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रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 10 करोड़ की एमडी ड्रग्स जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार
रीवा,(म.प्र.)
ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत गढ़ थाना क्षेत्र के सोनवर्षा गांव में छापेमारी, 3087 ग्राम एमडी ड्रग्स और दो मोबाइल फोन बरामद, एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज।
रीवा जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ऑपरेशन प्रहार 2.0 के अंतर्गत गढ़ थाना क्षेत्र के सोनवर्षा गांव में की गई कार्रवाई में पुलिस ने करीब 3087 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मादक पदार्थ लेकर उसकी सप्लाई के लिए जा रहे थे। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया। बरामदगी के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।
रीवा पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक 6 जुलाई को पुलिस को सूचना मिली थी कि सोनवर्षा गांव के दो युवक भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स लेकर बिक्री के उद्देश्य से निकलने वाले हैं। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने संभावित मार्ग पर घेराबंदी की और संदिग्धों को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 3087 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई। पुलिस ने मौके से दो स्मार्ट मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनकी कीमत लगभग 20 हजार रुपये बताई गई है। बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 22 के तहत गढ़ थाना में अपराध दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मण्डप सिंह पिता राकेश सिंह, उम्र 23 वर्ष तथा ज्ञानभूषण शर्मा पिता बुद्धसेन शर्मा, उम्र 27 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम सोनवर्षा, थाना गढ़, जिला रीवा के रूप में हुई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में एमडी ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किस नेटवर्क के माध्यम से दूसरे जिलों या राज्यों तक पहुंचाया जाना था। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से नशे के कारोबार से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाल रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार एमडी ड्रग्स आज के समय में युवाओं के बीच तेजी से फैल रहा एक खतरनाक सिंथेटिक नशा है। इसकी थोड़ी मात्रा भी लाखों रुपये में बिकती है और इसके सेवन से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। यही वजह है कि पुलिस लगातार ऐसे गिरोहों पर नजर बनाए हुए है। रीवा पुलिस ने हाल के महीनों में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कई अभियान चलाए हैं और बड़ी मात्रा में गांजा, शराब तथा अन्य प्रतिबंधित पदार्थ भी जब्त किए हैं। ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत की गई यह कार्रवाई अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी में शामिल मानी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से इस कारोबार में सक्रिय थे या हाल ही में इस नेटवर्क से जुड़े थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इनके संपर्क किन-किन जिलों और राज्यों तक फैले हुए हैं। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी अवैध नशे के कारोबार की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक अवनीश पाण्डेय, उप निरीक्षक मुगेंद्र सिंह, उप निरीक्षक प्रशांत शुक्ला, सहायक उप निरीक्षक महेंद्र त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक शिवाजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक अशोक सिंह, आरक्षक अखिल सिंह, आरक्षक शुभम बरोरे, आरक्षक संजय कुमार नापित, आरक्षक धीरज कुमार, आरक्षक मयंक तिवारी सहित गढ़ थाना पुलिस की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अधिकारियों ने टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ इसी तरह अभियान जारी रहेगा। पुलिस का मानना है कि युवाओं को नशे से बचाने और संगठित अपराध पर रोक लगाने के लिए ऐसी कार्रवाइयां लगातार जरूरी हैं।
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रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 10 करोड़ की एमडी ड्रग्स जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार
रीवा,(म.प्र.)
रीवा जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ऑपरेशन प्रहार 2.0 के अंतर्गत गढ़ थाना क्षेत्र के सोनवर्षा गांव में की गई कार्रवाई में पुलिस ने करीब 3087 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मादक पदार्थ लेकर उसकी सप्लाई के लिए जा रहे थे। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया। बरामदगी के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।
रीवा पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक 6 जुलाई को पुलिस को सूचना मिली थी कि सोनवर्षा गांव के दो युवक भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स लेकर बिक्री के उद्देश्य से निकलने वाले हैं। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने संभावित मार्ग पर घेराबंदी की और संदिग्धों को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 3087 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई। पुलिस ने मौके से दो स्मार्ट मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनकी कीमत लगभग 20 हजार रुपये बताई गई है। बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 22 के तहत गढ़ थाना में अपराध दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मण्डप सिंह पिता राकेश सिंह, उम्र 23 वर्ष तथा ज्ञानभूषण शर्मा पिता बुद्धसेन शर्मा, उम्र 27 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम सोनवर्षा, थाना गढ़, जिला रीवा के रूप में हुई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में एमडी ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किस नेटवर्क के माध्यम से दूसरे जिलों या राज्यों तक पहुंचाया जाना था। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से नशे के कारोबार से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाल रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार एमडी ड्रग्स आज के समय में युवाओं के बीच तेजी से फैल रहा एक खतरनाक सिंथेटिक नशा है। इसकी थोड़ी मात्रा भी लाखों रुपये में बिकती है और इसके सेवन से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। यही वजह है कि पुलिस लगातार ऐसे गिरोहों पर नजर बनाए हुए है। रीवा पुलिस ने हाल के महीनों में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कई अभियान चलाए हैं और बड़ी मात्रा में गांजा, शराब तथा अन्य प्रतिबंधित पदार्थ भी जब्त किए हैं। ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत की गई यह कार्रवाई अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी में शामिल मानी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से इस कारोबार में सक्रिय थे या हाल ही में इस नेटवर्क से जुड़े थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इनके संपर्क किन-किन जिलों और राज्यों तक फैले हुए हैं। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी अवैध नशे के कारोबार की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक अवनीश पाण्डेय, उप निरीक्षक मुगेंद्र सिंह, उप निरीक्षक प्रशांत शुक्ला, सहायक उप निरीक्षक महेंद्र त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक शिवाजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक अशोक सिंह, आरक्षक अखिल सिंह, आरक्षक शुभम बरोरे, आरक्षक संजय कुमार नापित, आरक्षक धीरज कुमार, आरक्षक मयंक तिवारी सहित गढ़ थाना पुलिस की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अधिकारियों ने टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ इसी तरह अभियान जारी रहेगा। पुलिस का मानना है कि युवाओं को नशे से बचाने और संगठित अपराध पर रोक लगाने के लिए ऐसी कार्रवाइयां लगातार जरूरी हैं।
