलापूर्ति कवरेज का लक्ष्य पूरा किया जा सकेगा. राज्यों को 1.5 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय सहायता देने से सड़क, परिवहन और जलनिकासी जैसी परियोजनाओं में तेजी आएगी.
एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचे में सुधार
एमएसएमई सेक्टर में क्रेडिट कार्ड स्कीम से माइक्रो एंटरप्राइजेज को 5 लाख तक की क्रेडिट लिमिट मिलेगी. नए स्टार्टअप्स के लिए 2 करोड़ रुपये तक के टर्म लोन देने की योजना है. इससे भोपाल जैसे शहरों में स्टार्टअप और छोटे उद्योगों को इससे सीधा फायदा होगा. वहीं 120 नए गंतव्यों तक क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने से भोपाल एयरपोर्ट समेत अन्य विमानतल में यात्री सुविधाओं का इजाफा होगा.
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अर्बन चैलेंज फंड से बदलेगी भोपाल की सूरत, स्टार्टअप और छोटे उद्योगों को मिलेगा फायदा
Opinion By Devendra Patel
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को आम बजट 2025-26 जारी कर दिया है. इस बजट से भोपाल समेत मध्य प्रदेश के अन्य शहरों की सूरत बदल जाएगी. मध्य प्रदेश के छोटे शहरों में स्थापित छोटे उद्योगों और स्टार्टअप को फायदा मिलेगा.
अर्बन प्लानर और भोपाल क्रेडाई के अध्यक्ष मनोज सिंह मीक ने बताया कि "केंद्रीय बजट 2025-26 में अधोसंरचना विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं, जो अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास और रियल एस्टेट को मजबूती प्रदान कर सकती हैं. इस बजट में मध्य प्रदेश, विशेष रूप से भोपाल के लिए शहरी पुनर्विकास, निवेश, और रियल एस्टेट सेक्टर में विकास की संभावनाएं देखी जा सकती हैं."
अर्बन चैलेंज फंड से शहरों में होगा विकास
केंद्रीय बजट में शहरी विकास के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का 'अर्बन चैलेंज फंड' दिया गया है. इसका उद्देश्य सिटीज एज ग्रोथ हब और क्रियेटिव रिडेवलपमेंट ऑफ सिटीज के तहत शहरों को विकसित करना है. इस फंड से भोपाल स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और टाउन प्लानिंग स्कीम शुरू हो सकेंगे. जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ शहर के अर्थिक विकास को भी गति मिलेगी. एक लाख नए पीएम आवास बनाने से मध्य प्रदेश के रियल स्टेट कारोबारियों को लाभ और लोगों को सस्ते आवास मिल सकेंगे.
स्वामी फंड से रियल स्टेट में आएगा बूम
केंद्र सरकार ने स्वामी फंड 2 के तहत 15 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया है. इससे रियल स्टेट की अटकी परियोजनाओं को पूरा किया जा सके. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत अन्य शहरों में अटकी परियोजनाओं को सीधा लाभ मिलेगा. जल जीवन मिशन की समय सीमा भी 2028 तक बढ़ा दी गई है, जिससे मध्य प्रदेश में शत प्रतिशत जलापूर्ति कवरेज का लक्ष्य पूरा किया जा सकेगा. राज्यों को 1.5 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय सहायता देने से सड़क, परिवहन और जलनिकासी जैसी परियोजनाओं में तेजी आएगी.
एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचे में सुधार
एमएसएमई सेक्टर में क्रेडिट कार्ड स्कीम से माइक्रो एंटरप्राइजेज को 5 लाख तक की क्रेडिट लिमिट मिलेगी. नए स्टार्टअप्स के लिए 2 करोड़ रुपये तक के टर्म लोन देने की योजना है. इससे भोपाल जैसे शहरों में स्टार्टअप और छोटे उद्योगों को इससे सीधा फायदा होगा. वहीं 120 नए गंतव्यों तक क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने से भोपाल एयरपोर्ट समेत अन्य विमानतल में यात्री सुविधाओं का इजाफा होगा.
