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छिंदवाड़ा की 2 बेटियों को विक्रम अवार्ड, एक माउंटन तो दूसरी ने कुश्ती में दिखाया दम
Chindwada, MP
छिंदवाड़ा की दो बेटियों को विक्रम अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा. पढ़िए दोनों की कामयाबी के किस्से.
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा की दो बेटियों को प्रदेश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार विक्रम अवार्ड 2023 से नवाजा जाएगा. दुनिया भर में कुश्ती में अपना परचम फहराने वाली शिवानी पवार और माउंट एवरेस्ट की चोटी फतह करने वाली भावना डेहरिया को विक्रम अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा. इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार ने घोषणा की है.
पातालकोट की गहराइयों से आसमान को छूने का भावना ने देखा था सपना
तामिया में जन्मी भावना डेहरिया का कहना है कि "तामिया की छोटी-छोटी पहाड़ियों को चढ़कर ही माउंट एवरेस्ट फतह करने का विचार उनके मन में आया था. मध्य प्रदेश की सबसे गहराई वाली जगह पातालकोट में जब वे नीचे गईं, तो उन्होंने नीचे से ही आसमान को छूने का सपना देखा था. पातालकोट और तामिया उनके जीवन में विशेष अहमियत रखते हैं, क्योंकि यहां से ही उन्हें आसमान को छूने की प्रेरणा मिली थी.

भावना ने 2019 में माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) फतह कर इतिहास रचा और अपनी पर्वतारोहण यात्रा में कई महाद्वीपों की ऊंची चोटियों को सफलतापूर्वक चढ़ा. उन्होंने साहसिक खेलों में रुचि रखने वाली युवा प्रतिभाओं, विशेष रूप से महिलाओं को, इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है. 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान की ब्रांड एंबेसडर के रूप में भावना ने हमेशा बेटियों को बड़े सपने देखने और हर चुनौती को पार करने के लिए प्रेरित किया है.
भावना ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, "माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए विक्रम पुरस्कार सूची में शामिल होना मेरे लिए गर्व की बात है. यह उपलब्धि मेरे माता-पिता, परिवार और गुरुओं के समर्थन के बिना संभव नहीं थी. मेरा लक्ष्य भारत में पर्वतारोहण और साहसिक खेलों को बढ़ावा देना है, ताकि अधिक युवा इस क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकें. "भावना की इस उपलब्धि पर उनके प्रशंसकों, खेल प्रेमियों और मध्य प्रदेश वासियों में उत्साह देखने को मिल रहा है. पुरस्कार समारोह के दौरान उन्हें आधिकारिक रूप से यह सम्मान प्रदान किया जाएगा.

दंगल गर्ल शिवानी पवार ने दुनिया भर में जमाई धाक
दंगल गर्ल के नाम से मशहूर शिवानी पवार ने देश ही नहीं दुनिया में कुश्ती में अपना नाम कमाया है. ईटीवी भारत से खास बातचीत में शिवानी ने बताया कि "उनकी इस उपलब्धि में उनके पिता नंदलाल पावर मां पुष्पा पवार और उनके पति साजन का अहम योगदान रहा है. उनके पति साजन भी कुश्ती खिलाड़ी है और वह खुद शिवानी के कोच भी हैं. अभी तक 8 अंतर्राष्ट्रीय और 20 राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है. पिछले 4 सालों से भी लगातार 50 किलोग्राम वजन में गोल्ड जीत रही हैं.

