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शमशाबाद में पंचायत भवन के स्थान को लेकर विवाद: ग्रामीणों ने रोका विधायक का भूमि पूजन
vidisha, MP
शमशाबाद जनपद के अंतर्गत ग्राम सिलवाय खजूरी में प्रस्तावित नए पंचायत भवन के निर्माण स्थल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
रविवार को विधायक सूर्य प्रकाश मीणा जब भवन के भूमि पूजन हेतु पहुंचे, तब ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए उन्हें कार्यक्रम करने से रोक दिया। ग्रामीणों की मांग है कि निर्माण कार्य पूर्व पंचायत भवन की स्थान पर ही किया जाए, जहां तक पहुंचना आसान है।
ग्रामीणों ने जताई नई जगह पर आपत्ति
गांववालों का कहना है कि पंचायत भवन के लिए चुनी गई नई जगह पुराने स्थान से करीब दो किलोमीटर दूर है और वहां तक जाने के रास्ते में एक नदी भी आती है, जो विशेष रूप से बारिश में बेहद खतरनाक हो जाती है। बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों के लिए वहां तक पहुँचना मुश्किल होगा।
बिना ग्रामसभा की सहमति के लिया गया निर्णय
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच ने ग्रामसभा की सहमति के बिना ही निर्माण स्थल निर्धारित कर दिया। पुराना भवन सर्वे क्रमांक 138/2 की शासकीय भूमि पर स्थित है, जो मुख्य सड़क से सटा हुआ है और दो ग्रामों—सिलवाय खजूरी व नरखेड़ाघाट—के निवासियों के लिए सुविधाजनक भी है।
कलेक्टर को सौंपा जा चुका है ज्ञापन
ग्रामीण पहले ही इस विषय को लेकर कलेक्टर अंशुल गुप्ता को ज्ञापन सौंप चुके हैं, जिसमें 15 अगस्त तक ग्रामसभा की सहमति से ही कार्य आगे बढ़ाने की मांग की गई थी। इसके बावजूद विधायक के आगमन और भूमि पूजन के प्रयास से विवाद और बढ़ गया।
विधायक का आश्वासन: ‘जहां ग्रामीण चाहेंगे वहीं बनेगा भवन’
विवाद के बाद विधायक सूर्य प्रकाश मीणा ने स्पष्ट किया कि बिना ग्रामवासियों की सहमति के कोई निर्माण नहीं किया जाएगा। उन्होंने माना कि वर्तमान में प्रस्तावित स्थान तक पहुंचना कठिन है और कहा कि 35 लाख की लागत से बनने वाले आधुनिक पंचायत भवन के लिए ऐसा स्थान चुना जाएगा जो सभी के लिए सुविधाजनक हो।
जन संवाद के लिए पहुंचे थे विधायक
विधायक ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए स्पष्ट किया कि वे भूमि पूजन के लिए नहीं, बल्कि ग्रामीणों की राय लेने के लिए आए थे। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण किसी एक व्यक्ति की इच्छा पर नहीं, बल्कि सामूहिक सहमति से ही होगा।
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शमशाबाद में पंचायत भवन के स्थान को लेकर विवाद: ग्रामीणों ने रोका विधायक का भूमि पूजन
vidisha, MP
रविवार को विधायक सूर्य प्रकाश मीणा जब भवन के भूमि पूजन हेतु पहुंचे, तब ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए उन्हें कार्यक्रम करने से रोक दिया। ग्रामीणों की मांग है कि निर्माण कार्य पूर्व पंचायत भवन की स्थान पर ही किया जाए, जहां तक पहुंचना आसान है।
ग्रामीणों ने जताई नई जगह पर आपत्ति
गांववालों का कहना है कि पंचायत भवन के लिए चुनी गई नई जगह पुराने स्थान से करीब दो किलोमीटर दूर है और वहां तक जाने के रास्ते में एक नदी भी आती है, जो विशेष रूप से बारिश में बेहद खतरनाक हो जाती है। बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों के लिए वहां तक पहुँचना मुश्किल होगा।
बिना ग्रामसभा की सहमति के लिया गया निर्णय
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच ने ग्रामसभा की सहमति के बिना ही निर्माण स्थल निर्धारित कर दिया। पुराना भवन सर्वे क्रमांक 138/2 की शासकीय भूमि पर स्थित है, जो मुख्य सड़क से सटा हुआ है और दो ग्रामों—सिलवाय खजूरी व नरखेड़ाघाट—के निवासियों के लिए सुविधाजनक भी है।
कलेक्टर को सौंपा जा चुका है ज्ञापन
ग्रामीण पहले ही इस विषय को लेकर कलेक्टर अंशुल गुप्ता को ज्ञापन सौंप चुके हैं, जिसमें 15 अगस्त तक ग्रामसभा की सहमति से ही कार्य आगे बढ़ाने की मांग की गई थी। इसके बावजूद विधायक के आगमन और भूमि पूजन के प्रयास से विवाद और बढ़ गया।
विधायक का आश्वासन: ‘जहां ग्रामीण चाहेंगे वहीं बनेगा भवन’
विवाद के बाद विधायक सूर्य प्रकाश मीणा ने स्पष्ट किया कि बिना ग्रामवासियों की सहमति के कोई निर्माण नहीं किया जाएगा। उन्होंने माना कि वर्तमान में प्रस्तावित स्थान तक पहुंचना कठिन है और कहा कि 35 लाख की लागत से बनने वाले आधुनिक पंचायत भवन के लिए ऐसा स्थान चुना जाएगा जो सभी के लिए सुविधाजनक हो।
जन संवाद के लिए पहुंचे थे विधायक
विधायक ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए स्पष्ट किया कि वे भूमि पूजन के लिए नहीं, बल्कि ग्रामीणों की राय लेने के लिए आए थे। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण किसी एक व्यक्ति की इच्छा पर नहीं, बल्कि सामूहिक सहमति से ही होगा।
