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मनगवां की प्रधानमंत्री सड़क जर्जर, गड्ढों में तब्दील, हादसों का खतरा बढ़ा
Rewa, MP
रीवा जिले के मनगवां क्षेत्र में रामपुर से कठेरी तक जाने वाली प्रधानमंत्री सड़क की हालत इन दिनों बेहद खराब हो चुकी है। स्थानीय लोग इसे अब सड़क कम और गड्ढों की श्रृंखला ज्यादा बता रहे हैं। इस मनगवां प्रधानमंत्री सड़क पर चलते वक्त हर कुछ मीटर पर वाहन हिचकोले खाते हैं, बाइक सवार फिसलते दिख जाते हैं। बताया जा रहा है कि 2024 में बनी यह सड़क शुरू से ही विवादों में रही थी, तब भी ग्रामीणों ने घटिया निर्माण की शिकायत की थी, लेकिन उस वक्त कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब हालात ऐसे हैं कि रोजाना इस रास्ते से गुजरना जोखिम भरा हो गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक सड़क का मेंटेनेंस 2029 तक होना है, लेकिन निर्माण के बाद से अब तक एक बार भी मरम्मत नहीं कराई गई। जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें कई बार वाहन फंस जाते हैं। खासकर शाम के वक्त या रात में यह रास्ता और खतरनाक हो जाता है। कई लोगों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में छोटे-छोटे हादसे बढ़े हैं, लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। बरसात में तो स्थिति और बिगड़ जाती है, जब गड्ढों में पानी भर जाता है और यह समझ ही नहीं आता कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां। ऐसे में हादसों का खतरा और बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि शुरुआत में ही घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ था, जिसकी वजह से सड़क इतनी जल्दी खराब हो गई। अब लोग इस मामले में भ्रष्टाचार की आशंका भी जता रहे हैं और पूरे काम की जांच की मांग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायत भी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इस पूरे मामले में जब प्रधानमंत्री सड़क निर्माण विभाग के जीएम से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फिलहाल व्यस्तता का हवाला देते हुए बाद में बात करने की बात कही। इधर ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं हुई, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल लोग इसी उम्मीद में हैं कि उनकी आवाज प्रशासन तक पहुंचे और जल्द कुछ राहत मिले।
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मनगवां की प्रधानमंत्री सड़क जर्जर, गड्ढों में तब्दील, हादसों का खतरा बढ़ा
Rewa, MP
रीवा जिले के मनगवां क्षेत्र में रामपुर से कठेरी तक जाने वाली प्रधानमंत्री सड़क की हालत इन दिनों बेहद खराब हो चुकी है। स्थानीय लोग इसे अब सड़क कम और गड्ढों की श्रृंखला ज्यादा बता रहे हैं। इस मनगवां प्रधानमंत्री सड़क पर चलते वक्त हर कुछ मीटर पर वाहन हिचकोले खाते हैं, बाइक सवार फिसलते दिख जाते हैं। बताया जा रहा है कि 2024 में बनी यह सड़क शुरू से ही विवादों में रही थी, तब भी ग्रामीणों ने घटिया निर्माण की शिकायत की थी, लेकिन उस वक्त कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब हालात ऐसे हैं कि रोजाना इस रास्ते से गुजरना जोखिम भरा हो गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक सड़क का मेंटेनेंस 2029 तक होना है, लेकिन निर्माण के बाद से अब तक एक बार भी मरम्मत नहीं कराई गई। जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें कई बार वाहन फंस जाते हैं। खासकर शाम के वक्त या रात में यह रास्ता और खतरनाक हो जाता है। कई लोगों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में छोटे-छोटे हादसे बढ़े हैं, लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। बरसात में तो स्थिति और बिगड़ जाती है, जब गड्ढों में पानी भर जाता है और यह समझ ही नहीं आता कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां। ऐसे में हादसों का खतरा और बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि शुरुआत में ही घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ था, जिसकी वजह से सड़क इतनी जल्दी खराब हो गई। अब लोग इस मामले में भ्रष्टाचार की आशंका भी जता रहे हैं और पूरे काम की जांच की मांग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायत भी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इस पूरे मामले में जब प्रधानमंत्री सड़क निर्माण विभाग के जीएम से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फिलहाल व्यस्तता का हवाला देते हुए बाद में बात करने की बात कही। इधर ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं हुई, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल लोग इसी उम्मीद में हैं कि उनकी आवाज प्रशासन तक पहुंचे और जल्द कुछ राहत मिले।
