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रीवा में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला, धमकी देकर करता रहा शोषण, आरोपी गिरफ्तार
रीवा,(म.प्र.)
पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई, पॉक्सो एक्ट के तहत भेजा गया जेल
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में नाबालिग से दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। शहर के अमहिया थाना क्षेत्र में रहने वाली एक नाबालिग लड़की ने एक युवक पर लंबे समय तक धमकी देकर शोषण करने का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार पीड़िता की शिकायत मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच पॉक्सो एक्ट के तहत की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक घटना अमहिया थाना क्षेत्र की है, जहां पीड़िता ने 1 जून को पुलिस थाने पहुंचकर अपनी आपबीती बताई। शिकायत में उसने आरोप लगाया कि क्षेत्र का रहने वाला सरताज अंसारी उसे लगातार धमकाता था और जान से मारने की बात कहकर डराता था। इसी डर का फायदा उठाकर आरोपी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। पीड़िता लंबे समय तक भय और मानसिक दबाव में रही, जिसके कारण वह किसी को भी घटना के बारे में बता नहीं सकी। बताया जा रहा है कि आरोपी लगातार पीड़िता को चुप रहने के लिए धमकाता था। नाबालिग होने के कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी। सूत्रों के अनुसार पीड़िता लंबे समय से तनाव में थी और उसके व्यवहार में भी बदलाव देखने को मिल रहा था। परिवार के लोगों ने जब उससे बातचीत की और उसकी परेशानी का कारण जानने की कोशिश की, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ।
परिवार को जानकारी मिलने के बाद पीड़िता को हिम्मत दी गई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। इसके बाद पीड़िता अपने परिजनों के साथ अमहिया थाना पहुंची और आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी। शिकायत दर्ज होते ही अधिकारियों ने आरोपी की तलाश के लिए अलग-अलग टीमों को सक्रिय कर दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई। तकनीकी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने उसे कुछ ही समय में हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई गई। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए गए।
मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(m) और 351(3) के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए कानून के विशेष प्रावधानों के तहत मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के मामलों में पीड़ित की पहचान और गोपनीयता की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। जांच एजेंसियां अब मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपी कब से पीड़िता को धमका रहा था और क्या इस दौरान किसी अन्य व्यक्ति को घटना की जानकारी थी। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों को एकत्र कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी ताकि न्यायिक प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।
स्थानीय स्तर पर इस घटना के सामने आने के बाद लोगों में भी चर्चा का माहौल है। कई सामाजिक संगठनों ने नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। बच्चों और किशोरों को यह जानकारी दी जानी चाहिए कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें डराने, धमकाने या गलत तरीके से प्रभावित करने की कोशिश करे तो तुरंत परिवार या जिम्मेदार लोगों को इसकी सूचना दें। महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में लगातार यह देखा गया है कि कई बार पीड़ित भय, शर्म या सामाजिक दबाव के कारण शिकायत दर्ज नहीं करा पाते। ऐसे में परिवार और समाज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। समय रहते शिकायत होने पर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आसान हो जाती है और पीड़ित को न्याय मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
पुलिस अधिकारियों ने भी नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अपराध की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में देरी किए बिना शिकायत दर्ज कराना आवश्यक है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील जांच सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।
रीवा पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पीड़िता को आवश्यक कानूनी और परामर्श सहायता उपलब्ध कराने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का दावा है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के मामलों में सख्त कार्रवाई की नीति अपनाई जा रही है ताकि दोषियों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए जा सकें। आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में है और मामले की जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद सभी तथ्य स्पष्ट रूप से सामने आएंगे और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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रीवा में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला, धमकी देकर करता रहा शोषण, आरोपी गिरफ्तार
रीवा,(म.प्र.)
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में नाबालिग से दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। शहर के अमहिया थाना क्षेत्र में रहने वाली एक नाबालिग लड़की ने एक युवक पर लंबे समय तक धमकी देकर शोषण करने का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार पीड़िता की शिकायत मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच पॉक्सो एक्ट के तहत की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक घटना अमहिया थाना क्षेत्र की है, जहां पीड़िता ने 1 जून को पुलिस थाने पहुंचकर अपनी आपबीती बताई। शिकायत में उसने आरोप लगाया कि क्षेत्र का रहने वाला सरताज अंसारी उसे लगातार धमकाता था और जान से मारने की बात कहकर डराता था। इसी डर का फायदा उठाकर आरोपी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। पीड़िता लंबे समय तक भय और मानसिक दबाव में रही, जिसके कारण वह किसी को भी घटना के बारे में बता नहीं सकी। बताया जा रहा है कि आरोपी लगातार पीड़िता को चुप रहने के लिए धमकाता था। नाबालिग होने के कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी। सूत्रों के अनुसार पीड़िता लंबे समय से तनाव में थी और उसके व्यवहार में भी बदलाव देखने को मिल रहा था। परिवार के लोगों ने जब उससे बातचीत की और उसकी परेशानी का कारण जानने की कोशिश की, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ।
परिवार को जानकारी मिलने के बाद पीड़िता को हिम्मत दी गई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। इसके बाद पीड़िता अपने परिजनों के साथ अमहिया थाना पहुंची और आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी। शिकायत दर्ज होते ही अधिकारियों ने आरोपी की तलाश के लिए अलग-अलग टीमों को सक्रिय कर दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई। तकनीकी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने उसे कुछ ही समय में हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई गई। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए गए।
मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(m) और 351(3) के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए कानून के विशेष प्रावधानों के तहत मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के मामलों में पीड़ित की पहचान और गोपनीयता की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। जांच एजेंसियां अब मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपी कब से पीड़िता को धमका रहा था और क्या इस दौरान किसी अन्य व्यक्ति को घटना की जानकारी थी। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों को एकत्र कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी ताकि न्यायिक प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।
स्थानीय स्तर पर इस घटना के सामने आने के बाद लोगों में भी चर्चा का माहौल है। कई सामाजिक संगठनों ने नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। बच्चों और किशोरों को यह जानकारी दी जानी चाहिए कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें डराने, धमकाने या गलत तरीके से प्रभावित करने की कोशिश करे तो तुरंत परिवार या जिम्मेदार लोगों को इसकी सूचना दें। महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में लगातार यह देखा गया है कि कई बार पीड़ित भय, शर्म या सामाजिक दबाव के कारण शिकायत दर्ज नहीं करा पाते। ऐसे में परिवार और समाज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। समय रहते शिकायत होने पर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आसान हो जाती है और पीड़ित को न्याय मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
पुलिस अधिकारियों ने भी नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अपराध की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में देरी किए बिना शिकायत दर्ज कराना आवश्यक है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील जांच सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।
रीवा पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पीड़िता को आवश्यक कानूनी और परामर्श सहायता उपलब्ध कराने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का दावा है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के मामलों में सख्त कार्रवाई की नीति अपनाई जा रही है ताकि दोषियों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए जा सकें। आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में है और मामले की जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद सभी तथ्य स्पष्ट रूप से सामने आएंगे और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
