- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- विंध्य/रीवा
- रीवा-सीधी मार्ग के हादसाग्रस्त हिस्से पर शुरू हुआ सुधार कार्य, बैरिकेडिंग कर प्रशासन ने संभाली स्थित...
रीवा-सीधी मार्ग के हादसाग्रस्त हिस्से पर शुरू हुआ सुधार कार्य, बैरिकेडिंग कर प्रशासन ने संभाली स्थिति
रीवा,(म.प्र.)
चिराहुला मंदिर के पास लगातार हो रहे सड़क हादसों के बाद प्रशासन हरकत में आया, निर्माण एजेंसियों को तत्काल मरम्मत और सुरक्षा इंतजाम पूरे करने के निर्देश
रीवा-सीधी मुख्य मार्ग पर लंबे समय से हादसों का कारण बन रही सड़क को लेकर आखिरकार प्रशासन सक्रिय हो गया है। चिराहुला मंदिर से पहले ललपा स्थित हनुमान नगर के पास खराब सड़क और निर्माण संबंधी खामियों के कारण लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद संबंधित स्थल पर सुधार कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ने सबसे पहले दुर्घटना संभावित हिस्से की बैरिकेडिंग कराकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश की है। इसके साथ ही सड़क की मरम्मत और आवश्यक निर्माण कार्य भी प्रारंभ करा दिया गया है। लंबे समय से इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र में राहत का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की स्थिति पर ध्यान दिया गया होता तो कई दुर्घटनाओं से बचा जा सकता था।
रीवा-सीधी मार्ग जिले के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। इस सड़क से प्रतिदिन हजारों छोटे और बड़े वाहन गुजरते हैं। चिराहुला मंदिर के पहले ललपा हनुमान नगर के पास सड़क की गुणवत्ता लंबे समय से सवालों के घेरे में रही। सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने और निर्माण कार्य में तकनीकी खामियों के कारण यहां आए दिन वाहन अनियंत्रित होकर फिसल रहे थे। कई बार दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हुए, जबकि कुछ मामलों में चारपहिया वाहन भी दुर्घटनाग्रस्त हुए। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान स्थिति और अधिक खराब हो जाती थी, क्योंकि सड़क पर पानी भरने और गड्ढों की वजह से खतरा कई गुना बढ़ जाता था।
क्षेत्रवासियों ने इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था। स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और नियमित रूप से इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों ने सड़क की खराब स्थिति को सुधारने की मांग की थी। उनका कहना था कि यदि समय पर मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। बावजूद इसके लंबे समय तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। बाद में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दुर्घटना संभावित हिस्से पर बैरिकेडिंग कराई, ताकि निर्माण कार्य के दौरान वाहनों की आवाजाही सुरक्षित तरीके से हो सके। इसके साथ ही सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और आवश्यक निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया। अधिकारियों ने निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि जब तक कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए, ताकि मरम्मत के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन की यह कार्रवाई स्वागत योग्य है, लेकिन उनका मानना है कि यदि यह कदम पहले उठाया जाता तो कई लोग दुर्घटनाओं का शिकार होने से बच सकते थे। क्षेत्र के दुकानदारों और आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार सड़क पर वाहन फिसलते और लोगों को घायल होते देखा है। यही वजह थी कि सड़क की मरम्मत लंबे समय से सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी थी। अब सुधार कार्य शुरू होने से लोगों को उम्मीद है कि भविष्य में यह मार्ग पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित हो जाएगा।
इस मार्ग से प्रतिदिन रीवा और सीधी के अलावा आसपास के कई गांवों के लोग भी आवागमन करते हैं। स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाएं भी इसी मार्ग का उपयोग करती हैं। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति न केवल दुर्घटनाओं का कारण बन रही थी, बल्कि लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही थी। व्यस्त सड़कों पर समय-समय पर निरीक्षण और गुणवत्ता की जांच बेहद जरूरी होती है, ताकि छोटी खामियां बड़े हादसों में न बदल जाएं। प्रशासन की ओर से फिलहाल मरम्मत कार्य की निगरानी भी की जा रही है। संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप ही पूरा किया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही सड़क पर आवश्यक संकेतक, चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग बनाए रखने के लिए भी कहा गया है, ताकि वाहन चालक पहले से सतर्क रह सकें।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
रीवा-सीधी मार्ग के हादसाग्रस्त हिस्से पर शुरू हुआ सुधार कार्य, बैरिकेडिंग कर प्रशासन ने संभाली स्थिति
रीवा,(म.प्र.)
