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बड़वानी में खाद संकट: सहकारी समितियों में यूरिया-डीएपी गायब, खुले बाजार में महंगे दामों पर बिक रहा पोटाश
Barwani, MP
जिले की आदिमजाति सेवा सहकारी समितियों में खाद की कमी से किसान बेहाल हैं।
अंजड, बड़वानी और बोरलाय सहित कई गांवों के किसान समिति के चक्कर काटने को मजबूर हैं। खरीफ फसलों की बुवाई पूरी हो चुकी है और अब खेतों को पोटाश, डीएपी व यूरिया की सख्त जरूरत है।
किसानों की परेशानी
बोरलाय के किसान ऋषिकेश पाटीदार और कपिल पाटीदार ने बताया कि वे कई दिनों से सोसाइटी जा रहे हैं, लेकिन हर बार 2-4 दिन में खाद मिलने का आश्वासन दिया जाता है। अभी तक कोई खाद उपलब्ध नहीं हुई।
खुले बाजार में महंगा पोटाश
किसानों का कहना है कि समिति में खाद नहीं मिल रही, लेकिन खुले बाजार में पोटाश अधिक दामों पर आसानी से बिक रहा है। इससे किसानों की लागत और बढ़ रही है।
प्रशासन का जवाब
अधिकारियों का कहना है कि सरकार और कंपनियों के बीच अनुबंध न होने से संकट खड़ा हुआ है। हालांकि उन्होंने आश्वासन दिया है कि 2-4 दिन में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करा दी जाएगी।
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बड़वानी में खाद संकट: सहकारी समितियों में यूरिया-डीएपी गायब, खुले बाजार में महंगे दामों पर बिक रहा पोटाश
Barwani, MP
अंजड, बड़वानी और बोरलाय सहित कई गांवों के किसान समिति के चक्कर काटने को मजबूर हैं। खरीफ फसलों की बुवाई पूरी हो चुकी है और अब खेतों को पोटाश, डीएपी व यूरिया की सख्त जरूरत है।
किसानों की परेशानी
बोरलाय के किसान ऋषिकेश पाटीदार और कपिल पाटीदार ने बताया कि वे कई दिनों से सोसाइटी जा रहे हैं, लेकिन हर बार 2-4 दिन में खाद मिलने का आश्वासन दिया जाता है। अभी तक कोई खाद उपलब्ध नहीं हुई।
खुले बाजार में महंगा पोटाश
किसानों का कहना है कि समिति में खाद नहीं मिल रही, लेकिन खुले बाजार में पोटाश अधिक दामों पर आसानी से बिक रहा है। इससे किसानों की लागत और बढ़ रही है।
प्रशासन का जवाब
अधिकारियों का कहना है कि सरकार और कंपनियों के बीच अनुबंध न होने से संकट खड़ा हुआ है। हालांकि उन्होंने आश्वासन दिया है कि 2-4 दिन में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करा दी जाएगी।
