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रीवा में गोसेवकों का बड़ा प्रदर्शन, गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग तेज
रीवा (म.प्र.)
‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत हजारों हस्ताक्षरों के साथ ज्ञापन सौंपा, गोशालाओं की हालत सुधारने पर जोर
रीवा में सोमवार को गोसेवकों और संत समाज ने ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत संगठित होकर बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 12 बजे शहर में रैली निकालते हुए गोसेवक तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान लगभग 5 हजार लोगों के हस्ताक्षर वाला पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजने की मांग की गई।
यह प्रदर्शन रीवा जिले में संत समाज और विभिन्न गोसेवा संगठनों द्वारा किया गया। आंदोलन का उद्देश्य गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना और गोवंश संरक्षण से जुड़े मुद्दों को सरकार तक पहुंचाना था। गोसेवकों ने शहर भ्रमण के बाद तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों को औपचारिक रूप से दर्ज कराया।
ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की थी। इसके साथ ही गोशालाओं की खराब स्थिति में सुधार, बेसहारा गोवंश के संरक्षण, चारा-पानी की पर्याप्त व्यवस्था और बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
संत समाज और गोसेवकों की राय
अभियान से जुड़े देवेंद्र द्विवेदी ने कहा कि यह केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दा है। उन्होंने कहा कि देशभर में इस मांग को लेकर जनसमर्थन तेजी से बढ़ रहा है और सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
कुसुम सिंह ने गोशालाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि कई स्थानों पर व्यवस्था बेहद कमजोर है। उन्होंने कहा कि बेसहारा गोवंश सड़कों पर भटक रहा है, जिससे दुर्घटनाएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे में सरकार को ठोस नीति बनाकर इस समस्या का समाधान करना चाहिए।
बृजेंद्र पांडेय ने कहा कि गोसेवा केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों ने हस्ताक्षर कर इस अभियान का समर्थन किया है, जो जनभावनाओं को दर्शाता है।
प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन
गोसेवकों ने प्रशासन से अपील की कि ज्ञापन को गंभीरता से लिया जाए और इसे उच्च स्तर तक भेजा जाए। उन्होंने मांग की कि इस विषय पर जल्द निर्णय लेकर गोवंश संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।फिलहाल प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर आगे कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जबकि गोसेवक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर विचार नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
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रीवा में गोसेवकों का बड़ा प्रदर्शन, गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग तेज
रीवा (म.प्र.)
रीवा में सोमवार को गोसेवकों और संत समाज ने ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत संगठित होकर बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 12 बजे शहर में रैली निकालते हुए गोसेवक तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान लगभग 5 हजार लोगों के हस्ताक्षर वाला पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजने की मांग की गई।
यह प्रदर्शन रीवा जिले में संत समाज और विभिन्न गोसेवा संगठनों द्वारा किया गया। आंदोलन का उद्देश्य गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना और गोवंश संरक्षण से जुड़े मुद्दों को सरकार तक पहुंचाना था। गोसेवकों ने शहर भ्रमण के बाद तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों को औपचारिक रूप से दर्ज कराया।
ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की थी। इसके साथ ही गोशालाओं की खराब स्थिति में सुधार, बेसहारा गोवंश के संरक्षण, चारा-पानी की पर्याप्त व्यवस्था और बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
संत समाज और गोसेवकों की राय
अभियान से जुड़े देवेंद्र द्विवेदी ने कहा कि यह केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दा है। उन्होंने कहा कि देशभर में इस मांग को लेकर जनसमर्थन तेजी से बढ़ रहा है और सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
कुसुम सिंह ने गोशालाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि कई स्थानों पर व्यवस्था बेहद कमजोर है। उन्होंने कहा कि बेसहारा गोवंश सड़कों पर भटक रहा है, जिससे दुर्घटनाएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे में सरकार को ठोस नीति बनाकर इस समस्या का समाधान करना चाहिए।
बृजेंद्र पांडेय ने कहा कि गोसेवा केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों ने हस्ताक्षर कर इस अभियान का समर्थन किया है, जो जनभावनाओं को दर्शाता है।
प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन
गोसेवकों ने प्रशासन से अपील की कि ज्ञापन को गंभीरता से लिया जाए और इसे उच्च स्तर तक भेजा जाए। उन्होंने मांग की कि इस विषय पर जल्द निर्णय लेकर गोवंश संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।फिलहाल प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर आगे कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जबकि गोसेवक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर विचार नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