रीवा-सीधी मुख्य मार्ग पर लंबे समय से हादसों का कारण बन रही सड़क को लेकर आखिरकार प्रशासन सक्रिय हो गया है। चिराहुला मंदिर से पहले ललपा स्थित हनुमान नगर के पास खराब सड़क और निर्माण संबंधी खामियों के कारण लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद संबंधित स्थल पर सुधार कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ने सबसे पहले दुर्घटना संभावित हिस्से की बैरिकेडिंग कराकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश की है। इसके साथ ही सड़क की मरम्मत और आवश्यक निर्माण कार्य भी प्रारंभ करा दिया गया है। लंबे समय से इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र में राहत का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की स्थिति पर ध्यान दिया गया होता तो कई दुर्घटनाओं से बचा जा सकता था।
रीवा-सीधी मार्ग जिले के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। इस सड़क से प्रतिदिन हजारों छोटे और बड़े वाहन गुजरते हैं। चिराहुला मंदिर के पहले ललपा हनुमान नगर के पास सड़क की गुणवत्ता लंबे समय से सवालों के घेरे में रही। सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने और निर्माण कार्य में तकनीकी खामियों के कारण यहां आए दिन वाहन अनियंत्रित होकर फिसल रहे थे। कई बार दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हुए, जबकि कुछ मामलों में चारपहिया वाहन भी दुर्घटनाग्रस्त हुए। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान स्थिति और अधिक खराब हो जाती थी, क्योंकि सड़क पर पानी भरने और गड्ढों की वजह से खतरा कई गुना बढ़ जाता था।
क्षेत्रवासियों ने इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था। स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और नियमित रूप से इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों ने सड़क की खराब स्थिति को सुधारने की मांग की थी। उनका कहना था कि यदि समय पर मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। बावजूद इसके लंबे समय तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। बाद में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दुर्घटना संभावित हिस्से पर बैरिकेडिंग कराई, ताकि निर्माण कार्य के दौरान वाहनों की आवाजाही सुरक्षित तरीके से हो सके। इसके साथ ही सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और आवश्यक निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया। अधिकारियों ने निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि जब तक कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए, ताकि मरम्मत के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन की यह कार्रवाई स्वागत योग्य है, लेकिन उनका मानना है कि यदि यह कदम पहले उठाया जाता तो कई लोग दुर्घटनाओं का शिकार होने से बच सकते थे। क्षेत्र के दुकानदारों और आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार सड़क पर वाहन फिसलते और लोगों को घायल होते देखा है। यही वजह थी कि सड़क की मरम्मत लंबे समय से सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी थी। अब सुधार कार्य शुरू होने से लोगों को उम्मीद है कि भविष्य में यह मार्ग पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित हो जाएगा।
इस मार्ग से प्रतिदिन रीवा और सीधी के अलावा आसपास के कई गांवों के लोग भी आवागमन करते हैं। स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाएं भी इसी मार्ग का उपयोग करती हैं। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति न केवल दुर्घटनाओं का कारण बन रही थी, बल्कि लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही थी। व्यस्त सड़कों पर समय-समय पर निरीक्षण और गुणवत्ता की जांच बेहद जरूरी होती है, ताकि छोटी खामियां बड़े हादसों में न बदल जाएं। प्रशासन की ओर से फिलहाल मरम्मत कार्य की निगरानी भी की जा रही है। संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप ही पूरा किया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही सड़क पर आवश्यक संकेतक, चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग बनाए रखने के लिए भी कहा गया है, ताकि वाहन चालक पहले से सतर्क रह सकें।