उन्होंने कुल 8 गोल्ड 50 किलोग्राम वर्ग की कुश्ती में अब तक जीत लिया है. उनका सपना है कि वह ओलंपिक में जाकर 50 किलोग्राम वर्ग में भारत के लिए गोल्ड लाए और अपने देश का नाम रोशन करने में एक छोटी सी भूमिका निभा सके, क्योंकि उन्हें भारत ने इतना कुछ दिया है, तो वो भी भारत के लिए कुछ करना चाहती हैं."
किसान की बेटी ने कई अवॉर्डों पर किया है कब्जा
राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में कई बार शामिल हुई शिवानी ने गोल्ड, रजत और कई कांस्य पदक जीता है. उन्होंने सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप कन्याकुमारी 2013-14 में प्रतिनिधित्व किया. आरजीकेए नेशनल चैंपियनशिप महाराष्ट्र में 38 किग्रा वजन वर्ग में कांस्य पदक जीता. सब जूनियर नेशनल चैम्पियनशिप श्रीनगर 2015-16 में 40 किग्रा वजनवर्ग में प्रतिनिधित्व किया. स्कूल गेम्स उज्जैन 2014-15 में 46 किग्रा वजनवर्ग में गोल्ड मेडल हासिल किया. आरजीकेए नेशनल चैम्पियनशिप गुजरात में कांस्य पदक प्राप्त किया था.
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छिंदवाड़ा की 2 बेटियों को विक्रम अवार्ड, एक माउंटन तो दूसरी ने कुश्ती में दिखाया दम
Chindwada, MP
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा की दो बेटियों को प्रदेश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार विक्रम अवार्ड 2023 से नवाजा जाएगा. दुनिया भर में कुश्ती में अपना परचम फहराने वाली शिवानी पवार और माउंट एवरेस्ट की चोटी फतह करने वाली भावना डेहरिया को विक्रम अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा. इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार ने घोषणा की है.
पातालकोट की गहराइयों से आसमान को छूने का भावना ने देखा था सपना
तामिया में जन्मी भावना डेहरिया का कहना है कि "तामिया की छोटी-छोटी पहाड़ियों को चढ़कर ही माउंट एवरेस्ट फतह करने का विचार उनके मन में आया था. मध्य प्रदेश की सबसे गहराई वाली जगह पातालकोट में जब वे नीचे गईं, तो उन्होंने नीचे से ही आसमान को छूने का सपना देखा था. पातालकोट और तामिया उनके जीवन में विशेष अहमियत रखते हैं, क्योंकि यहां से ही उन्हें आसमान को छूने की प्रेरणा मिली थी.

भावना ने 2019 में माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) फतह कर इतिहास रचा और अपनी पर्वतारोहण यात्रा में कई महाद्वीपों की ऊंची चोटियों को सफलतापूर्वक चढ़ा. उन्होंने साहसिक खेलों में रुचि रखने वाली युवा प्रतिभाओं, विशेष रूप से महिलाओं को, इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है. 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान की ब्रांड एंबेसडर के रूप में भावना ने हमेशा बेटियों को बड़े सपने देखने और हर चुनौती को पार करने के लिए प्रेरित किया है.
भावना ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, "माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए विक्रम पुरस्कार सूची में शामिल होना मेरे लिए गर्व की बात है. यह उपलब्धि मेरे माता-पिता, परिवार और गुरुओं के समर्थन के बिना संभव नहीं थी. मेरा लक्ष्य भारत में पर्वतारोहण और साहसिक खेलों को बढ़ावा देना है, ताकि अधिक युवा इस क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकें. "भावना की इस उपलब्धि पर उनके प्रशंसकों, खेल प्रेमियों और मध्य प्रदेश वासियों में उत्साह देखने को मिल रहा है. पुरस्कार समारोह के दौरान उन्हें आधिकारिक रूप से यह सम्मान प्रदान किया जाएगा.

दंगल गर्ल शिवानी पवार ने दुनिया भर में जमाई धाक
दंगल गर्ल के नाम से मशहूर शिवानी पवार ने देश ही नहीं दुनिया में कुश्ती में अपना नाम कमाया है. ईटीवी भारत से खास बातचीत में शिवानी ने बताया कि "उनकी इस उपलब्धि में उनके पिता नंदलाल पावर मां पुष्पा पवार और उनके पति साजन का अहम योगदान रहा है. उनके पति साजन भी कुश्ती खिलाड़ी है और वह खुद शिवानी के कोच भी हैं. अभी तक 8 अंतर्राष्ट्रीय और 20 राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है. पिछले 4 सालों से भी लगातार 50 किलोग्राम वजन में गोल्ड जीत रही हैं.

उन्होंने कुल 8 गोल्ड 50 किलोग्राम वर्ग की कुश्ती में अब तक जीत लिया है. उनका सपना है कि वह ओलंपिक में जाकर 50 किलोग्राम वर्ग में भारत के लिए गोल्ड लाए और अपने देश का नाम रोशन करने में एक छोटी सी भूमिका निभा सके, क्योंकि उन्हें भारत ने इतना कुछ दिया है, तो वो भी भारत के लिए कुछ करना चाहती हैं."
किसान की बेटी ने कई अवॉर्डों पर किया है कब्जा
राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में कई बार शामिल हुई शिवानी ने गोल्ड, रजत और कई कांस्य पदक जीता है. उन्होंने सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप कन्याकुमारी 2013-14 में प्रतिनिधित्व किया. आरजीकेए नेशनल चैंपियनशिप महाराष्ट्र में 38 किग्रा वजन वर्ग में कांस्य पदक जीता. सब जूनियर नेशनल चैम्पियनशिप श्रीनगर 2015-16 में 40 किग्रा वजनवर्ग में प्रतिनिधित्व किया. स्कूल गेम्स उज्जैन 2014-15 में 46 किग्रा वजनवर्ग में गोल्ड मेडल हासिल किया. आरजीकेए नेशनल चैम्पियनशिप गुजरात में कांस्य पदक प्राप्त किया था.
