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बागेश्वर बाबा बयान पर भड़के रितेश देशमुख, विवाद बढ़ा
बॉलीवुड न्यूज
नागपुर के कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद सोशल मीडिया तक पहुंचा, बयान पर राजनीतिक-सांस्कृतिक बहस तेज
नागपुर में आयोजित एक धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर दिए गए बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। बयान में कहा गया था कि शिवाजी महाराज युद्ध से थककर अपनी जिम्मेदारियां छोड़ना चाहते थे। इस टिप्पणी के सामने आने के बाद देशभर में प्रतिक्रिया तेज हो गई है और मामला राजनीतिक व सांस्कृतिक बहस का विषय बन गया है।
Chhatrapati Shivaji Maharaj पर दिए गए इस बयान के बाद अभिनेता Riteish Deshmukh ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के बारे में गलत और भ्रामक जानकारी स्वीकार नहीं की जा सकती। उनकी यह प्रतिक्रिया कुछ ही घंटों में व्यापक रूप से साझा की गई।
पूरा मामला नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम से शुरू हुआ, जहां कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जिन्हें बागेश्वर बाबा के नाम से जाना जाता है, ने शिवाजी महाराज के जीवन से जुड़ा एक संदर्भ प्रस्तुत किया। बयान के सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया पर आलोचना शुरू हो गई।
कई इतिहासकारों और सामाजिक संगठनों ने इस कथन को ऐतिहासिक तथ्यों के विपरीत बताया। इसके बाद यह मुद्दा केवल बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यापक बहस में बदल गया।
क्यों बढ़ा विवाद
बीते कुछ घंटों में यह मामला तेजी से सुर्खियों में आया, जब रितेश देशमुख ने अपने आधिकारिक बयान में इसे अपमानजनक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे बयान सामाजिक और ऐतिहासिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं।रितेश देशमुख इन दिनों छत्रपति शिवाजी महाराज पर आधारित फिल्म Raja Shivaji को लेकर भी चर्चा में हैं, जो 1 मई को रिलीज होने वाली है। ऐसे में यह विवाद और अधिक संवेदनशील हो गया है।
कैसे दी गई प्रतिक्रिया और सफाई
विवाद बढ़ने के बाद बागेश्वर बाबा ने मीडिया के सामने आकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया है और उनका उद्देश्य किसी ऐतिहासिक या धार्मिक व्यक्तित्व का अपमान करना नहीं था।उन्होंने सार्वजनिक रूप से खेद जताते हुए कहा कि यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे क्षमा चाहते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनका आशय केवल संत परंपरा के संदर्भ को समझाने का था।सोशल मीडिया पर यह मुद्दा अभी भी चर्चा में है, हालांकि माफी के बाद विवाद की तीव्रता कुछ कम हुई है।
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बागेश्वर बाबा बयान पर भड़के रितेश देशमुख, विवाद बढ़ा
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नागपुर में आयोजित एक धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर दिए गए बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। बयान में कहा गया था कि शिवाजी महाराज युद्ध से थककर अपनी जिम्मेदारियां छोड़ना चाहते थे। इस टिप्पणी के सामने आने के बाद देशभर में प्रतिक्रिया तेज हो गई है और मामला राजनीतिक व सांस्कृतिक बहस का विषय बन गया है।
Chhatrapati Shivaji Maharaj पर दिए गए इस बयान के बाद अभिनेता Riteish Deshmukh ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के बारे में गलत और भ्रामक जानकारी स्वीकार नहीं की जा सकती। उनकी यह प्रतिक्रिया कुछ ही घंटों में व्यापक रूप से साझा की गई।
पूरा मामला नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम से शुरू हुआ, जहां कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जिन्हें बागेश्वर बाबा के नाम से जाना जाता है, ने शिवाजी महाराज के जीवन से जुड़ा एक संदर्भ प्रस्तुत किया। बयान के सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया पर आलोचना शुरू हो गई।
कई इतिहासकारों और सामाजिक संगठनों ने इस कथन को ऐतिहासिक तथ्यों के विपरीत बताया। इसके बाद यह मुद्दा केवल बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यापक बहस में बदल गया।
क्यों बढ़ा विवाद
बीते कुछ घंटों में यह मामला तेजी से सुर्खियों में आया, जब रितेश देशमुख ने अपने आधिकारिक बयान में इसे अपमानजनक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे बयान सामाजिक और ऐतिहासिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं।रितेश देशमुख इन दिनों छत्रपति शिवाजी महाराज पर आधारित फिल्म Raja Shivaji को लेकर भी चर्चा में हैं, जो 1 मई को रिलीज होने वाली है। ऐसे में यह विवाद और अधिक संवेदनशील हो गया है।
कैसे दी गई प्रतिक्रिया और सफाई
विवाद बढ़ने के बाद बागेश्वर बाबा ने मीडिया के सामने आकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया है और उनका उद्देश्य किसी ऐतिहासिक या धार्मिक व्यक्तित्व का अपमान करना नहीं था।उन्होंने सार्वजनिक रूप से खेद जताते हुए कहा कि यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे क्षमा चाहते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनका आशय केवल संत परंपरा के संदर्भ को समझाने का था।सोशल मीडिया पर यह मुद्दा अभी भी चर्चा में है, हालांकि माफी के बाद विवाद की तीव्रता कुछ कम हुई है।
